Friday, January 28, 2022

बिहार: मुख्य सड़क के क़रीब बसे इस टापूनुमा गाँव को नाव तक नसीब नहीं

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Tanzil Asif
Tanzil Asif is a multimedia journalist-cum-entrepreneur. He is the founder and the CEO of Main Media. He occasionally writes stories from Seemanchal for other publications as well. Hence, he has bylines in The Wire, The Quint, Outlook Magazine, Two Circles, the Milli Gazette etc. He is also a Josh Talks speaker, an Engineer and a part-time poet.

बिहार में बाढ़ अभी नहीं आयी है। लेकिन, बारिश के पानी से ही जगह-जगह बाढ़ जैसे हालात हैं। ये पूर्णिया ज़िले में नेशनल हाईवे से कुछ ही दूर स्थित एक गाँव है। लगभग 200 परिवारों की ये बस्ती ज़िले के एक मुख्य मार्ग बायसी-अमौर सड़क पर स्थित है। गाँव का नाम बजरडीह है और मोहल्ले को लोग शर्मा टोली कहते हैं। पंचायत का नाम आसजा मोबैया है और ये पूर्णिया के बायसी ब्लॉक का हिस्सा है।

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ग्रामीण बताते हैं,

80 के दशक में जब इनका गाँव सैलाब में डूब गया, तो इन्हें रोड के दूसरी तरफ़ बसाया गया। धीरे धीरे परिवार बढ़े, घरों की संख्या बढ़ी, लेकिन सरकार ने गाँव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए एक अदद सड़क नहीं बनायी।

जब सड़क नहीं बनी, तो गाँव टापूनुमा बन कर रह गया है। हमें डर है, कहीं सरकार ने बजरडीह को पानी के बीच बसा Italy का शहर Venice समझ कर इस हालत में न छोड़ दिया हो।”

No road no boat for island village in Bihar

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घरों से सड़क तक आने के लिए ग्रामीण के पास नाव तक नहीं है। प्रत्येक परिवार ने थर्मोकॉल के सहारे जुगाड़ से एक-एक नाव बनायी है। आम बोलचाल में इसे ‘भूरा’ कहते हैं।

No road no boat for island village in Bihar

लेकिन ‘भूरा’ नाव से कहीं ज़्यादा खतरनाक है। कुछ साल पहले गाँव के कुछ बच्चे ऐसे ही पानी पार करते हुए डूब कर मर गए थे। परिवार ने चचरी पल बनाने की ठानी। सिलसिला चल पड़ा तो, जिनके घर सड़क के क़रीब थे, वो अपने निजी इस्तेमाल के लिए चचरी बनाने लगे।

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