Friday, August 19, 2022
- Advertisement -spot_img

CATEGORY

Investigation

स्कूलों में शुक्रवार को छुट्टी: आधी हकीकत, आधा फसाना

कुछ दिन पहले सीमांचल के कुछ सरकारी स्कूलों में साप्ताहिक अवकाश रविवार की जगह शुक्रवार को देने को लेकर काफी विवाद हुआ। भाजपा नेताओं...

स्मार्ट मीटर बना साइबर ठगों के लिए ठगी का नया औजार

बढ़ती महंगाई के बीच एक तरफ लोग जहाँ स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर अधिक बिल आने से परेशान हैं, तो वहीं दूसरी तरफ साइबर क्राइम...

अररिया में हिरासत में मौतें, न्याय के इंतजार में पथराई आंखें

बिहार के अररिया ज़िले में पिछले दो सालों में पुलिस हिरासत में लगभग आधा दर्जन मौत या विचाराधीन कैदियों के अस्पताल में इलाज के...

क्या अग्निपथ प्रदर्शन में जलाया गया बुलडोज़र?

India Today ग्रुप की बिहार केंद्रित डिजिटल चैनल 'बिहार तक' ने अपने YouTube चैनल पर 16 जून को बिहार के पूर्णिया ज़िले से एक...

Watch: सचिव और मुखिया की मिलीभगत से पंचायत में लाखों का घोटाला

नाला निर्माण के लिए आवंटित 4,97,900 रुपये में से 3,25,000 रुपये की निकासी हो गई, नाला गायब है। सड़़क निर्माण के लिए आवंटित 3,21,200...
00:15:06

कटिहार में 16 साल की लड़की से ‘गैंगरेप’ और हत्या का सच क्या है?

बिहार के कटिहार जिले की एक 16 वर्षीय लड़की की कथित अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मामला इन दिनों सीमांचल में तूल पकड़ने लगा...

अभियान किताब दान: पूर्णिया में गांव गांव लाइब्रेरी की हकीकत क्या है?

अभियान किताब दान। बिहार के सीमांचल के पूर्णिया जिले के डीएम राहुल कुमार की पहल पर शुरू हुए इस अभियान के बारे में आपने...

Exclusive: पुणे हादसा पर बिहारी मजदूरों ने किया सनसनीखेज खुलासा

महाराष्ट्र के पुणे के यरवदा में तीन फरवरी की रात एक कंस्ट्रक्शन साइट पर स्लैब गिरने से बिहार के कटिहार जिले के पांच मजदूरों की मौत के मामले में वहां काम करने वाले मजदूरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पांचों शव के साथ लौटे मजदूरों ने कहा है कि साइट पर कोई इंजीनियर नहीं रहता था और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम था। मजदूरों का ये भी कहना है कि साइट पर एक दिन पहले भी हादसा हुआ था इसके बावजूद मजदूरों से काम कराया गया।

लेटलतीफी से अररिया-गलगलिया रेल प्रोजेक्ट की लागत में चार गुना उछाल

उत्तर-पूर्वी बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर बंगाल से लेकर सुदूर पूर्वोत्तर भारत के लिए वैकल्पिक रेल रूट के रूप में अररिया- गलगलिया (ठाकुरगंज) रेल लाइन को विकसित किया जाना था, लेकिन इस प्रोजेक्ट का काम इतना धीमा है कि 14 साल में भी संतोषजनक काम नहीं हुआ है। अलबत्ता, इस प्रोजेक्ट की लागत में चार गुना इजाफा जरूर हो गया है।

ट्रक में तहखाना, 200 Km के एक लाख रुपए – Seemanchal से Northeast में गांजे की तस्करी का नेटवर्क

पिछले साल नवम्बर में किशनगंज की पुलिस ने छापेमारी कर लगभग 600 किलोग्राम गांजे की खेप पकड़ी थी। मामले की जांच शुरू हुई, तो इसका नेटवर्क कटिहार जिले से भी जुड़ा था।

Latest news

- Advertisement -spot_img