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बिहार जातीय गणना में मुस्लिम ‘कलाल-एराकी’ व ‘कसेरा-ठठेरा’ जातियों को ‘बनिया’ में गिने जाने से चिंता बढ़ी

बिहार में 75 फीसदी आरक्षण संबंधी विधेयक पर राज्यपाल की लगी मुहर

अनुसूचित जाति की तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाले मुसहर सबसे पिछड़े क्यों हैं?

Bihar Caste Census की अन्य ख़बरें

बिहार की मुस्लिम जातियां: पलायन में मलिक व सुरजापुरी आगे, सरकारी नौकरी में भंगी व सैयद, शेरशाहबादी कई पैमानों पर पीछे

जनसंख्या के हिसाब से बात करें तो बिहार में मुसलमानों की सबसे बड़ी जाति शेख है। इसकी आबादी करीब 50 लाख है, जो राज्य की कुल आबादी का 3.8% है। दूसरे नंबर पर मोमिन अंसारी जाति है, जिसकी आबादी करीब 46 लाख यानी 3.5% है, उसके बाद सुरजापुरी मुस्लिम हैं, जिनकी आबादी करीब साढ़े 24 लाख यानी 1.87% है, धुनिया की आबादी करीब 18 लाख है और लगभग इतनी ही आबादी राईन या कुंजरा की है।

“दलित-पिछड़ा एक समान, हिंदू हो या मुसलमान”- पसमांदा मुस्लिम महाज़ अध्यक्ष अली अनवर का इंटरव्यू

अली अनवर अंसारी करीब 25 सालों से मुस्लिम समाज की पिछड़ी जातियों को उनका हक़ दिलाने की क़वाइद कर रहे हैं। अली अनवर ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज़ के अध्यक्ष हैं और 2006 से 2017 के बीच राज्यसभा के सदस्य रहे हैं।

बिहार जाति गणना में सुरजापुरी मुस्लिम की आबादी कम बताई गई है: किशनगंज सांसद

किशनगंज सांसद ने बिहार आरक्षण संशोधन विधेयक के पास होने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी और इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "हम पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसचित जाति, अनुसूचित जन जाति को मिलाकर 65% आरक्षण देने के साथ साथ सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमज़ोर को 10% देने के फैसले का वह समर्थन करते हैं"।

बिहार आरक्षण संशोधन विधेयक सदन में पास, अब 75 फीसद होगा आरक्षण

नए विधेयक के अन्तर्गत पिछड़ा वर्ग को 18%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग को 25%, अनुसूचित जाति को 20%, अनुसूचित जनजाति को 2% और ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण का लाभ मिलेगा।

बिहार में प्रजनन दर, आरक्षण और 94 लाख गरीब परिवारों पर सदन में क्या बोले नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने राज्य में आरक्षण का दायरा 50% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण 16 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत होना चाहिए। वहीं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 30 की जगह 43 प्रतिशत देने का प्रस्ताव रखा। अनुसूचित जनजाति के लिए 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया जो पहले 1 प्रतिशत था।

नीतीश सरकार 94 लाख गरीब परिवारों को देगी दो-दो लाख रुपये, आवास के लिए सहायता राशि भी बढ़ाएगी

संबोधन के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि 63 हजार गरीब परिवार, जिनके पास आवास नहीं है, उनको सरकार आवास की सुविधा उपलब्ध करायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को सरकार द्वारा जमीन खरीदने और घर बनाने के लिए दी जानेवाली सहायता राशि को बढ़ाया जायेगा।

बिहार जातीय गणना रिपोर्टः सरकारी नौकरियों में कायस्थ सबसे अधिक, राज्य में सिर्फ 7 फीसद लोग ग्रेजुएट

सामान्य वर्ग के 25.09% परिवार गरीबी में जीवन बसर कर रहे हैं। वहीं पिछड़ा वर्ग के 33.16%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के 33.58%, अनुसूचित जाति 42.93%, अनुसूचित जनजाति के 42.70% और अन्य जातियों के 23.72% परिवार गरीबी में जीवन गुजार रहे हैं।

नीतीश से मिलकर सांसद जावेद व इलाके के विधायक बोले- सुरजापुरी को मिले ईबीसी आरक्षण

प्रेस कांफ्रेंस में सांसद जावेद आजाद ने कहा कि उनलोगों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आवेदन देकर सुरजापुरी मुस्लिमों को ईबीसी आरक्षण में शामिल करने और साथ साथ केंद्र सरकार की सेंट्रल ओबीसी लिस्ट में भी सुरजापुरी मुस्लिमों को जोड़ने की मांग की।

मंगलवार को बिहार विधानसभा के पटल पर रखी जायेगी जाति गणना की पूरी रिपोर्ट

बातचीत के दौरान मंत्री विजय चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि कल मुजफ्परपुर में अमित शाह ने जो कहा वह किस आंकड़े के आधार पर कहा, यह बात समझ से परे है।

सुरजापुरी मुसलमानों को अत्यंत पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाये: सांसद डॉ. जावेद

डॉ. जावेद ने कहा कि जाति आधारित जनगणना ने साफ कर दिया है कि राज्य में पिछड़े लोगों की आबादी सबसे अधिक है और वह सुरजापुरी मुसलमानों को पिछड़ा वर्ग का आरक्षण दिलाने को लेकर बहुत पहले से प्रयासरत हैं।

बिहार विधानसभा व कैबिनेट में किन जातियों को कितना प्रतिनिधित्व मिला है? 

बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से 38 सीटें ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, जो कुल सीटों का 15.5 प्रतिशत है। हालांकि अनुसूचित जाति की आबादी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 19.65 प्रतिशत है। वहीं, अनुसूचित जनजाति के लिए कुल दो सीटें आरक्षित हैं, जो कुल सीटों का 0.82 प्रतिशत है, जबकि उनकी कुल आबादी 1.68 प्रतिशत है। 

‘सरकार को निर्णय लेने से नहीं रोक सकते’: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार द्वारा जाति सर्वेक्षण के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह राज्य सरकार या किसी भी सरकार को निर्णय लेने से नहीं रोक सकता। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एस.वी.एन. भट्टी की पीठ ने यह भी कहा कि मामले की विस्तृत सुनवाई […]

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