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सुपौल पुल हादसे पर ग्राउंड रिपोर्ट – ‘पलटू राम का पुल भी पलट रहा है’

मामले को लेकर सुपौल की जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि इस घटना में जितने भी लोग प्रभावित थे वे सभी सुरक्षित हैं, सिर्फ एक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि अभी इस मलबे के अंदर कोई भी दबा हुआ नहीं है।

Sarfaraz Alam Reported By Sarfraz Alam |
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बिहार के सुपौल जिले में कोसी नदी पर बन रहे भेजा-बकौर पुल का एक बड़ा हिस्सा शुक्रवार को टूट कर नीचे गिर गया। इस हादसे में किशनपुर की मौजहा पंचायत वार्ड नंबर 13 के विपिन यादव की मौत हो गई। वहीं, नौ लोग इस हादसे में घायल हो गए।

आपको बता दें कि सुपौल में बन रहे देश के सबसे लंबे पुल के निर्माण में सेगमेंट चढ़ाने के दौरान यह हादसा हुआ। निर्माणाधीन हाई लेवल ब्रिज के दो पिलर के बीच 15 सेगमेंट लगाये जाने थे। रात भर चले काम के दौरान 14 सेगमेंट लगा दिये गये थे। अंतिम सेगमेंट लगाने के दौरान एक झटके में पूरा स्ट्रक्चर गिर गया। घटना शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे की बताई जा रही है। स्थानीय ग्रामीण विनोद यादव बताते हैं कि इस घटना में सरकार के साथ निर्माण कर रही एजेंसी की भी लापरवाही है।

घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद अकबर बताते हैं कि जैसे ही पुल गिरा, लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। उन्होंने कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला जिसमें से एक विपिन यादव की हालत काफी नाजुक थी। गोद में उठाकर उन्हें एंबुलेंस तक लाया गया, लेकिन तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया।


स्थानीय लोगों की मानें तो मलबे के अंदर और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है। स्थानीय महिला ने बताया कि सरकार ने घोषणा की है कि हादसे में एक आदमी की मौत हुई है, लेकिन एसा लगता है कि वहां और लोग भी फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर ठेकेदार और इंजीनियर ठीक से काम करता तो यह घटना नहीं होती।

शनिवार को घटनास्थल पर कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण के वक्त ऐसा हादसा हो रहा है तो आगे जब पुल बनकर तैयार हो जाएगा तो ना जाने क्या स्थिति होगी। ग्रामीणों की शिकायत पर रंजीत रंजन ने कहा कि जब तक पूरे मलबे को नहीं हटाया जाएगा तब तक यह स्पष्ट नहीं हो सकेगा कि मलबे के अंदर कोई दबा हुआ है या नहीं।

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मामले को लेकर सुपौल की जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि इस घटना में जितने भी लोग प्रभावित थे वे सभी सुरक्षित हैं, सिर्फ एक की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि अभी इस मलबे के अंदर कोई भी दबा हुआ नहीं है।

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एमएचएम कॉलेज सहरसा से बीए पढ़ा हुआ हूं। फ्रीलांसर के तौर पर सहरसा से ग्राउंड स्टोरी करता हूं।

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