Monday, May 16, 2022
- Advertisement -spot_img

CATEGORY

Ground Report

अभियान किताब दान: पूर्णिया में गांव गांव लाइब्रेरी की हकीकत क्या है?

अभियान किताब दान। बिहार के सीमांचल के पूर्णिया जिले के डीएम राहुल कुमार की पहल पर शुरू हुए इस अभियान के बारे में आपने...

Hyderabad में जहां Seemanchal के मजदूर मरे, वहां से ग्राउंड रिपोर्ट

हैदराबाद के भोईगुड़ा में 23 मार्च को जिस कबाड़ गोदाम में भीषण आग लगने से बिहार के कटिहार जिले के तीन व सारण जिले के 8 प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई थी, वही गोदाम मजदूरों का ठिकाना भी था।

कटिहार: एक छोटी ग्रामीण सड़क के लिए इतनी जद्दोजहद, हाय रे विकास

कटिहार जिले के कदवा प्रखंड के खाड़ी अलहंडा गांव के लोग गांव तक जाने वाली कच्ची सड़क को पक्का करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं।

किसकी लापरवाही से मासूम की कब्रगाह बन गया सड़क के लिए खोदा गया गड्ढा?

कटिहार जिले के आजमनगर प्रखंड की अरिहाना पंचायत के मरंगी टोले में सड़क पर मिट्टी डालने के लिए किये गये गड्ढे में गिरने से 8 साल के एक बच्चे इमरान की मौत की घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने कहा है कि गड्ढे को लेकर उन्होंने पहले ही आगाह किया था।

Exclusive: पुणे हादसा पर बिहारी मजदूरों ने किया सनसनीखेज खुलासा

महाराष्ट्र के पुणे के यरवदा में तीन फरवरी की रात एक कंस्ट्रक्शन साइट पर स्लैब गिरने से बिहार के कटिहार जिले के पांच मजदूरों की मौत के मामले में वहां काम करने वाले मजदूरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पांचों शव के साथ लौटे मजदूरों ने कहा है कि साइट पर कोई इंजीनियर नहीं रहता था और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम था। मजदूरों का ये भी कहना है कि साइट पर एक दिन पहले भी हादसा हुआ था इसके बावजूद मजदूरों से काम कराया गया।

WATCH: स्लैब में बिहारी मजदूर ही नहीं, उनके परिवारों के सपने भी दब गये

ताजीब आलम, मोहम्मद मोबिद, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद शमीम। ये चार नाम उन मजदूरों के हैं, जो अपने परिवार के सदस्यों की जिंदगी थोड़ी बेहतर बनाने या यूं कह लीजिए कि जीने लायक बनाने के लिए अपने घर से 2000 किलोमीटर दूर पुणे गये थे। उनके परिवार के लोग इस उम्मीद में थे कि वहां से नियमित पैसा आएगा, तो यहां सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि पैसे की जगह उनकी मौत की खबर आएगी।

EXCLUSIVE: बिजली बिल में लाखों का घोटाला! 1800 से ज़्यादा उपभोक्ता परेशान

धोखाधड़ी के बाद नहीं आ रहा मीटर रीडर, बिल के लिए लोग परेशान

सीमांचल में बढ़ रहा हाथियों का उत्पात, घरों और फसलों को पहुंचा रहे नुकसान

किशनगंज में हाथियों का उत्पात जारी है। सोमवार की अहले सुबह हाथियों के झुंड ने जिले की दिघलबैंक पंचायत अंतर्गत रामपुर काॅलोनी बस्ती में उत्पात मचाया। हाथियों ने रामपुर काॅलोनी के लखीराम सोरेन, बुध रॉय, राजू दास, लक्ष्मी देवी सहित कुल छह परिवारों के कच्चे घरों को तोड़ दिया है जबकि घर अंदर रखा अनाज जिसमें चावल, धान, सब्जी आदि को बर्बाद कर दिया। हाथियों ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया।

ग्राउंड रिपोर्ट: तो क्या अब खाद के लिए मरेंगे बिहार के किसान?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि साल 2022 तक देश के किसानों की कमाई दोगुनी हो जाएगी, लेकिन अब खेती के लिए सबसे जरूरी चीज खाद खरीदना ही किसानों के लिए एक जंग बन गया है।

Watch: डर के साये में जी रही 5 वर्षीय रेप सर्वाइवर

पांच साल की निशा (बदला हुआ नाम) की अभी खिलौनों से खेलने, खिलखिलाने की उम्र थी, लेकिन उसके चेहरे पर पिछले 12 दिनों से...

Latest news

- Advertisement -spot_img