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बारसोई में ईंट भट्ठा के प्रदूषण से ग्रामीण परेशान

बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2023: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सरकार कितनी छूट देगी, जान लीजिए

बारिश ने बढ़ाई ठंड, खराब मौसम को लेकर अगले तीन दिनों के लिये अलर्ट जारी

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पूर्णिया : महानंदा नदी के कटाव से सहमे लोग, प्रशासन से कर रहे रोकथाम की मांग

महादलित बिनटोला में रह रहे कई परिवार लगातार हो रहे कटाव से चिंतित हैं। एक स्थानीय युवक ने बताया कि एक-डेढ़ महीने पहले अंचलाधिकारी ने कटावस्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा था कि जल्द ही इसकी रोकथाम को लेकर काम शुरू किया जायेगा, लेकिन इतने दिन गुज़रने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।

बूढी काकी नदी में दिखा डालफिन

पिछले दो दिनों से सीमावर्ती क्षेत्र सहित नेपाल में कनकई नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के बाद बूढ़ी कनकई नदी में पानी बढ़ा तो धनतोला पंचायत के बिहारटोला बूढ़ी कनकई नदी में डॉल्फिन अठखेलियां करता देखा गया।

‘हमारी किस्मत हराएल कोसी धार में, हम त मारे छी मुक्का आपन कपार में’

कोसी बराज से 4 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण व्यथा का यह गीत लोगों की जुबां पर फिर से आ गया है। बराज से पानी छोड़े जाने से कोसी दियारा क्षेत्र में बाढ़ की प्रबल आशंका बन गई है। कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

कटिहार के कदवा में महानंदा नदी में समाया कई परिवारों का आशियाना

कटिहार जिले के कदवा प्रखंड में महानंदा नदी हर साल की तरह इस साल भी धीरे धीरे विकराल रूप धारण कर रही है। निचले क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से प्रखंड की कई पंचायतों में भय का माहौल है। कुछ क्षेत्रों में कटाव तेजी से हो रहा है।

डूबता बचपन-बढ़ता पानी, हर साल सीमांचल की यही कहानी

पूरे सीमांचल सहित अररिया में बरसात के दिनों में नदियां उफनने लगती हैं, जिसके परिणामस्वरूप नदी के आसपास के इलाके व निचले इलाकों के रिहायशी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी आ जाता है। अररिया के कोशकीपुर, झमटा, महिषाकोल सहित कई इलाकों में बाढ़ के पानी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है।

Bihar Floods: सड़क कटने से परेशान, रस्सी के सहारे बायसी

बायसी प्रखंड की सुगवा महानन्दपुर पंचायत अंतर्गत झौंवाटोली-चटांगी गाँव में मुख्य सड़क कट गयी है। चटांगी से डंगरा जाने वाली इस सड़क से रोज़ाना हज़ारों लोग आते-जाते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि शुक्रवार शाम से पानी सड़क पर बहना शुरू हुआ, शनिवार की सुबह रोड कट गया।

भारी बारिश से अररिया नगर परिषद में जनजीवन अस्त व्यस्त

सीमांचल सहित नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अररिया जिले से होकर गुजरने वाली परमान नदी उफान पर है।

जलवायु परिवर्तन से सीमांचल के जिले सबसे अधिक प्रभावित क्यों

बिहार में जलवायु परिवर्तन से सबसे असुरक्षित जिलों की सूची में सीमांचल का किशनगंज पहले पायदान पर रहा जबकि दूसरे स्थान पर कटिहार जिला रहा। चौथा स्थान पूर्णिया को मिला, वहीं, अररिया 7वां सबसे असुरक्षित जिला बताया गया है।

सीमांचल में हीट वेव का प्रकोप, मौसम विभाग की चेतावनी

बिहार के उत्तरी जिलों में अगले पांच दिनों तक गर्म लहर के चरम पर रहने का अनुमान है। पिछले चार दिनों से बिहार के 8 जिलों में हीट वेव का प्रकोप देखने को मिल रहा है। 

पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जाँच केन्द्र का आदेश महज दिखावा

बीते सप्ताह बिहार के सभी जिलों में विशेष वाहन जाँच अभियान चलाया गया। अभियान में वाहनों के प्रदूषण की जाँच के अलावा फिटनेस, इन्श्योरेंस, परमिट और सार्वजनिक परिवहन वाहनों में आपातकालीन बटन की जाँच की गई।

सुपौल शहर की गजना नदी अपने अस्तित्व की तलाश में

सुपौल शहर के बीचों-बीच गजना नदी बहती है। शहर के बीएसएस कॉलेज के पश्चिमी छोर से लेकर बकौर तक बहने वाली गजना धार कोशी की सहायक नदियों में एक है। जल्द ही प्रशासनिक उपेक्षा और भू माफियाओं की वजह से यह नदी अपने अस्तित्व की तलाश में रहेगा। शुरुआत में शहर के लोगों ने नदी को नाले में तब्दील किया और अब तेजी से धार के बीचोंबीच घर बनाए जा रहे हैं।

महानंदा बेसिन की नदियों पर तटबंध के खिलाफ क्यों हैं स्थानीय लोग

सीमांचल और पूर्वोत्तर बिहार को बाढ़ के बचाने के मक़सद से सरकार महानंदा बेसिन की नदियों पर 1200 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाने की तैयारी कर रही है।

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