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सीमांचल में हीट वेव का प्रकोप, मौसम विभाग की चेतावनी

बिहार के उत्तरी जिलों में अगले पांच दिनों तक गर्म लहर के चरम पर रहने का अनुमान है। पिछले चार दिनों से बिहार के 8 जिलों में हीट वेव का प्रकोप देखने को मिल रहा है। 

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
Published On :
North India

रविवार को केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय व मौसम विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में तीव्र हीट वेव की चेतावनी दी है। बिहार के उत्तरी जिलों में अगले पांच दिनों तक गर्म लहर के चरम पर रहने का अनुमान है। पिछले चार दिनों से बिहार के 8 जिलों में हीट वेव का प्रकोप देखने को मिल रहा है।


 

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इन शहरों में सुपौल, अररिया, पूर्णया, कटिहार, खगड़िया, बांका, मोतिहारी, और भागलपुर शामिल हैं। ग़ौरतलब है कि 8 में से 3 जिले सीमांचल के हैं। इन 8 जिलों में 2 जिले ऐसे हैं, जहां पिछले दो दिनों से ‘तीव्र’ हीट वेव रिकॉर्ड किया गया है। ये दो जिले पूर्णिया और अररिया हैं।


 

मौसम विभाग की मानें, तो अगले 5 जून से 8 जून तक सीमांचल सहित पूरे बिहार में गर्मी की शिद्दत और तेज़ हो सकती है। इन पूर्वानुमानों के अनुसार बिहार के कई जिलों में दिन के समय पारा 3 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है। हीट वेव की मार झेल रहे जिले सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

सीमांचल के सभी जिले 40 डिग्री के पार

3 जून को मौसम विभाग द्वारा रिकॉर्ड किये गए तापमान के आंकड़ों के अनुसार बीते शनिवार को पूर्णिया में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अररिया में 40,6 जबकि कटिहार में पारा 40.9 डिग्री सेल्सियस पर रहा। तीनों जिले हीट वेव की मार झेल रहे हैं। किशनगंज में अब तक हीट वेव रिकॉर्ड नहीं किया गया है, लेकिन यहाँ पिछले दो दिनों से लगातार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को छू रहा है । 3 जून को किशनगंज का अधिकतम पारा 40.0 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

 

मौसम विभाग ने दिन के समय लोगों को बिना ज़रूरत के घर से बाहर न जाने की सलाह दी है। दिन मे 11 बजे से 4 बजे तक गर्मी की लहर सबसे अधिक होने का अनुमान है।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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