Tuesday, May 17, 2022
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Exclusive: पुणे हादसा पर बिहारी मजदूरों ने किया सनसनीखेज खुलासा

महाराष्ट्र के पुणे के यरवदा में तीन फरवरी की रात एक कंस्ट्रक्शन साइट पर स्लैब गिरने से बिहार के कटिहार जिले के पांच मजदूरों की मौत के मामले में वहां काम करने वाले मजदूरों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पांचों शव के साथ लौटे मजदूरों ने कहा है कि साइट पर कोई इंजीनियर नहीं रहता था और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम था। मजदूरों का ये भी कहना है कि साइट पर एक दिन पहले भी हादसा हुआ था इसके बावजूद मजदूरों से काम कराया गया।

WATCH: स्लैब में बिहारी मजदूर ही नहीं, उनके परिवारों के सपने भी दब गये

ताजीब आलम, मोहम्मद मोबिद, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद शमीम। ये चार नाम उन मजदूरों के हैं, जो अपने परिवार के सदस्यों की जिंदगी थोड़ी बेहतर बनाने या यूं कह लीजिए कि जीने लायक बनाने के लिए अपने घर से 2000 किलोमीटर दूर पुणे गये थे। उनके परिवार के लोग इस उम्मीद में थे कि वहां से नियमित पैसा आएगा, तो यहां सबकुछ ठीक हो जाएगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि पैसे की जगह उनकी मौत की खबर आएगी।

Pune में स्लैब गिरने से Katihar के पांच मजदूरों की मौत

महाराष्ट्र के पुणे स्थित यरवदा इलाके के शास्त्रीनगर में गुरुवार की देर रात एक बड़े हादसे में कटिहार के पांच मजदूरों की मौत हो गई।

कश्मीर में मजदूरों की हत्या: बेहतर जिंदगी, मकान का सपना रह गया अधूरा

महादलित समुदाय से आने वाले अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बौसी के रहने वाले राजा की सरकारी उम्र 14 साल ही थी, लेकिन उनके रिश्तेदार उसकी उम्र 18-19 साल बताते हैं। मगर उसकी समझदारी बताती है कि वह 18-19 का ही रहा होगा, तभी तो वह रोटी, कपड़ा और मकान की चिंता में घुलता रहता था। वह झोपड़ी में नहीं रहना चाहता था। वो एक ठोस मकान बनाना चाहता था, इसलिए अच्छी कमाई की चाहत उसे घर से 2000 किलोमीटर दूर कश्मीर ले गई थी। वहां 17 अक्टूबर को चरमपंथियों ने उसकी हत्या कर दी।

अररिया का मज़दूर जम्मू से लापता, पुलिस का चक्कर लगा रहे पिता

अररिया जिले के नगर थाना क्षेत्र की कमलदाहा पंचायत का निवासी 23 वर्षीय मो. अब्बास अपने पिता और बड़े भाई के साथ दो महीने पहले कश्मीर गया था। 15 अक्टूबर को तीनों गांव लौट रहे थे, तभी जम्मू स्टेशन पर अब्बास लापता हो गया।

अररिया: मजदूरी करने गये थे जम्मू-कश्मीर, अब परिवार को लाश का इंतजार

पिछले 16 दिनों में गैर-कश्मीरी नागरिकों पर हमले की ये तीसरी वारदात थी। इससे पहले 5 अक्टूबर को बिहार के भागलपुर के रहने वाले एक व्यक्ति को गोली मार दी गई थी। वे श्रीनगर में गोलगप्पा बेचते थे। इसके बाद 16 अक्टूबर की शाम अलग-अगल जगहों पर आतंकियों ने बिहार के बांका और उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो व्यक्तियों की हत्या कर दी थी।

जिस गाँव से मोदी ने रोज़गार योजना शुरू की, वहाँ के ज़्यादातर मज़दूर पलायन कर गए

PM मोदी ने बिहार के जिस गाँव से गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की थी, वहाँ के ज़्यादातर मज़दूर वापस पलायन कर चुके हैं। CM नीतीश ने जिस मज़दूर से 24 मई को बात की थी, वो आज तक बेरोज़गार है।

अरबिना खातून के परिवार को राजद ने किया 5 लाख का आर्थिक मदद

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मामले पर संज्ञान लेते हुए तुरंत आर्थिक मदद देने का ऐलान करने के बाद कटिहार के राजद नेताओं ने पीड़िता के घर पहुंचकर नकद 5 लाख रुपये दिये हैं।

लुधियाना से वापस आ रही 45 वर्षीय उषा देवी की श्रमिक स्पेशल ट्रेन में मौत

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मौत के मामले थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला अररिया रेलवे स्टेशन का है, जहां श्रमिक एक्सप्रेस से एक महिला के शव को उतारा गया है।

22 वर्षीय अरबिना को छोड़ गया था पति, माँ-बाप और बच्चों के लिए करती थी मज़दूरी

गुजरात से चल कर मुज़फ़्फ़रपुर पहुंचने वाली श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला प्रवासी मज़दूर का शव मिला। मामले से सम्बंधित एक वीडियो सोशल साइट्स पर तेजी के साथ वायरल हो गया - प्लेटफार्म पर शव को यूँ ही रख दिया गया है और मासूम बेटा हक़ीकत से बेखबर अपने माँ के शव को ढके चादर से खेल रहा है।

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