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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

किशनगंज : बिशनपुर हत्याकांड का पर्दाफाश, पत्नी पर हत्या का आरोप

बिहार की किशनगंज पुलिस ने बिशनपुर थाना क्षेत्र में 42 वर्षीय रिजवान आलम की हत्या के मामले को सुलझाने का दावा किया है। हत्याकांड के 36 घंटों के भीतर पुलिस ने उद्भेदन करते…

अब ऐसे होगी बिहार विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती

असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में राज्य सरकार की लागू आरक्षण नीति का पूरी तरह पालन किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग चयनित उम्मीदवारों की सूची उच्च…

देशभर में जनसंख्या बदलावों का होगा अध्ययन, अमित शाह से मिली हाई लेवल कमेटी

देश में जनसंख्या के स्वरूप में हो रहे बदलावों का अध्ययन करने के लिए गठित की गई कमेटी ने बुधवार को केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। गृह मंत्री…

बिहार में ₹499 करोड़ की मंसी–सहरसा रेल दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी, बढ़ेगी रेल क्षमता

भारतीय रेलवे ने बिहार में 44.40 किलोमीटर लंबे मंसी–सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। करीब 499 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से इस रेल मार्ग की क्षमता को…

दर्द, मोहब्बत और सादगी के शायर बशीर बद्र की बिहार वाली दास्तान

बारिश में भीगती भीड़, रातभर गूंजते शेर और लाखों दिलों की आवाज़ बने बशीर बद्र। बिहार के मुशायरों के ‘सुपरस्टार शायर’ को श्रद्धांजलि और उनकी यादगार दास्तान।

मेरिट लिस्ट में नाम, फिर भी दाख़िला नहीं: पटना विश्वविद्यालय में पीएचडी अभ्यर्थियों का संघर्ष

पटना विश्विद्यालय ने स्टूडेंट्स को पीएचडी में अड्मिशन देने की बात कहकर लिस्ट निकाली और फिर क़ानून के ख़िलाफ़ जाकर वादे से फिर गई । स्टूडेंट्स ने कर दिया भूख हड़ताल

सोलर आधारित कृषि में क्यों पिछड़ा है बिहार का सीमांचल?

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के नवम्बर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कुल 435.34 मेगावाट सोलर ऊर्जा उत्पन्न हो रहा है, जो देश के कुल सोलर ऊर्जा उत्पादन का सिर्फ…

बिहार चुनाव 2025 में किशनगंज के जेन-ज़ी वोटर किन मुद्दों पर करेंगे वोट

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीमांचल के जिलों में एनडीए और महागठबंधन के साथ-साथ जन सुराज और एआईएमआईएम समेत कई दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं।

बिहार कैबिनेट बैठक: सहरसा एयरपोर्ट, स्टूडेंट क्रेडिट, शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज़ पर लिए गए बड़े फैसले

सहरसा हवाई अड्डे के रनवे को बढ़ाने के लिए भी जमीन ली जाएगी। इसके लिए 12 एकड़ से अधिक अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण होगा और लगभग 147.76 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में…

आत्या पात्या: बिहार में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा प्राचीन भारतीय खेल

बिहार आत्या पात्या फेडरेशन के पास मैदान के साथ साथ पैसों की भारी कमी है। बिहार की टीम लगातार देश में टॉप 8 टीमों में शामिल है लेकिन फेडरेशन के पास ट्रेन के…

बिहार में हॉकी की तस्वीर बदलने को तैयार सीमांचल की बेटियाँ

युवा महिला हॉकी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए बने पूर्णिया एकलव्य केंद्र को 1 जनवरी 2025 को राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट कर दिया गया। कई खिलाड़ी वहां चली गईं, लेकिन कुछ को…

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

करीब तीन महीने पहले ही बस स्टैंड से निकलने वाली अप्रोच रोड का निर्माण किया गया था, लेकिन फ्लाईओवर से जुड़ती हुई सड़क का एक हिस्सा अधूरा रह गया। यह अधूरा हिस्सा अब…

कटिहार और किशनगंज में नये मेडिकल कॉलेज को मिली कैबिनेट से मंजूरी

बिहार के सीमांचल क्षेत्र में दो नये सरकारी मेडिकल कॉलेज को मंज़ूरी मिल गई है। बिहार सरकार के मंत्रीपरिषद् की बैठक में किशनगंज और कटिहार में नये मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की स्थापना…

सीमांचल के साबिर को मिला United Kingdom का प्रतिष्ठित Chevening Scholarship

2025/26 सत्र के लिए कुल 102,274 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था। इंटरव्यू की प्रक्रिया के बाद 1000 लोगों का चयन हुआ जिसमें से एक कटिहार के मोहम्मद साबिर आलम भी हैं।

हालामाला एस्टेट: जर्जर इमारत में छुपी किशनगंज के 150 वर्ष पुराने एस्टेट की कहानी

हालामाला में एस्टेट की निशानी के तौर पर कुछ पुराने कुएं और एक जर्जर सी इमारत है। इमारत का आधे से अधिक भाग ख़त्म हो चुका है जहां आज ज़मींदारों के वंशज ने…

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बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

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किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क