नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के नवम्बर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कुल 435.34 मेगावाट सोलर ऊर्जा उत्पन्न हो रहा है, जो देश के कुल सोलर ऊर्जा उत्पादन का सिर्फ…
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीमांचल के जिलों में एनडीए और महागठबंधन के साथ-साथ जन सुराज और एआईएमआईएम समेत कई दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं।
सहरसा हवाई अड्डे के रनवे को बढ़ाने के लिए भी जमीन ली जाएगी। इसके लिए 12 एकड़ से अधिक अतिरिक्त जमीन का अधिग्रहण होगा और लगभग 147.76 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में…
बिहार आत्या पात्या फेडरेशन के पास मैदान के साथ साथ पैसों की भारी कमी है। बिहार की टीम लगातार देश में टॉप 8 टीमों में शामिल है लेकिन फेडरेशन के पास ट्रेन के…
युवा महिला हॉकी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए बने पूर्णिया एकलव्य केंद्र को 1 जनवरी 2025 को राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट कर दिया गया। कई खिलाड़ी वहां चली गईं, लेकिन कुछ को…
करीब तीन महीने पहले ही बस स्टैंड से निकलने वाली अप्रोच रोड का निर्माण किया गया था, लेकिन फ्लाईओवर से जुड़ती हुई सड़क का एक हिस्सा अधूरा रह गया। यह अधूरा हिस्सा अब…
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में दो नये सरकारी मेडिकल कॉलेज को मंज़ूरी मिल गई है। बिहार सरकार के मंत्रीपरिषद् की बैठक में किशनगंज और कटिहार में नये मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की स्थापना…
2025/26 सत्र के लिए कुल 102,274 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था। इंटरव्यू की प्रक्रिया के बाद 1000 लोगों का चयन हुआ जिसमें से एक कटिहार के मोहम्मद साबिर आलम भी हैं।
हालामाला में एस्टेट की निशानी के तौर पर कुछ पुराने कुएं और एक जर्जर सी इमारत है। इमारत का आधे से अधिक भाग ख़त्म हो चुका है जहां आज ज़मींदारों के वंशज ने…
किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड स्थित कमलपुर पंचायत निवासी रूमान अहमद अलीगढ़ मुस्लिम युनिवेर्सिटी से एमएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक वर्ष की फीस पहले करीब 9,000 रुपये थी…
बीरपुर, मुंगेर, बाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर, सहरसा और भागलपुर में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के लिए OLS सर्वे कराया जाएगा।
मोबाइल और इंटरनेट अब हमारी ज़िंदगी का जरूरी हिस्सा बन गए हैं। ज़्यादातर घरों में एक से ज़्यादा मोबाइल फोन होते हैं, इसलिए छोटे बच्चों तक मोबाइल और इंटरनेट आसानी से पहुंच जाते…
टेंडर में भाग लेने के लिए बोलीदाता को 10,000 रुपये बोली दस्तावेज़ की लागत के तौर पर देने होंगे जबकी 32.48 लाख रुपये बयाना के तौर पर जमा करना होगा।
आकंड़ों के अनुसार बिहार की बिजली वितरण कंपनी एनबीपीडीसीएल को 2022 में 6,881 करोड़ रुपये का वित्तीय घाटा हुआ था जो 2023 में बढ़कर 7,089 करोड़ रुपये हो गया।
मंगलवार की बैठक में इस भुगतान के लिए कुल 51.68 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।