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पूर्णिया : महानंदा नदी के कटाव से सहमे लोग, प्रशासन से कर रहे रोकथाम की मांग

महादलित बिनटोला में रह रहे कई परिवार लगातार हो रहे कटाव से चिंतित हैं। एक स्थानीय युवक ने बताया कि एक-डेढ़ महीने पहले अंचलाधिकारी ने कटावस्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा था कि जल्द ही इसकी रोकथाम को लेकर काम शुरू किया जायेगा, लेकिन इतने दिन गुज़रने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।

Syed Tahseen Ali is a reporter from Purnea district Reported By Syed Tahseen Ali |
Published On :
purnia people scared of the erosion of mahananda river

बिहार के पूर्णिया स्थित बायसी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पुरानागंज पंचायत के भीखनपुर महादलित बिनटोला में महानंदा नदी से भीषण कटाव हो रहा हैं। कटाव से कई लोगों के घर नदी में समा गए हैं। अगर कटाव लगातार जारी रहा तो पुरानागंज और सुगवा महानंदपुर पंचायत में रह रहे अधिकतर परिवारों का घर कटकर नदी में विलीन हो जाएगा।


महादलित बिनटोला में रह रहे कई परिवार लगातार हो रहे कटाव से चिंतित हैं। एक स्थानीय युवक ने बताया कि एक-डेढ़ महीने पहले अंचलाधिकारी ने कटावस्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा था कि जल्द ही इसकी रोकथाम को लेकर काम शुरू किया जायेगा, लेकिन इतने दिन गुज़रने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।

नदी के तेज कटाव से लोग खौफज़दा हैं और जनप्रतिनिधि और प्रशासन लोगों की समस्याओं से बेख़बर हैं। एक अन्य स्थानीय युवक ने बताया कि उनलोगों ने सभी स्तर के पदाधिकारियों को पत्र के माध्यम से इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन प्रशासन की ओर से कुछ भी प्रयास नहीं हो रहा है।


सुगवा महानंदपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राशिद रजा ने बताया कि बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग को नदी कटाव को लेकर कई बार सूचना दी गई, लेकिन विभाग के अधिकारी देखने तक नहीं आये। वह बताते हैं कि लोगों का घर कट रहा है, लोग दर दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन इसकी परवाह प्रशासन को नहीं है।

लोगों को लगा था कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए शायद कटाव की रोकथाम के लिये कुछ न कुछ उपाय निकाला जायेगा, लेकिन ऐसा लगता है कि क्षेत्र के विधायक और सांसद को इन समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को देखते हुए अब स्थानीय लोग आन्दोलन की राह पर निकलना चाह रहे हैं।

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लोगों ने कहा कि आनेवाले चुनाव में वे लोग वोटिंग का बहिष्कार करेंगे और किसी भी उम्मीदवार को गांव में चुनाव प्रचार के लिये घुसने नहीं देंगे। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर कटाव की रोकथाम के लिये कुछ कदम नहीं उठाए गये तो वे लोग राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जाम कर देंगे।

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सैयद तहसीन अली को 10 साल की पत्रकारिता का अनुभव है। बीते 5 साल से पुर्णिया और आसपास के इलाकों की ख़बरें कर रहे हैं। तहसीन ने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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