
किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड स्थित धोबीडांगा गांव नदी कटाव से बुरी तरह प्रभावित है। बीते कुछ वर्षों में यहां सैकड़ों परिवार अपने घर-ज़मीन गंवा चुके हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मखाना की सही ढंग से वृद्धि और विकास के लिए 20–35°C तक की अनुकूल हवा का तापमान, 50–90% तक की ह्यूमिडिटी और 1,000–2,500 mm तक की वार्षिक वर्षा आवश्यक होती है।

कटाव निरोधक कार्य कई तरह के होते हैं, जिनमें पर्को पाइल यानी प्रीकास्ट कंक्रीट पाइल्स, जियो बैग, शीट पाइल, वुडन पाइल, बोल्डर पिचिंग आदि शामिल हैं।

मधुबनी जिले के किसान रामवृक्ष सहनी बताते हैं, “पहले हम जानते थे कब बारिश आएगी, कब पानी भरेगा। अब या तो सूखा पड़ता है, या बाढ़ आ जाती है। लंबे समय तक पड़ने वाली गर्मी और असमान बारिश ने तालाबों के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है, जिससे मखाना की उत्पादकता में भारी गिरावट आई है।"

इस परियोजना के अंतर्गत पंचायत स्तर पर कमजोरियों की पहचान, चेतावनी प्रणाली की स्थापना, समुदाय के लिए प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

एसबीएम-यू (स्वच्छ भारत मिशन - शहरी) डैशबोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि बिहार में शहरी स्वच्छता को लेकर कुछ क्षेत्रों में प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं।

'मैं मीडिया' 4-6 अगस्त 2025 को बिहार के किशनगंज में एक तीन दिवसीय आवासीय कार्यशाला कर रहा है। ये वर्कशॉप अर्थ जर्नलिज्म नेटवर्क (EJN) के सहयोग से हो रहा है।

आपदा को अवसर में बदल कर झारखंड के बोकारो जिलान्तर्गत राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, दाँतु की छात्राएं कौशल के पंख लगाकर सपनों की उड़ान भर रही हैं।

जीपीएस ट्रांसमीटर लेकर निकले दो राजहंस, बताएंगे अपना असली ठिकाना

बिहार के भागलपुर शहर के नया बाजार निवासी 45 वर्षीय निवासी राकेश कुमार ओझा सांस की बीमारी से ग्रसित हैं। उन्हें अस्थमा की शिकायत है। वह अपनी बीमारी को शहर की बढ़ती गंदगी और प्रदूषण से जोड़कर देखते हैं। मैं मीडिया के साथ बातचीत में राकेश कहते हैं, “हाल के दिनों में भागलपुर में अस्थमा […]

बिहार के नालंदा ज़िले के रहने वाले निशि चंद्रा सोलर से आटा चक्की मिल चलाते हैं। गांवों में पावर कट, लो वोल्टेज और बिजली चोरी की समस्या को देखते हुए उन्होंने पांच वर्ष पूर्व रूफटॉप सोलर पैनल लगवाया था।

इसमें मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, बेतिया, भागलपुर, सीतामढ़ी, फतुहा, मुशारी, उदाकिशनगंज, जमुई, अस्थावां, जहानाबाद, रफीगंज, शिवहर, सिवान, किशनगंज और बांका के जीएसएस सबस्टेशन शामिल हैं।

1901 के बाद 2024 का जनवरी भारत में नौवां सबसे सूखा महीना रहा। वहीं, फरवरी में भी पिछले 123 सालों में दूसरा सबसे अधिक न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

बिहार के पूर्णिया जिलान्तर्गत बायसी में फिर से नदी कटाव का कहर शुरू हो गया है। प्रखंड की पुरानागंज पंचायत के बीनटोला भीखनपुर वार्ड संख्या 5 में पिछले 15 दिनों से भीषण कटाव हो रहा है जिससे नदी करीब 200 फीट गांव के नज़दीक आ गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो हफ़्तों […]

बिहार सरकार ने अपने जलवायु वित्त और सतत विकास लक्ष्यों को गति देने के लिए कई पहलों की घोषणा की है। इसमें वित्त विभाग के अंतर्गत एक जलवायु वित्त प्रकोष्ठ का गठन और नवंबर में राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा नीति को अंतिम रूप देना शामिल हैं।