Thursday, October 6, 2022

Watch: सचिव और मुखिया की मिलीभगत से पंचायत में लाखों का घोटाला

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Shah Faisal
Shah Faisal is using alternative media to bring attention to problems faced by people in rural Bihar. He is also a part of Change Chitra program run by Video Volunteers and US Embassy. ‘Open Defecation Failure’, a documentary made by Faisal’s team brought forth the harsh truth of Prime Minister Narendra Modi’s dream project – Swacch Bharat Mission.

नाला निर्माण के लिए आवंटित 4,97,900 रुपये में से 3,25,000 रुपये की निकासी हो गई, नाला गायब है। सड़़क निर्माण के लिए आवंटित 3,21,200 में से 2,75,000 रुपये की निकासी हो गई, सड़क भी गायब है। पंचायत भवन में सड़क निर्माण के लिए आवंटित 4,54,000 में से 4,25,000 रूपये निकाल लिये गये, यहाँ भी सड़़क गायब है।

यानी की बिना काम किये ही मुखिया और सचिव ने पंचायत में विकास के नाम पर लगभग 10 लाखे रुपये की निकासी कर ली और किसी को कानों कान खबर नहीं हुई। दरअसल मामला किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड अंतर्गत दामलबाड़ी पंचायत से जुड़ा हुआ है, जहाँ के पूर्व मुखिया और पंचायत सचिव पर सरकारी योजना के नाम पर अवैध निकासी का आरोप लगा है।

मामला प्रकाश में तब आया जब दामलबाड़ी पंचायत के वर्तमान मुखिया के भाई व AIMIM नेता गुलाम मुक़्तदा ने प्रखंड कार्यालय में दिनांक 8 जून 2022 को योजनाओं के नाम पर हुई अवैध निकासियों की जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज की।

मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए पोठिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी छाया कुमारी 10 जून 2022 को भौतिक सत्यापन के लिए दामलबाड़ी पंचायत पहुंची, सत्यापन में पाय गया कि सभी अनियमित निकासी “पांचवे वित्त आयोग” और चौदहवें वित्त के मद से जुड़ा हुआ है।

शिकायत कर्ता की ओर से बतायी गई योजनाओं की जाँच हुई, तो पता चला कि वर्ष 2019-20 की दो योजनाएं और 2020-21 की एक योजना के नाम पर लगभग 10 लाख रूपये की निकासी हुई है और काम शून्य बट्टा सन्नाटा है। वहीं 2019-20 की योजना “पंचायत भवन में चार दीवारी” का काम भी अधूरा मिला।

वहीं आरोपित पूर्व मुखिया ने बताया कि इन योजनाओं पर काम नहीं होने की वजह तत्कालीन पंचायत सचिव है, पंचायत सचिव के कहने पर ही चेक पर सिग्नेचर किया गया था।

पर्व मुखिया द्वारा तत्कालीन पंचायत सचिव पर लगाए आरोपों के सत्यापन के लिए हमने जब पंचायत सचिव से बात की, तो उन्होंने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि काम करने की जिम्मेदारी मुखिया की है। हमने उन्हीं के “कमाल ट्रेडर्स” नामक वेंडर को चेक दे दिया था। काम नहीं होने की स्थिति में हमने कई बार मुखिया से बात भी की है।

हालाँकि इन आरोपों प्रत्यारोपों के बीच प्रखंड विकास पदाधिकारी ने साफ़ कह दिया है कि तत्कालीन मुखिया और सचिव से ब्याज सहित राशि पंचायत के खाते में जमा करवाई जायेगी और नियम संगत कार्रवाई की जायेगी।


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