Thursday, January 27, 2022
- Advertisement -spot_img

TAG

kishanganj

राजद जिला अध्यक्ष समर्थित नुदरत महज़बीं बनी किशनगंज जिला परिषद अध्यक्ष

काफी खींचतान के बाद गुरुवार को किशनगंज जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हुआ। ज़िले के कुल 18 जिला पार्षद में...

किशनगंज के मदरसे में बच्चे का यौन शोषण, हेड मौलवी पर आरोप

बिहार के किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में स्थित एक मदरसे के नाजिम, तत्कालीन हेड मौलवी पर 12 साल के एक किशोर का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। पीड़ित बच्चे के पिता की तरफ से बहादुरगंज थाने में 5 दिसम्बर को दिये गये आवेदन के मुताबिक, 20 नवंबर की रात करीब 11 बजे तत्कालीन नाजिम अबु कलाम नूरी ने उक्त बच्चे को अपने साथ अपने कमरे में सुलाया और उसी दौरान देर रात उसका यौन शोषण किया। दर्द से बच्चा चीखने लगा, तो आरोपित ने उसका मुंह दबा दिया।

किशनगंज में काउंटिंग में हंगामा, भीड़ हटाने को एसपी ने लहराया पिस्तौल

बिहार के किशनगंज जिले में पंचायत चुनाव के काउंटिंग सेंटर पर वोटों की गिनती के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और हालात इतने संगीन हो गये कि जिले के एसपी कुमार आशीष को पिस्तौल लहराना पड़ा।

मुखिया चुनाव हार सड़क पर आया प्रत्याशी लूटपाट में गिरफ्तार

बिहार के किशनगंज जिले में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। मुखिया का चुनाव हारने वाले को एक व्यक्ति को पुलिस ने लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुखिया प्रत्याशी का नाम मोहम्मद मसूद आलम बताया गया है। लूटपाट के पीछे जो वजह सामने आई है, उससे पता चलता है जनसेवा का हवाला देकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं के दिल में आखिर चल क्या रहा होता है।

Exclusive: शादी की आतिशबाजी को पाक की जीत से जोड़ने के पीछे बजरंग दल

24 अक्टूबर को भारत पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच था, लेकिन दक्षिणपंथी पार्टी के समर्थक और ट्रोल्स के लिए ये मुसलमानों की वफादारी की परीक्षा का भी दिन था। क्रिकेट मैच में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान ने भारत को हरा दिया, तो देश की क्रिकेट प्रेमी जनता उदास हो गई। लेकिन इन्हीं में से कुछ अतिवादियों के कान खड़े हो गये। वे उन मोहल्लों की शिनाख्त करने लगे, जहां किन्हीं कारणों से आतिशबाजी हो रही थी।

असमय आंधी और बारिश से सीमांचल में फसलों की तबाही

पूर्णिया जैसी ही स्थिति किशनगंज और अररिया के साथ-साथ समस्तीपुर, सुपौल और बेगूसराय के किसानों की भी है। बारिश के कारण इन जिलों की फसल भी ख़राब हो गई है।

दल्लेगांव: यहां लाशों को भी मुक्ति के लिए नदी पार करना पड़ता है

देश की आजादी के 70 साल से ज्यादा वक्त गुजर चुका है। इन 70 सालों में कितनी ही सरकारें आईं और चली गईं। इन...

“बेहरमी से पीटा गया, बेहोश होने पर होश में लाकर मारा” – युवती का चाचा पर आरोप

पीड़िता के मुताबिक, पूरा मामला उनके चाचा जमील अख्तर की बेटी की फरारी से जुड़ा हुआ है। पीड़िता ने बताया, “ पिछले 22 सितंबर को जमील अख्तर की बेटी प्रेम-प्रसंग में किसी युवक के साथ भाग गई थी।” इस घटना के पीछे उन्होंने युवती को जिम्मेवार बताया। युवती बताती हैं, “जबकि सच ये है कि जिस दिन उनकी बेटी फरार हुई थी, उस दिन मैं घर पर थी भी नहीं। मैं उस दिन अररिया में एक डॉक्टर के पास गई हुई थी।”

सीमांचल को साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की प्रयोगशाला बना रहे हिन्दुत्ववादी संगठन!

बिहार के सीमांचल को लम्बे समय से हिन्दुत्ववादी संगठन साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए उर्वर जमीन मानते रहे हैं। गाहे-ब-गाहे ध्रुवीकरण की कोशिश होती भी रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता व फिलहाल केंद्र में मंत्री नित्यानंद राय ने साल 2018 में अररिया लोकसभा के लिए हुए उपचुनाव में कहा था कि अगर राजद उम्मीदवार जीत जाता है, तो अररिया आईएसआई का गढ़ बन जाएगा। इस चुनाव में राजद की तरफ से सरफराज आलम चुनाव लड़ रहे थे।

शादी के 17 साल बाद छः बच्चों की माँ को एक हाफ़िज़ ने तीन तलाक़ दे दिया

भारी विरोध और हंगमाने के बीच केंद्र सरकार ने 2019 में तीन तलाक़ बिल या मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम बनाकर तीन तलाक पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये बिल तीन तलाक देने को कानूनी रूप से अमान्य और गैरकानूनी बनाता है। बावजूद इसके कुछ लोगों में इस कानून का खौफ अभी भी नहीं है। ताज़ा मामला बिहार के किशनगंज से सामने आया है। जहाँ एक 40 वर्षीय महिला और उसके छः बच्चों को तीन तलाक देकर उसके हाफिज पति ने घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पति ने दूसरी शादी भी कर ली है।

Latest news

- Advertisement -spot_img