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किशनगंज के लोग कांग्रेस सांसद मो. जावेद के ‘व्यवहार’ से खुश नहीं: जदयू जिला अध्यक्ष मुजाहिद

जदयू जिला अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस विधायकों के विरुद्ध जनता में आक्रोश था, इसके बावजूद अशोक गहलोत ने उन्हें दोबारा टिकट दिया और कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ गई। किशनगंज लोकसभा के लोग भी कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद के ‘व्यवहार’ से खुश नहीं हैं, इसलिए इस बार INDIA गठबंधन से जदयू को टिकट मिलना चाहिए।

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
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किशनगंज जदयू जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम 2024 लोकसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। ‘मैं मीडिया’ को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व कोचाधामन विधायक ने आगामी लोकसभा चुनाव में जदयू से उम्मीदवारी पेश करने की अटकलों पर मुहर लगाई।

उन्होंने कहा, “पार्टी के तमाम कार्यकर्ता और आम जनता की मांग है कि यह सीट जदयू के खाते में आए। जनता चाहती है कि मैं चुनाव लड़ूँ।”

जदयू जिला अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस विधायकों के विरुद्ध जनता में आक्रोश था, इसके बावजूद अशोक गहलोत ने उन्हें दोबारा टिकट दिया और कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ गई। किशनगंज लोकसभा के लोग भी कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद के ‘व्यवहार’ से खुश नहीं हैं, इसलिए इस बार INDIA गठबंधन से जदयू को टिकट मिलना चाहिए।


“किशनगंज के लोग यहां के सांसद के व्यवहार से खुश नहीं हैं। काम अधिक या कम तो हर जगह होता है। अगर केंद्र में भाजपा को हराना है तो INDIA गठबंधन को हर एक सीट पर विचार विमर्श करना होगा,” मुजाहिद आलम ने कहा।

टिकट मिला तो किन मुद्दों को उठाएंगे?

मुजाहिद आलम दो बार कोचाधामन से विधायक रहे हैं। 2014 के उपचुनाव में वह पहली बार जदयू के टिकट पर विधायक बने। वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दूसरी बार जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि इन 6 सालों में उन्होंने कोचाधामन को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सड़क के साथ-साथ कई सरकार भवन, कॉलेज, हॉस्टल आदि का निर्माण कराया। इस दौरान 2017 की बाढ़ में बहे पुलों को बनाया गया।

मुजाहिद आलम ने बातचीत में किशनगंज एएमयू का मुद्दा उठाया और कहा कि वह अगर किशनगंज  लोकसभा सीट से चुनाव जीतते हैं, तो सड़क, शिक्षा जैसे मुद्दों के साथ साथ किशनगंज के एएमयू सेंटर के समाधान के लिए प्रयास करेंगे।

गठबंधन सीट न दे, तो बग़ावत करेंगे?

अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन मुजाहिद आलम को टिकट न दे, तो ऐसी सूरत में वह क्या करेंगे? इस सवाल के जवाब में मुजाहिद आलम ने कहा कि यह जनता पर निर्भर है।

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“जनता के लिए हम समर्पित हैं। जनता की राय के विरुद्ध हम नहीं जा सकते। जनता जो चाहेगी हम वही करेंगे। एक गरीब, खेत में काम करने वाला बोलता है कि हम अपना बैल बेच देंगे, कोई कहता है हम अपनी जमीन बेच देंगे, दुकान बेच देंगे, आप चुनाव लड़िए। जनता का इतना प्यार है। उस वक्त देखा जाएगा, वक्त और हालात के साथ,” मुजाहिद आलम बोले।

‘किशनगंज में सर्वे कराए फिर टिकट दे इंडिया गठबंधन’

जदयू नेता ने INDIA गठबंधन को चुनाव का टिकट देने से पहले इलाके का सर्वे कराने को कहा।

उनके अनुसार भाजपा भी इस तरह के सर्वे कराती है और ऐसा करना भाजपा के जीतने का एक बड़ा कारण होता है।

मुजाहिद आलम कहते हैं, “हम लोग भी चाहते हैं कि INDIA गठबंधन मज़बूत हो। मुझमें जावेद साहब (वर्त्तमान कांग्रेस सांसद) को लेकर कोई दुर्भावना नहीं है। जिसको टिकट मिले वह जीते। कांग्रेस को चाहिए कि पिछले चुनाव नतीजों से सबक ले। भाजपा सर्वे कराती है कि किसको टिकट दी जाए। गठबंधन की शीर्ष नेतृत्व भी सर्वे कराए और उसके हिसाब से तय करे।”

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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