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ज़ीरो बजट इलेक्शन मेरा लक्ष्य था: इम्तियाज़ नसर

मैं मीडिया के टॉक शो “चाय बिस्कुट” में आए इम्तियाज़ नसर ने बताया कि चुनाव परिणाम में उनके साथ धोखाधड़ी की गई।

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
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बीते 20 दिसंबर को किशनगंज नगर परिषद चुनाव के नतीजे आए जिसमें मुख्य पार्षद के पद पर 10603 वोटों के साथ इंद्रदेव पासवान विजेता रहे। छोटे लाल ऋषि को इंद्रदेव पासवान से 37 वोट कम मिले और वह 10566 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। परिणाम आने के बाद छोटे लाल ऋषि को समर्थन दे रहे 23 साल के युवा नेता इम्तियाज़ नसर ने वोटों की गिनती में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।

मैं मीडिया के टॉक शो “चाय बिस्कुट” में आए इम्तियाज़ नसर ने बताया कि चुनाव परिणाम में उनके साथ धोखाधड़ी की गई।


उन्होंने कहा, “छोटे लाल ऋषि जो मेरे कैंडिडेट थे चेयरमैन के लिए, उन्हें 2270 वोटों से विजेता करार दिया गया। बाजाप्ता हमें अधिकारी ने सेंट्रल टेबल पर बुलाया और कहा कि आप जीत गए हैं और उन्होंने कहा कि हम जीत गए हैं हमें लेटर दिया जाएगा। निखत कलीम (उप मुख्य पार्षद) को लेटर दे दिया गया, हमें कहा गया कि रीचेकिंग होगी। कुछ देर बाद ऐलान किया गया कि इंद्रदेव पासवान 37 वोटों से जीत चुके हैं।”

“घोषणा होने के बाद हमने तुरंत रीकॉउंटिंग के लिए एप्लीकेशन दिया तो मुझे कहा गया कि रीचेकिंग के लिए अब बहुत देर हो चुकी है। यह सब हमलोग सिर्फ सुनते थे कि घोटाला होता है हमने उस दिन अपनी आँखों से देख लिया। बड़े बड़े अधिकारियों ने एक ग़रीब के बेटे, एक नौजवान के साथ खिलवाड़ कर दिया,” उन्होंने आगे कहा।

इम्तियाज़ का मानना है कि काउंटिंग के दौरान अधिकारियों पर बड़े नेताओं ने बल का प्रयोग कर परिणाम बदलवा दिया। “अधिकारीयों को अगर बड़े नेता फोर्स कर रहे थे तो उन्हें अपनी पद की मर्यादा रखनी चाहिए थी,” इम्तियाज़ कहते हैं।

23 वर्षीय इम्तियाज़ नसर ने किशनगंज के मारवाड़ी कॉलेज से छात्र राजनीति की शुरुआत की। वह वर्तमान में जन अधिकारी पार्टी के छात्र जिला अध्यक्ष हैं। पेशे से लैब टेक्नीशियन इम्तियाज़ नसर किशनगंज जिला के मझिया क्षेत्र के वार्ड संख्या 34 से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद चुनाव के दौरान उन्होंने बिना पैसे खर्च किए इलेक्शन कैंपेन किया। इम्तियाज़ ने कहा, “हम एक करोड़ खर्च करेंगे तो चुनाव जीत कर दो करोड़ बनाने का प्रयास करेंगे। जब चुनाव में कोई पैसा खर्च नहीं करेंगे तो हम लोगों की सेवा करने के बारे में ही सोचेंगे।”

इम्तियाज़ नसर सीमांचल की राजनीति में युवा चेहरे को आगे लाने की बात करते हैं। पिछले वर्ष उन्होंने स्मार्ट इलेक्ट्रिक मीटर के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। उनके अनुसार उन्हें जिला के नौजवानों का समर्थन हासिल है। इम्तियाज़ एक सामान्य परिवार से आते हैं। पिता मदरसा शिक्षक हैं जबकि बड़े भाई ट्यूशन पढ़ाते हैं। इम्तियाज़ फिलहाल मारवाड़ी कॉलेज से बीएससी केमिस्ट्री आॕनर्स के तीसरे वर्ष के छात्र हैं।

“ज़ीरो बजट इलेक्शन कराना मेरा लक्ष्य था जो मैंने कर दिखाया। नौजवान आज कितना दरबदर है, हम दूसरे का झंडा ढोकर ज़िन्दगी गुज़ार लेते है पर हमें कुछ नहीं मिलता। वक़्त आने पर नौजवानों का उपयोग किया जाता है। सीमांचल की राजनीति में नौजवानों को आगे आना होगा। अभी एक इम्तियाज़ नसर आया है। इसे देख कर किशनगंज में 100 और युवा नेता तैयार होगा,” इम्तियाज़ ने कहा।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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