Thursday, October 6, 2022

इतना ऊँचा बना दिया पुल की ग्रामीण परेशान हो गए हैं

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Shah Faisal
Shah Faisal is using alternative media to bring attention to problems faced by people in rural Bihar. He is also a part of Change Chitra program run by Video Volunteers and US Embassy. ‘Open Defecation Failure’, a documentary made by Faisal’s team brought forth the harsh truth of Prime Minister Narendra Modi’s dream project – Swacch Bharat Mission.

ड़क जमीन पर और पूल आसमान में और इन दोनों को कनेक्ट करने वाली अप्रोच किसी हवाई जहाज के रनवे जैसा। रनवे इसलिए कहना उचित होगा क्योंकि अप्रोच की चढ़ाई किसी गाड़ी को हवा की सैर कराने के लिए काफी है।

यह पूरा मामला किशनगंज जिले (Kishanganj District) के पोठिया प्रखंड (Pothia Block) क्षेत्र की रीढ़ कही जाने वाली सड़क, बेलवा रामगंज पथ का है।

इसी सड़क पर पहाड़कट्टा पंचायत के सीताझाड़ी गाँव के पास एक पुल का निर्माण कराया गया है। पुल निर्माण से लोगों में खुशी थी कि अब बरसात के दिनों में कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन समय बीतते ही राहगीरों सहित गांव वालों का भ्रम टूट गया।

पुल न होने से लोगों की तकलीफ जहां मात्र महीने भर की होती थी, गैर ज़रूरी ऊंचा पुल ने लोगों को जिंदगी भर के लिए टेंशन में डाल दिया है। हालांकि, इस तकलीफ को कुछ हद तक कम किया जा सकता है था, लेकिन अप्रोच बनाने वाले ठेकेदारों ने भी घाव पर नमक डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

बड़े काम, बड़े लोग और परेशानियों के बोझ तले दबी आम जनता बेबस और त्रस्त है। उत्तम कुमार निकट के ही गांव के निवासी हैं, जुगाड़ गाड़ी चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्हें अपनी गाड़ी पार करने में हर बार काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है मो. समसुल हक सीताझाड़ी गाँव के रहने वाले है।

अपनी रोजमर्रा के काम से कई बार पुल क्रॉस करना पड़ता है। वह मिस्त्री हैं। पुल के अप्रोच में हुई अनियमितता को लेकर वह जले भुने हैं। मो. हसन नाम के एक शख्स ने बताया कि पुल के अप्रोच कार्य में अनियमितता के कारण साइकिल चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

साथ ही उन्होंने बताया कि अप्रोच के कारण उनके गांव का एक शख्स दुर्घटना का शिकार हो गया था, जिसके इलाज में लाखों रुपये खर्च हो गये। इस समस्या को दूर करने के लिए मैं मीडिया के पत्रकार शाह फैसल ने बिहार लोक शिकायत में 4 जुलाई 2022 को complaint दायर किया था।

जिसके बाद सड़क पर मामूली काम किया गया और बताया गया कि अप्रोच के दोनों साइड में सुरक्षा को देखते हुए बैरिकेडिंग कर दिया जाएगा। complaint की आखिरी सुनवाई में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता ने लिखित रूप से बताया था, “तकनीकी स्वीकृति के अनुरूप पुल और एप्रोच का निर्माण कराया गया है। पुल निर्माण/एप्रोच निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई है।”

पूरी ख़बर देखने के बाद आप ज़रूर बताएं कि पूल के अप्रोच को बनाने में अनियमितता बरती गई है या नहीं। साथ ही हम आपको बता दें कि अगर तत्काल प्रभाव से पुल के अप्रोच के दोनों साइड सुरक्षा गार्ड नहीं लगाया जाता है, तो लोक शिकायत वाले मामले को प्रथम अपील के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।


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