Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

बिहार के किशनगंज जिले में उद्घाटन से पहले ही धंस गया पुल

Reported By Amit Singh |
Published On :

[vc_row][vc_column][vc_column_text]बिहार के किशनगंज जिले में ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा करोड़ों की लागत से बन रहा एक पुल उद्घाटन से पहले ही धंस गया है। जिले के दिघलबैंक प्रखंड के पथरघट्टी पंचायत स्थित गोआबाड़ी गांव में ये पुल एक करोड़ 42 लाख की लागत से बन रहा था।



Also Read Story

क्या गंगा कटान में उजड़ जाएगा कटिहार का बबलाबन्ना गाँव?

बिहार के डेढ़ दर्जन औषधीय महत्व के पौधे विलुप्ति की कगार पर

सीमांचल के शहरों में क्यों बढ़ रहा प्रदूषण

हर साल कटाव का कहर झेल रहा धप्परटोला गांव, अब तक समाधान नहीं

डोंक नदी में कटाव से गांव का अस्तित्व खतरे में

कोसी क्षेत्र : मौसम की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए मखाना की खेती कर रहे किसान

सुपौल: पानी में प्रदूषण से गांवों में फैल रहा आरओ वाटर का कारोबार, गरीबों का बढ़ा खर्च

धूल फांक रही अररिया की इकलौती हाईटेक नर्सरी

कहीं बारिश, कहीं सूखा – बदलते मौसम से सीमांचल के किसानों पर आफत

पुल निर्माण का कार्य 25 जून 2019 को शुरू हुआ था, निर्माण पूर्ण होने की तय तारीख 24 जून 2020 तय की गई थी। इससे पहले कि पुल का उद्घाटन होता, 16 अगस्त को पुल ने जलसमाधि ले ली।


मिली जानकारी के अनुसार पथरघट्टी के ग्वालटोली के पास कनकई नदी से कच्ची सड़क को कटने के बाद ये हालात उत्पन्न हुई है और 200 मीटर के डायवर्सन को नहीं बांधने के कारण करोड़ों का नुकसान हो गया।

[wp_ad_camp_1]

स्थानीय ग्रामीणों ने पुल निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि एक महीने से कनकई नदी में उफान को लेकर यहां स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली और अब ये पूल भी ध्वस्त हो गया।

वहीं विरोधियों ने प्रशासन और 4 टर्म के स्थानीय कांग्रेस विधायक तौसीफ आलम पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

[wp_ad_camp_1]

वही पुल ध्वस्त होने के बाद ट्रकटर पर सवार होकर जाँच करने मौके पर पहुचे ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता निर्मल कुमार ने बताया कि मामले के जाँच के बाढ़ दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

[/vc_column_text][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_separator border_width=”4″ css_animation=”bounceInUp”][/vc_column][/vc_row][vc_row][vc_column][vc_single_image image=”3718″ img_size=”full” alignment=”center” onclick=”custom_link” img_link_target=”_blank” link=”https://pages.razorpay.com/support-main-media”][/vc_column][/vc_row]

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

Related News

बिजली की घोर किल्लत ने बढ़ाई किसानों, आम लोगों की समस्या

आधा दर्जन से ज्यादा बार रूट बदल चुकी है नेपाल सीमा पर स्थित नूना नदी

Deputy CM Tarkishore Prasad के शहर कटिहार की हवा सांस लेने लायक नहीं

सीमांचल में बढ़ रहा हाथियों का उत्पात, घरों और फसलों को पहुंचा रहे नुकसान

बिहार के इन गांवों में क्यों मिल रहे हैं इतने अजगर?

किशनगंज: भयावह बाढ़ की चपेट में टेढ़ागाछ प्रखंड, चुनाव पर आशंका के बादल

असमय आंधी और बारिश से सीमांचल में फसलों की तबाही

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latests Posts

Ground Report

जर्जर भवन में जान हथेली पर रखकर पढ़ते हैं कदवा के नौनिहाल

ग्राउंड रिपोर्ट: इस दलित बस्ती के आधे लोगों को सरकारी राशन का इंतजार

डीलरों की हड़ताल से राशन लाभुकों को नहीं मिल रहा अनाज

बिहार में क्यों हो रही खाद की किल्लत?

किशनगंज: पक्की सड़क के अभाव में नारकीय जीवन जी रहे बरचौंदी के लोग