बिहार के किशनगंज जिले में ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा करोड़ों की लागत से बन रहा एक पुल उद्घाटन से पहले ही धंस गया है। जिले के दिघलबैंक प्रखंड के पथरघट्टी पंचायत स्थित गोआबाड़ी गांव में ये पुल एक करोड़ 42 लाख की लागत से बन रहा था।

पुल निर्माण का कार्य 25 जून 2019 को शुरू हुआ था, निर्माण पूर्ण होने की तय तारीख 24 जून 2020 तय की गई थी। इससे पहले कि पुल का उद्घाटन होता, 16 अगस्त को पुल ने जलसमाधि ले ली।

मिली जानकारी के अनुसार पथरघट्टी के ग्वालटोली के पास कनकई नदी से कच्ची सड़क को कटने के बाद ये हालात उत्पन्न हुई है और 200 मीटर के डायवर्सन को नहीं बांधने के कारण करोड़ों का नुकसान हो गया।

स्थानीय ग्रामीणों ने पुल निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि एक महीने से कनकई नदी में उफान को लेकर यहां स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन किसी ने इसकी सुध नहीं ली और अब ये पूल भी ध्वस्त हो गया।

वहीं विरोधियों ने प्रशासन और 4 टर्म के स्थानीय कांग्रेस विधायक तौसीफ आलम पर भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

वही पुल ध्वस्त होने के बाद ट्रकटर पर सवार होकर जाँच करने मौके पर पहुचे ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता निर्मल कुमार ने बताया कि मामले के जाँच के बाढ़ दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।