ये बिहार है जहां हर साल बाढ़, करोड़ों लोगों पर आफत बनकर टूटती है। कोरोना त्रासदी के बीच आई बाढ़ से इस बार बिहार के लोग दोहरी मार झेल रहे हैं। ये तस्वीरें दरभंगा की हैं जो न सिर्फ बाढ़ प्रभावित लोगों की बेबसी और परेशानियां बता रही हैं बल्कि बिहार की चरमरा चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था की भी पोल खोल रही हैं।

दरभंगा में एक गर्भवती महिला को अचानक पेट में दर्द शुरू हुआ, दर्द से महिला का बुरा हाल हो रहा था लेकिन पूरा गांव पानी में डूबा हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों ने ट्यूब से एक जुगाड़ नाव बनाई और महिला और उसकी माँ को बिठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसका इलाज किया।

ये घटना दरभंगा के केवटी प्रखंड के असराहा गांव की है जहाँ पूरे इलाके में बाढ़ का पानी भरा हुआ है जिससे लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। इसी बीच आठ माह की गर्भवती महिला रुकसाना परवीन को अचानक पेट में दर्द शुरू हुआ। बाढ़ के पानी में घिरे होने की वजह से सड़कें डूब चुकी थीं, कमर तक पानी होने के कारण घर से निकलना मुश्किल था। महिला का दर्द बढ़ते जा रहा था लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद घर वालों ने जुगाड़ टेक्नोलॉजी से ट्यूब की नाव बनाई और गर्भवती महिला और उसकी माँ को बिठाया। इसके बाद गांव के कुछ युवक किसी तरह उसे सड़क तक लाए और फिर ऑटो पर बिठाकर केवटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां उसका इलाज किया गया।

इलाज़ कर रहे डॉक्टर निर्मल कुमार लाल ने बताया कि फिलहाल महिला की स्थिति ठीक है बच्चे को जन्म देने में महिला को तक़रीबन एक महीने से ज्यादा का समय है । महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया है और उसे दवा दे कर घर वापस भेज दिया गया है।

इधर गर्भवती महिला की माँ कनीजा खातून ने बताया कि बाढ़ का पानी उनके घर तक पहुंच चुका है। बेटी की तबियत बिगड़ी तो किसी तरह ट्यूब के सहारे बाढ़ का पानी पार कर अस्पताल में इलाज कराया लेकिन अब भी बेटी को दर्द हो रहा है।

 

रेस्क्यू टीम में शामिल युवक साहिल अब्बासी ने बताया कि जब गर्भवती महिला को दर्द शुरू हुआ तो उन्होंने केला के थम पर ट्यूब के साथ तख्ती लगाकर जुगाड़ नाव बनाई और महिला को अस्पताल पहुंचाया। युवक ने कहा कि हमारी पूरी पंचायत को जिला प्रसाशन से सिर्फ एक नाव मिली है जिससे काफी परेशानी होती है, युवक ने गांव में एक और नाव दिए जाने की मांग की।