Thursday, October 6, 2022

किशनगंज में हत्या को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश नाकाम

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बिहार के किशनगंज में ज़िले की 23 मई, 2021 को एक महादलित की हत्या हुई। बहादुरगंज थाना अंतर्गत देशियाटोली हरिजन टोला निवासी लालचंद हरिजन को अपराधियों द्वारा चाक़ू मार ज़ख़्मी कर दिया गया। सिलीगुड़ी ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पत्नी सुनीता देवी के फर्दबयान पर तीन नामजद और दो अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज़ किया गया।

उसके बाद से मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कई कोशिशें हुई।

24 मई को किशनगंज के एक Facebook page ने मामले का वीडियो पोस्ट किया, जिस पर लिखा था – ‘बहादुरगंज के देशियाटोली गांव में महादलित परिवार के एक युवक की एक समुदाय के लोगों ने की धारदार हथियार से हत्या’

किशनगंज ज़िले के दिघलबैंक प्रखंड के बजरंगदल संयोजक गणेश कुमार सिंह ने Facebook पर लिखा – ‘ये शांतिदूत आराम से किसी हिन्दू की हत्या करने के उपरान्त सभी मामलों को जमीनी मामला बना देते हैं’। बहादुरगंज विधानसभा के AIMIM विधायक के तरफ इशारा करते हुए, आगे उसने लिखा – ‘आखिर इस प्रकार का मामला पतंग वाले विधायकों के विधानसभा में ही क्यों।’

लेकिन 2 जून, 2021 को जब किशनगंज पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने मामले का उद्भेदन किया तो पता चला मामला किसी भी तरह से सांप्रदायिक नहीं था। पुलिस ने ये दावा किया है की लालचंद हरिजन की पत्नी सुनीता देवी और उसके प्रेमी महेन्द्र लाल ने मिल कर हत्या की थी। पुलिस के अनुसार सुनीता देवी और उसके प्रेमी महेंद्र के बीच छः वर्षो से अवैध संबंध था। इसी प्रेम प्रसंग में रोड़ा बन रहे पति लालचंद को उसकी पत्नी सुनीता ने अपने प्रेमी महेंद्र के संग मिलकर 23 मई की देर रात मौत के घाट उतार दिया।

घटना के बाद पुलिस अधीक्षक, किशनगंज द्वारा इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी अनवर जावेद के नेतृत्व में एक SIT का गठन किया गया। उक्त टीम द्वारा तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से साक्ष्य संकलन करते हुए 2 जून, 2021 के अहले सुबह महेन्द्र लाल उर्फ मेन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा पूछताछ के क्रम में हत्या के राज पर से पर्दा उठा।

गिरफ्तार महेन्द्र उर्फ मेन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू को घर से बरामद किया गया। पुलिस पूछताछ में सुनीता देवी ने इस षड्यंत्र में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी बताया और माना की पुलिस को गुमराह करने, स्वंय और अपने प्रेमी महेंद्र को बचाने तथा ग्रामीण राजनीति से प्रेरित होकर और बहकावे में आकर उसने फ़र्दबयान में निर्दोष लोगों का नाम बताया था।

बजरंग दल के गणेश कुमार सिंह के पोस्ट के स्क्रीन्शॉट के साथ बहदूरगंज के AIMIM विधायक मोहम्मद अंजार नईमी ने ट्वीट कर किशनगंज SP से शिकायत की – ‘गणेश सिंह नाम का एक व्यक्ति सूरजापुरी भाईचारे को तोड़ने की कोशिश कर रहा है। देशीयटोली कांड की जैसी तस्वीर ये पेश कर रहा है, मामला ऐसा नहीं है’

जवाब में SP कुमार आशीष ने गणेश कुमार सिंह के एक Facebook post के screenshot के साथ लिखा ‘उसे अपनी गलती का एहसास है और उसने माफ़ीनामा डाल दिया है’

हालांकि, उसके बाद विधायक मोहम्मद अंजार नईमी और SP कुमार आशीष ने अपने अपने tweets डिलीट कर दिए। खबर लिखने तक विधायक नईमी के फेसबुक पेज पर दोनों ही ट्वीट्स के स्क्रीशॉट मौजूद थे।

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