
हरियाणा में बिहार के फिरदौस आलम की नमाज़ वाली टोपी को सुसु लाला ने छीनकर पहन लिया और फिर नीचे फेंक दिया, विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हालांकि इसे हेट क्राइम मानने से इनकार किया है।

मैनुल हक़ के बड़े भाई मिकाइल ने 'मैं मीडिया' से बताया कि उनका भाई किसी बांग्लादेशी नागरिक से बात किया करता था। इंटरनेट पर संभतः फोन नंबर का आदान प्रदान हुआ और फिर दिल्ली पुलिस के स्पेशल ब्रांच ने उसे बांग्लादेशी होने के शक में गुड़गांव से डिटेन किया।

नीतीश कुमार और खुश्बू पांडेय हिन्दू स्वाभिमान मंच से जुड़े हुए हैं। खुश्बू पांडेय सोशल मीडिया पर अक्सर मुस्लिम विरोधी बयान देती रहती हैं।

'बांग्ला पक्खो' (बांग्ला पक्ष) के संस्थापक अध्यक्ष गर्ग चटर्जी हैं। इस संगठन की स्थापना जनवरी 2018 में हुई थी और वर्तमान में इसकी शाखाएं पूरे राज्य में फैली हुई हैं।

नवादा जिले की भदोखरा पंचायत के देदौर गांव में कृष्णानगर नदी के किनारे स्थित महादलित बस्ती की झोपड़ियों में चूल्हे जल ही रहे थे कि अचानक 150-200 हथियारबंद लोगों ने बस्ती पर हमला कर दिया।

सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद दोनों पक्षों के लोगों ने आपस में बैठक कर मामले को शांत करा दिया और सभी पक्ष शांत भी हो गये थे। लेकिन, अगले दिन यानी 29 अक्टूबर को भारी संख्या में लोग चंपानगर में जुट गये और सड़क जाम कर दिया। उनमें से कई लोगों के हाथों में भगवा झंडे थे। प्रदर्शनकारियों ने फौजान की गिरफ्तारी की मांग की और चंपानगर मार्केट की तीन दर्जन से अधिक दुकानों को नुकसान पहुंचाया।

26 सितंबर को 'KBC News Katihar' नामक बिहार के एक लोकल न्यूज़ चैनल पर इस्लाम धर्म के आखिरी पैग़म्बर मोहम्मद साहब की तस्वीर दिखाई गई थी जिसको लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई।

40 वर्षीय सोमा देवी, चमार समुदाय से आती हैं, जो बिहार में महादलित समूह में शामिल है। 23 सितंबर की रात गांव के ही यादव समुदाय के प्रमोद सिंह यादव व उसके पुत्र ने सोमा को निर्वस्त्र कर बेरहमी से पिटाई की और मुंह पर कथित तौर पर पेशाब कर दिया।

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के निजामपुर के निश्चिंद्रा के रहने वाला अबु सामा ने बारहवीं की परीक्षा में 99 प्रतिशत यानी कुल 495 नंबर लाकर पूरे सूबे में दूसरा स्थान हासिल किया है। इतने ही नंबर लाकर बांकुड़ा जिले की सुषमा खान ने भी दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

नालंदा के बिहारशरीफ में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने आरोपियों के घर की कुर्की शुरू कर दी है जिसके बाद से एक-एक कर 6 आरोपियों ने सरेंडर किया।

सीएम नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के बिहारशरीफ में रामनवमी शोभायात्रा में मामूली कहासुनी से शुरू हुई हिंसा ने शहर के सामाजिक ताने बाने पर बुरा असर डाला है।

मदरसा अजिजिया की लाइब्रेरी में कुरान, हदीस समेत लगभग 4500 किताबें रखी हुई थीं। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि इमारत की दीवारों में दरारें आ गई हैं और जली हुई लोहे की अलमारी से तपिश अब भी निकल रही है।