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सहरसा में ओवर ब्रिज के लिए प्रदर्शन, बार बार शिलान्यास हुआ पर नहीं बना

प्रदर्शन में मौजूद नव निर्माण मंच के संस्थापक और पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कहा कि पुल नहीं बनने से शहर में भयावह जाम की समस्या उत्पन्न होती है जिससे गंभीर अवस्था के मरीज़ों को जान से हाथ धोना पड़ता है। वहीं, स्कूल के छात्र छात्राओं को स्कूल कॉलेज पहुंचने में देरी होने से अक्सर परीक्षाएं छूट जाती हैं।

Sarfaraz Alam Reported By Sarfraz Alam |
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बिहार के सहरसा में दशकों से बंगाली बाज़ार में ओवर ब्रिज निर्माण की मांग उठती रही है। दिवंगत नेता रामविलास पासवान, जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जैसे कई दिग्गज नेताओं द्वारा इस पुल का शिलान्यास भी किया गया लेकिन अब तक इसका निर्माण नहीं हो सका। शनिवार को नवनिर्माण मंच सहरसा ने पुल निर्माण की मांग को लेकर सहरसा समाहरणालय के आगे प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सहरसा नगर निगम के 46 वार्ड पार्षद और अन्य स्थानीय नेताओं ने शिरकत की।

शहर में भयावह जाम की समस्या

प्रदर्शन में मौजूद नव निर्माण मंच के संस्थापक और पूर्व विधायक किशोर कुमार ने कहा कि पुल नहीं बनने से शहर में भयावह जाम की समस्या उत्पन्न होती है जिससे गंभीर अवस्था के मरीज़ों को जान से हाथ धोना पड़ता है। वहीं, स्कूल के छात्र छात्राओं को स्कूल कॉलेज पहुंचने में देरी होने से अक्सर परीक्षाएं छूट जाती हैं।

आगे उन्होंने कहा कि सहरसा के सांसद, विधायकों ने जनता को ठगा है और रेलवे विभाग, केंद्र सरकार और बिहार सरकार मामले को एक दूसरे पर टालकर पुल के निर्माण में देरी कर रहे हैं। अगर जल्द ओवर ब्रिज का निर्माण नहीं हुआ, तो शहरवासी विशाल आंदोलन करेंगे।


‘शिलान्यास हो चुका है, लेकिन…’

सहरसा नगर निगम के उप मुख्य पार्षद गुड्डू हयात ने बताया कि बंगाली बाज़ार ओवर ब्रिज का कई बार शिलान्यास हो चुका है और भारत सरकार द्वारा पुल निर्माण राशि का ऐलान करने के बावजूद अब तक ओवर ब्रिज नहीं बन सका। उन्होंने आगे कहा कि शहर में जाम की समस्या दशकों से चली आ रही है लेकिन कुछ पूंजीपतियों की मनमानी की वजह से ओवर ब्रिज का काम रुका हुआ है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले 27 सालों से ओवर ब्रिज के निर्माण में कुछ लोग जान बूझकर बाधा डाल रहे हैं। 2022 में 11 बार निविदा की तारीख का विस्तार किया गया और चार बार शिलान्यास भी हुआ लेकिन फिर भी काम शुरू नहीं किया गया।

इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोर्ट में तारीख पर तारीख देकर मामले को खींचा जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल 46 वार्डों के वार्ड पार्षद, शहर के सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने कहा कि शहर के सभी वर्गों के लोग ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग को लेकर सड़क पर उतर चुके हैं। जनप्रतिनिधि और सरकारी विभागों ने जल्द इसमें पहल नहीं की, तो सब मिलकर विशाल आंदोलन करेंगे।

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एमएचएम कॉलेज सहरसा से बीए पढ़ा हुआ हूं। फ्रीलांसर के तौर पर सहरसा से ग्राउंड स्टोरी करता हूं।

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