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नीतीश ने दोहराया- मामूली परीक्षा के बाद मिलेगा नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा

समारोह को संबोधित करते हुए नियोजित शिक्षकों के बारे में नीतीश ने कहा कि नियोजित शिक्षक लंबे समय से राज्यकर्मी का दर्जा देने की डिमांड कर रहे थे, अब उनको सरकारी तौर पर पर्मानेंट कर दिया जायेगा।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :
nitish reiterated in gandhi maidan niyojit teachers will get the status of government employees after appearing in basic examination

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार ने तय कर लिया है कि नियोजित शिक्षकों को मामूली परीक्षा के बाद सरकारी कर्मी का दर्जा दे दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने पटना के गांधी मैदान में बीपीएससी द्वारा चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के दौरान यह बात कही।


बीपीएससी द्वारा चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देने के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें राज्य के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। इनके अलावा समारोह में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और वित्त तथा वाणिज्य कर व संसदीय कार्य मंत्री विजेंद्र चौधरी भी उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए नियोजित शिक्षकों के बारे में नीतीश ने कहा कि नियोजित शिक्षक लंबे समय से राज्यकर्मी का दर्जा देने की डिमांड कर रहे थे, अब उनको सरकारी तौर पर पर्मानेंट कर दिया जायेगा।


“हमलोगों ने सोच लिया है कि जो नियोजित शिक्षक हैं, उनके लिए हम एक मामूली परीक्षा का आयोजन करेंगे, और इसके बाद उनको भी पर्मानेंटली सरकारी बनाएंगे। यह हमलोगों की इच्छा है। हालांकि, उनलोगों को पैसा दे ही रही है सरकार। ऐसा थोड़ी है कि उनको पैसा नहीं दे रहे हैं। इसीलिए इनलोगों को सरकारी बना देंगे,” उन्होंने कहा।

इस अवसर पर नीतीश कुमार ने कहा बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में 68 हजार नियोजित शिक्षकों ने भाग लिया था, जिसमें 28,815 शिक्षक सफल हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि बिहार सरकार ने 2006-2007 से अब तक 3,68,000 नियोजित शिक्षकों की नियुक्ति की है।

रिक्त सीटों को दूसरे फेज में जोड़ देंगेः नीतीश

नीतीश ने आगे कहा कि सरकार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस फेज की बची हुई रिक्तियों को अगले चरण की नियुक्तियों में जोड़ दिया जाये। नीतीश ने इस अवसर पर अगले चरण की बहाली बचे हुए दो महीने के अन्दर ही पूरा करने को लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से वादा भी लिया।

“पाठक जी हम तो चाहते हैं कि अगला दो महीना के अन्दर बचा हुआ है 1 लाख 20 हजार के करीब, उसका भी शुरू करवा दीजिये, ताकि उसकी भी तेजी से बहाली हो जाये। इसको तेजी से करवा दीजियेगा। करियेगा न जी (केके पाठक को देखते हुए)! यह हमारा आग्रह है,” उन्होंने कहा।

इसके बाद नीतीश कुमार, शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की तरफ मुखातिब हुए और उनको खड़े होकर बोलने के लिए कहा कि जो बची हुई रिक्तियां हैं, उसको दो महीने के अन्दर पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि वे लोग चाहते हैं कि बची हुई रिक्तियां इस साल के बचे हुए दो महीने के अन्दर ही पूरी कर दी जायें।

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उल्लेखनीय है कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी बनाने से संबंधित नियमावली का ड्राफ्ट शिक्षा विभाग ने जारी कर उनपर लोगों और शिक्षकों से सुझाव मांगे हैं। प्रबल संभावना है कि 3 नवंबर को होने वाली बिहार कैबिनेट की बैठक में इसपर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है और नयी नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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