Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

बिहार के सरकारी स्कूलों में होली की नहीं मिली छुट्टी, बच्चे नदारद, शिक्षकों में मायूसी

होली के दिन स्कूल खुला रखने से शिक्षक मायूस हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्कूल खुला होने के बावजूद होली त्यौहार के कारण बच्चे विद्यालय नहीं आए ऐसे में स्कूल खोलने का कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने 25 मार्च की जगह 26 और 27 मार्च को होली की छुट्टी दी है।

shah faisal main media correspondent Reported By Shah Faisal |
Published On :
holi holiday not given in government schools of bihar

सोमवार को देश भर में होली का त्यौहार मनाया जा रहा है हालांकि बिहार के सरकारी स्कूलों में सोमवार को छुट्ठी नहीं दी गई है। स्कूल खुला होने के बावजूद किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड स्थित आदर्श मध्य विद्यालय दामलबाड़ी में सन्नाटा पसरा है। शिक्षा विभाग के आदेश पर स्कूल में शिक्षक तो मौजूद हैं पर छात्र छात्राओं की उपस्थिति नहीं है।


होली के दिन स्कूल खुला रखने से शिक्षक मायूस हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि स्कूल खुला होने के बावजूद होली त्यौहार के कारण बच्चे विद्यालय नहीं आए ऐसे में स्कूल खोलने का कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने 25 मार्च की जगह 26 और 27 मार्च को होली की छुट्टी दी है।

आदर्श मध्य विद्यालय दामलबाड़ी के शिक्षक सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि राज्य के हिन्दू समाज में छठ के बाद होली सबसे बड़ा पर्व है लेकिन होली के दिन भी शिक्षा विभाग ने स्कूल खुला रखने का आदेश दिया है। ऐसा करना शिक्षकों को प्रताड़ित करने जैसा है।


वहीं शिक्षक कुंदन कुमार ने कहा कि छात्र छात्राएं स्कूल में उपस्तिथ नहीं हैं लेकिन बिहार सरकार के कर्मचारी होने के कारण स्कूल के शिक्षक आदेश का पालन कर रहे हैं। होली वाले दिन स्कूल खुला रखने से कोई फायदा नहीं हुआ।

Also Read Story

बिहार चुनाव: राजनीतिक पार्टियों के घोषणापत्रों में शिक्षा को जगह देने की मांग

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड पर अब नहीं लगेगा ब्याज, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

पीएम की पूर्णिया सभा में भीड़ जुटाने के लिए कंडक्टर-खलासी बनाए जा रहे शिक्षक!

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि से सीमांचल के छात्रों पर कितना असर

दशकों पुरानी मांग पूरी, टेढ़ागाछ को मिलेगा डिग्री कॉलेज

बिहार के सरकारी विद्यालयों में लिपिक व चपरासी पदों पर होगी नियुक्ति, अनुकंपा का भी रास्ता खुला

स्थानांतरित शिक्षकों के लिए विद्यालय आवंटन प्रक्रिया शुरू

बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पास करने के बावजूद अभ्यर्थी बेरोज़गार, महीनों बाद भी नियुक्ति नहीं

बिहार में सिर्फ कागज़ों पर चल रहे शिक्षा सेवक और तालीमी मरकज़ केंद्र?

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

Shah Faisal is using alternative media to bring attention to problems faced by people in rural Bihar. He is also a part of Change Chitra program run by Video Volunteers and US Embassy. ‘Open Defecation Failure’, a documentary made by Faisal’s team brought forth the harsh truth of Prime Minister Narendra Modi’s dream project – Swacch Bharat Mission.

Related News

अररिया के सैकड़ों शिक्षकों का एरियर सालों से लंबित, डीपीओ पर अनियमितता का आरोप

जब मैट्रिक परीक्षा केंद्र में फैल गई भूत-प्रेत की अफ़वाह

बिहार के ग्रामीण स्कूलों में नामांकन बढ़ा, लेकिन पढ़ने-लिखने की चुनौतियाँ बरकरार

बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा: देरी से पहुंचने पर नहीं मिला प्रवेश, रो पड़ीं छात्राएं

बिहार: इंटर परीक्षार्थियों के लिए निर्देश जारी, नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई

प्रोफेसर विवेकानंद सिंह बने पूर्णिया विश्वविद्यालय के नए कुलपति

70वीं BPSC परीक्षा को लेकर विरोध प्रदर्शन का क्या है पूरा मामला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

VB-G RAM G: लागू होने से पहले ही क्या नया कानून मनरेगा मज़दूरों का हक़ छीन रहा?

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क