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कटिहार: ड्रेनेज सिस्टम के अधूरे काम से लोगों के घर कटने की कगार पर, नेशनल हाइवे का पुल भी धंसा

रोजितपुर निवासी सईद अंसारी ने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण में तकनीकी चूक और लापरवाही से मोहल्ले में रहने वाले लोगों के घरों पर खतरा मंडरा रहा है। गड्ढों में न मिट्टी भरी जा रही है न ही अधूरे पड़े निर्माण कार्य को दोबारा शुरू किया जा रहा है। गड्ढे और जलजमाव से बच्चों के गिरने का भी खतरा बढ़ गया है।

shadab alam Reported By Shadab Alam |
Published On :
water drainage under construction in ward 45 of katihar municipal commission

कटिहार नगर निगम क्षेत्र में जल निकासी के लिए वाटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कार्य वार्ड नंबर 45 के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण के लिए जो गड्ढे खोदे गए थे उनमें बारिश का पानी भर चुका है। इन गड्ढों के कारण कई लोगों के घरों की दीवारें और दरवाज़े गिर गए हैं। बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यानी बुडको द्वारा इस ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया जा रहा है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि ड्रेनेज सिस्टम बनाते वक्त आवश्यकता से अधिक मिट्टी काट दी गयी जिस कारण बारिश होने से आस पास की मिट्टी कटकर गिर रही है। इससे लोगों के घरों की दीवारें गिरने लगी हैं। गड्ढों में पानी होने से लोगों को आने-जाने में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मिट्टी के कटाव से रोजितपुर वार्ड संख्या 45 के निवासी तफीरुद्दीन अंसारी के घर की दिवार और मुख्य दरवाज़ा ज़मींदोज़ हो चुका है। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम बनाने के बाद आस पास के गड्ढों को वैसे ही छोड़ दिया गया जिस कारण उनके घर की दीवार ढह गई। तफीरुद्दीन के अनुसार इलाके के 20-25 घर इन गड्ढों के कारण टूटने की कगार पर हैं। वह चाहते हैं कि सरकार उन्हें उनके नुकसान का मुआवज़ा दे।


स्थानीय निवासी मोहम्मद कौसर कहते हैं कि चार महीनों से नालों को खोद कर छोड़ दिया गया है। बरसात का पानी घरों में घुसने लगा है। ऐसा ही चलता रहा तो घर छोड़ने की नौबत आ सकती है।

रोजितपुर निवासी सईद अंसारी ने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण में तकनीकी चूक और लापरवाही से मोहल्ले में रहने वाले लोगों के घरों पर खतरा मंडरा रहा है। गड्ढों में न मिट्टी भरी जा रही है न ही अधूरे पड़े निर्माण कार्य को दोबारा शुरू किया जा रहा है। गड्ढे और जलजमाव से बच्चों के गिरने का भी खतरा बढ़ गया है।

कटिहार में लगातार हो रही बारिश का असर निर्माणाधीन नेशनल हाइवे पर भी दिखने लगा है। हाइवे पर बने पुल के स्लैब कई जगह से खिसक गए हैं और पुल से सटा वाटर ड्रेनेज सिस्टम भी पूरी तरह से धंस चुका है। कटिहार प्रखंड की डेहरिया पंचायत के मुखिया राम अवतार सिंह ने नेशनल हाइवे पुल के निर्माणकार्य की गुणवत्ता को खराब बताया और इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

राजद नेता रामप्रकाश महतो मौके पर पहुंचे और स्थिति को देखते हुए उन्होंने निर्माण कर रही कंपनी से जल्द से इसे जल्द दुरुस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कटिहार में निर्माणाधीन नेशनल हाइवे के धंसने और ड्रेनेज सिस्टम के मुद्दे को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंचाएंगे।

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सय्यद शादाब आलम बिहार के कटिहार ज़िले से पत्रकार हैं।

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