Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

भीषण गर्मी में बिजली कटौती और लो वोल्टेज से ग्रस्त कटिहार के दर्जनों गांव

कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल अंतर्गत कदवा और आजमनगर प्रखंड के कई गांवों के लोग बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। जून महीने में कटिहार में लगातार भीषण हीट वेव देखा जा रहा है ऐसे में बिजली की इस समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

Aaquil Jawed Reported By Aaquil Jawed |
Published On :

कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल अंतर्गत कदवा और आजमनगर प्रखंड के कई गांवों के लोग बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। जून महीने में कटिहार में लगातार भीषण हीट वेव देखा जा रहा है ऐसे में बिजली की इस समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष गर्मियों के मौसम में लो वोल्टेज की समस्या बढ़ जाती है। 28 पंचायत वाले आजमनगर प्रखंड क्षेत्र में आवश्यकता से कम बिजली आपूर्ति किए जाने के कारण उपभोक्ताओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। कम वोल्टेज में बल्ब की मद्धिम रौशनी और धीरे धीरे डोलते पंखों के नीचे बैठे बच्चों को पढाई में बाधा आ रही है।

Also Read Story

किशनगंज के इस गांव में बिजली के लटकते तारों से वर्षो से हैं ग्रामीण परेशान

2017 की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ किशनगंज का मझिया पुल दे रहा हादसों को दावत

न सड़क, न पर्याप्त क्लासरूम – मूलभूत सुविधाओं से वंचित अररिया का यह प्लस टू स्कूल

“हमलोग डूबे रहते हैं, हमें कोई नहीं देखता” सालों से पुल की आस में हैं इस महादलित गांव के लोग

किशनगंज: शवदाह गृह निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग करने का आरोप, जांच की मांग

सहरसा: पुल निर्माण में हो रही देरी से ग्रामीण आक्रोशित, जलस्तर बढ़ने से बढ़ा खतरा

किशनगंज: जाम से निजात दिलाने के लिये रमज़ान पुल के पास नदी के ऊपर बनेगी पार्किंग

कटिहार: सड़क न बनने से नाराज़ महिलाओं ने घंटों किया सड़क जाम

कटिहार के एक गांव में 200 से अधिक घर जल कर राख, एक महिला की मौत

कदवा प्रखंड के दरियापुर गांव के निवासी नजरूल हक़ ने कहा कि बिजली का बिल देने के बावजूद उन जैसे हज़ारों ग्रामीणों को लो वोल्टेज की समस्या से दोचार होना पड़ रहा है। इलाके में बिजली की व्यवस्था बेहद लचर है अगर विभाग बिजली देने में असमर्थ है तो हमें किरासन तेल और लालटेन दिया जाए ताकि लालटेन जलाकर हम लोग पहले की तरह गुजर बसर कर सकें।


बुजुर्ग ग्रामीण अब्दुल लतीफ़ लो वोल्टेज से काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिजली ठीक करने के लिए कहने पर बिजली मिस्त्री पोल पर चढ़ने से मना कर देते हैं और विभाग भी नहीं सुनता। गांव में पैसे वाले लोग स्टेबलाइजर लगा लेते हैं लेकिन गरीब लोग स्टेबलाइजर नहीं लगा पाते और गर्मी में रहने पर मजबूर होते हैं।

बिजली की समस्या से महिलाएं भी काफी परेशान हैं। दरियापुर निवासी, गृहिणी फरज़ाना खातून कहती हैं कि बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई में बहुत दिक्कतें आती हैं। रात में इतनी गर्मी होती है कि बच्चे सो भी नहीं पाते।

पास में खड़ी एक और गृहिणी तंज़ीमा खातून ने कहा कि बिजली कनेक्शन लेने के बावजूद हम लोगों को डिबिया जलाकर रहना पड़ता है। ऐसे में बिजली का क्या फायदा है, इससे अच्छा तो सरकार हमारा बिजली कनेक्शन काट दे।

कुछ ऐसा ही हाल आजमनगर प्रखंड के ज्यादातर पंचायतों में है। तेघड़ा पंचायत निवासी अंसार उल हक ने बताया कि उनके गांव में 5 साल पहले आग लग जाने से कई लोगों के मीटर खराब हो गए थे जो अब तक ठीक नहीं किये गए। लो वोल्टेज की वजह से ना पंखा चल पाता है और ना ही बल्ब जलता है, इस बिजली का क्या फायदा, इससे अच्छा है कि लोग सोलर और बैटरी का प्रयोग करे।

कटिहार जिले के किसानों को भी बिजली संकट के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आजमनगर प्रखंड के दनिहां, शीतलमनी, गायघट्टा, जलकी, अमरसिंहपुर, और कदवा के निस्ता, दरियापुर सहित कई क्षेत्रों में लो वोल्टेज के कारण खेत में पटवन के लिए इस्तेमाल होने वाले मोटर बंद पड़े हुए हैं।

ग्राम पंचायत तेघड़ा के वार्ड मेंबर नरेश राय ने बताया कि बिजली न होने से किसानों को फसल का नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर बिजली विभाग, परिस्थिति में सुधार नहीं लाता है तो प्रखंड के सभी उपभोक्ता विभाग के खिलाफ जन आंदोलन करेंगे।

इस मामले में हमने बिजली विभाग बारसोई के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर विभास कुमार से फ़ोन पर बात की। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले लो वोल्टेज की समस्या थी लेकिन पावर ग्रिड में काम होने के बाद इसे ठीक कर लिया गया है और अभी ऐसी कोई बात नहीं है। हालाँकि ज़मीनी स्तर पर इंजीनियर विभास कुमार का यह दावा सच्चाई से कोसों दूर नज़र आता है।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

Aaquil Jawed is the founder of The Loudspeaker Group, known for organising Open Mic events and news related activities in Seemanchal area, primarily in Katihar district of Bihar. He writes on issues in and around his village.

Related News

“ना रोड है ना पुल, वोट देकर क्या करेंगे?” किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के अमौर में क्यों हुआ वोटिंग का बहिष्कार?

2017 की बाढ़ में टूटा पुल अब तक नहीं बना, नेताओं के आश्वासन से ग्रामीण नाउम्मीद

कटिहार के एक दलित गांव में छोटी सी सड़क के लिए ज़मीन नहीं दे रहे ज़मींदार

सुपौल में कोसी नदी पर भेजा-बकौर निर्माणाधीन पुल गिरने से एक की मौत और नौ घायल, जांच का आदेश

पटना-न्यू जलपाईगुरी वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ, पीएम मोदी ने दी बिहार को रेल की कई सौगात

“किशनगंज मरीन ड्राइव बन जाएगा”, किशनगंज नगर परिषद ने शुरू किया रमज़ान नदी बचाओ अभियान

बिहार का खंडहरनुमा स्कूल, कमरे की दीवार गिर चुकी है – ‘देख कर रूह कांप जाती है’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

किशनगंज के इस गांव में बढ़ रही दिव्यांग बच्चों की तादाद

बिहार-बंगाल सीमा पर वर्षों से पुल का इंतज़ार, चचरी भरोसे रायगंज-बारसोई

अररिया में पुल न बनने पर ग्रामीण बोले, “सांसद कहते हैं अल्पसंख्यकों के गांव का पुल नहीं बनाएंगे”

किशनगंज: दशकों से पुल के इंतज़ार में जन प्रतिनिधियों से मायूस ग्रामीण

मूल सुविधाओं से वंचित सहरसा का गाँव, वोटिंग का किया बहिष्कार