Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

किशनगंज: पोठिया प्रखंड की 27 सड़कों के निर्माण कार्य को मिली मंज़ूरी

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
Published On :

बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग ने बीते 9 अक्टूबर को एक निर्देश जारी कर मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना अंतर्गत राज्य भर में 172 सड़कों के निर्माण की घोषणा की।

इन 172 सड़कों में किशनगंज जिले की 27 सड़कों का भी ज़िक्र है। निर्माण होने वाली ये सभी 27 सड़कें पोठिया प्रखंड की हैं। पूरे बिहार में स्वीकृत हुई सड़कों में पोठिया प्रखंड को सबसे अधिक सड़कें मिली हैं।

Also Read Story

“ना रोड है ना पुल, वोट देकर क्या करेंगे?” किशनगंज लोकसभा क्षेत्र के अमौर में क्यों हुआ वोटिंग का बहिष्कार?

2017 की बाढ़ में टूटा पुल अब तक नहीं बना, नेताओं के आश्वासन से ग्रामीण नाउम्मीद

कटिहार के एक दलित गांव में छोटी सी सड़क के लिए ज़मीन नहीं दे रहे ज़मींदार

सुपौल में कोसी नदी पर भेजा-बकौर निर्माणाधीन पुल गिरने से एक की मौत और नौ घायल, जांच का आदेश

पटना-न्यू जलपाईगुरी वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ, पीएम मोदी ने दी बिहार को रेल की कई सौगात

“किशनगंज मरीन ड्राइव बन जाएगा”, किशनगंज नगर परिषद ने शुरू किया रमज़ान नदी बचाओ अभियान

बिहार का खंडहरनुमा स्कूल, कमरे की दिवार गिर चुकी है – ‘देख कर रूह कांप जाती है’

शिलान्यास के एक दशक बाद भी नहीं बना अमौर का रसैली घाट पुल, आने-जाने के लिये नाव ही सहारा

पीएम मोदी ने बिहार को 12,800 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का दिया तोहफा

पोठिया प्रखंड की इन सभी सड़कों के निर्माण में कुल 48. 37 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। प्रखंड में बनने वाली सभी सड़कों की कुल लंबाई लगभग 37 किलोमीटर बताई गई है जिसमें सबसे लंबी सड़क आमबाड़ी में बनेगी, जो फाला पंचायत भवन चौक से धर्मबीटा होते हुए डुबानोची आमबाड़ी तक जाती है। सबसे अधिक खर्च किये जाने वाली सड़क भी यही होगी जिसके लिए 4 करोड़ 1.3 लाख रुपये का बजट पास किया गया है।


स्वीकृत सड़कों की सूची इस प्रकार है

जिला- किशनगंज, प्रखंड – पोठिया
इलाका यहां से यहां तक
हल्दीबाड़ी सेठाबाड़ी पोठिया-इस्लामपुर सड़क सेठाबाड़ी सड़क
इन्द्रपुर केटीटीजी सड़क इन्द्रपुर दारोगांव
बघलबाड़ी देहलबाड़ी प्राथमिक स्कूल बगलबाड़ी मध्य विद्यालय
पूरब पनासी टीपू चौक पूरब पनासी
गानाबाड़ी हैकल बाड़ी गानाबाड़ी
चोरीगाड़ी छमठिया चोरीगाड़ी
माखनपोखर झीनाखोर नसीम हाउस माखनपोखर
पश्चिम बाबनगांव करीगांव पश्चिम बाबनगांव चाय बगान
नया टोला बंगाल बोर्डर नया टोला कब्रिस्तान
आदिवासी टोला आदिवासी टोला अस्पताल PMGSY सड़क गलगलिया
सिसाबाड़ी आदिवासी टोला T04 किशनगंज ठाकुरगंज सिसाबाड़ी आदिवासी टोला
कासीबाड़ी मुस्लिम टोला भुड़ी भीटा कासीबाड़ी मुस्लिम टोला होते हुए हिंदु टोला
बैंडोगरा कच्ची बाड़ी ईदगाह आदिवासी टोला होते हुए बैंडोगरा
इलवाबाड़ी PWD सड़क रायपुर खेकी बस्ती इलवाबाड़ी
बूड़ीगछ खेकी बस्ती इलवाबाड़ी बूड़ीगाछ
झुराडांगी झुराडांगी सड़क सरायकुट होता हुआ खानकी सड़क
पहानटोला पीपलबाड़ी सड़क पहानटोला
बालुबाड़ी इन्द्रपुर सड़क बालुबाड़ी
आदिवासी टोला किशनगंज ठाकुरगंज सड़क बाबबगाछ आदिवासी टोला
मिरामनी टोला किशनगंज ठाकुरगंज सड़क मिरामानी टोला
जमालपुर पुरंदरपूर तैयबपूर सोनापूर सड़क जमालपुर पुरंदरपूर
निकरबाड़ी भुसीपुर निकारबाड़ी टोला
आमबाड़ी फाला पंचायत भवन चौक धर्मबीटा होते हुए डुबानोची आमबाड़ी
गीलाबाड़ी गीलाबाड़ी स्कूल गीलाबाड़ी गांव होते हुए कठकुआ चौक तक
भेभेरी मुस्लिम टोला कोईमारी भेभेरी टोला
गेरालोटी मिलिक बस्ती गेरालोटी
पारुकुपी सड़क पाकामौलाना सड़क पारुकुपी सड़क

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

Related News

आज़ादी के सात दशक बाद भी नहीं बनी अमौर की रहरिया-केमा सड़क, लोग चुनाव का करेंगे बहिष्कार

किशनगंज सदर अस्पताल में सीटी स्कैन रिपोर्ट के लिए घंटों का इंतज़ार, निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे लेने का आरोप

अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन की बदलेगी सूरत, 22 करोड़ रुपये से होगा पुनर्विकास

अररिया, मधेपुरा व सुपौल समेत बिहार के 33 रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प

“हम लोग घर के रहे, न घाट के”, मधेपुरा रेल इंजन कारखाने के लिए जमीन देने वाले किसानों का दर्द

नीतीश कुमार ने 1,555 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न योजनाओं का किया उद्घाटन

छह हजार करोड़ रूपये की लागत से होगा 2,165 नये ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

किशनगंज: दशकों से पुल के इंतज़ार में जन प्रतिनिधियों से मायूस ग्रामीण

मूल सुविधाओं से वंचित सहरसा का गाँव, वोटिंग का किया बहिष्कार

सुपौल: देश के पूर्व रेल मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के गांव में विकास क्यों नहीं पहुंच पा रहा?

सुपौल पुल हादसे पर ग्राउंड रिपोर्ट – ‘पलटू राम का पुल भी पलट रहा है’

बीपी मंडल के गांव के दलितों तक कब पहुंचेगा सामाजिक न्याय?