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सहरसा में बाढ़ राहत राशि वितरण में धांधली का आरोप, समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल भाकपा माले के नेता कुंदन यादव ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को मिलने वाली बाढ़ सहायता राशि में अंचल कर्मियों द्वारा जमकर धांधली कर हजारों राशन कार्डधारी लोगों को राशि से वंचित कर दिया है, जो बाढ़ पीड़ित परिवार के साथ सरासर अन्याय है।

Sarfaraz Alam Reported By Sarfraz Alam |
Published On :

बिहार के सहरसा जिला समाहरणालय के बाहर बाढ़ पीड़ितों ने बाढ़ राहत राशि के वितरण में धांधली का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अधिकारी पर बाढ़ राहत राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

सहरसा के नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र की सात पंचायतों के छूटे हुए सैकड़ों बाढ़ पीड़ित परिवारों को बाढ़ सहायता राशि देने, बाढ़ राहत फर्जीवाड़ा में संलिप्त अंचल के कर्मियों पर कार्रवाई करने, गरीब-दलित व आम जनता को नोटिस भेज कर परेशान करने को लेकर यह प्रदर्शन किया गया था। लोगों ने बताया कि जिले के नौहट्टा प्रखंड की 7 पंचायत के हजारों बाढ़ पीड़ित बाढ़ सहायता राशि से वंचित हैं। प्रदर्शन कर रहे मनोज कुमार यादव ने बताया कि सरकार बाढ़ पीड़ित परिवारों को 7 हजार रुपए देती है, लेकिन उसमें भी पूरी तरीके से धांधली की जा रही है।

नौहट्टा प्रखंड का हाल

आपको बता दें कि इस इलाके के लोगों को हर साल बाढ़ की मार झेलनी पड़ती है। जिले के नौहट्टा प्रखंड क्षेत्र के सत्तोर, नौला, बकुनिया समेत सात ऐसे पंचायत हैं, जहाँ प्रतिवर्ष प्रलयकारी बाढ़ आती है। लोगों का बना बनाया आशियाना बाढ़ में समा जाता है और लोग बेघर हो जाते हैं।


ऐसे लोगो को सरकार बाढ़ सहायता राशि उपलब्ध करवाती है, ताकि उन परिवारों को थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन, धरातल पर कुछ और ही नजारा देखने को मिलता है। बाढ़ पीड़ित अफसाना परवीन और अमृता देवी कहती हैं कि इतने दिन गुज़रने के बाद भी उन लोगों को बाढ़ सहायता राशि नहीं मिली है। इसके उलट लोगों को रिकवरी नोटिस भेज कर परेशान किया जा रहा है।

धांधली का आरोप

प्रदर्शन में शामिल भाकपा माले के नेता कुंदन यादव ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को मिलने वाली बाढ़ सहायता राशि में अंचल कर्मियों द्वारा जमकर धांधली कर हजारों राशन कार्डधारी लोगों को राशि से वंचित कर दिया है, जो बाढ़ पीड़ित परिवार के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि धांधली में संलिप्त अंचल कर्मियों पर कार्रवाई के बदले आम जनता, गरीब, दलित-महादलित परिवार के लोगों को नोटिस भेज कर परेशान किया जा रहा है।

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मनोज ने अंचलाधिकारी और कर्मचारी के ऊपर पैसा लेकर फर्जी व्यक्तियों के खाते में पैसा भेजने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पैसे भेजने के बाद अंचलाधिकारी और कर्मचारी फर्जी व्यक्तियों के खाते से 6,500 रुपये निकाल कर सिर्फ 500 रुपये छोड़ देते हैं और फिर बाद में उनके खिलाफ रिकवरी का नोटिस भेजते हैं।

क्या बोले अंचलाधिकारी?

अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए नौहट्टा प्रखंड के अंचलाधिकारी अनिल कुमार ने ‘मैं मीडिया’ को फोन पर बताया कि ऐसी कोई जानकारी उनके पास नहीं है। लोगों ने क्यों प्रदर्शन किया इसकी कोई जानकारी नहीं है। लिस्ट के अनुसार बाढ़ पीड़ित को भुगतान हो गया है, कुछ बाकी है। इतना बोलकर उन्होंने फोन काट दिया।

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एमएचएम कॉलेज सहरसा से बीए पढ़ा हुआ हूं। फ्रीलांसर के तौर पर सहरसा से ग्राउंड स्टोरी करता हूं।

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