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“मुशायरों में फ्री एंट्री बंद हो” – शायर अज़हर इक़बाल से ख़ास बातचीत

19 फरवरी को मशहूर शायर अज़हर इक़बाल, अररिया लिटररी फेस्टिवल धनक 2024 के लिए बिहार के अररिया आए। उन्होंने अखिल भारतीय कवि सम्मलेन व मुशायरा का संचालन किया। मुशायरा में नाज़िम (संचालक) के तौर पर उन्होंने समां बांधे रखा। इसी दौरान उन्होंने अपनी पंक्तियां भी सुनाईं जिसे अररिया के नेताजी सुभाष स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खूब सराहा।

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
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poet azhar iqbal

19 फरवरी को मशहूर शायर अज़हर इक़बाल, अररिया लिटररी फेस्टिवल धनक 2024 के लिए बिहार के अररिया आए। उन्होंने अखिल भारतीय कवि सम्मलेन व मुशायरा का संचालन किया। मुशायरा में नाज़िम (संचालक) के तौर पर उन्होंने समां बांधे रखा। इसी दौरान उन्होंने अपनी पंक्तियां भी सुनाईं जिसे अररिया के नेताजी सुभाष स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने खूब सराहा।


इससे पहले अज़हर इक़बाल ने ‘मैं मीडिया’ से ख़ास बातचीत की जिसमें उन्होंने साहित्य और कला जगत के बारे में कई अहम बिंदुओं की तरफ ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने अररिया में हो रहे पहले लिटररी फेस्टिवल को बड़ी उपलब्धि बताया, साथ ही लोगों से साहित्य के करीब आने को कहा।

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इसके अलावा उन्होंने ओपन माइक कल्चर, इंस्टाग्राम शायरी, शायरों की आर्थिक हालात और मुशायरों के लिए टिकट की व्यवस्था शुरू करने जैसे कई मुद्दों पर खुल कर अपने विचार रखे।


‘मैं मीडिया’ के साथ शायर अज़हर इक़बाल की बातचीत का पूरा वीडियो यहां देखें।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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