Sunday, June 26, 2022
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अररिया: अल्पसंख्यकों के लिए बनाये छात्रावास खंडहर में तब्दील

अल्पसंख्यक विभाग द्वारा छात्रों के लिए अररिया जिले में बनाए गए छात्रावासों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। इन छात्रावासों की देखरेख नहीं...

अररिया: धार्मिक स्थल पर लगाया दूसरे सम्प्रदाय का झंडा, स्थिति काबू में

अररिया के नगर थाना क्षेत्र में रामपुर कोदरकट्टी पंचायत के राजपूत टोला स्थित लक्ष्मी-नारायण मंदिर में मंगलवार की देर रात असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर...

क्या पुलिस की पिटाई से हुई शराब के आरोपित की मौत?

सात साल के सुधीर कुमार धरकार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी, तो उसे पता भी नहीं होगा कि वह ऐसा क्यों कर रहा...

SDRF की एक टीम के भरोसे सीमांचल के 1.08 करोड़ लोग

बिहार के सीमांचल यानी किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और अररिया जिलों में नदियों का जाल बिछा हुआ है। हर जिले में कम से कम आधा...

गैंगरेप सर्वाइवर की जिंदगी: मूंह से अब भी निकलता है खून, पति ने छोड़ दिया

लगभग साल भर पहले हुई दरिंदगी को याद कर गैंगरेप सर्वाइवर सबीना अब भी कांप जाती हैं। उस दरिंदगी का जख्म उनके जेहन में इतना गहरा उतर गया है जिंदगी उन्हें बोझ लगने लगी है। गैंगरेप के बाद उन्हें इस बेरहमी से पीटा गया कि एक साल गुजर जाने के बाद भी शारीरिक जख्म नहीं सूखा है। उनके मुंह से अब भी खून निकल आता है। उनकी शादी के बाद उनसे गैंगरेप किया गया था, तो पति ने भी बीच रास्ते में उन्हें छोड़ दिया।

Watch: डर के साये में जी रही 5 वर्षीय रेप सर्वाइवर

पांच साल की निशा (बदला हुआ नाम) की अभी खिलौनों से खेलने, खिलखिलाने की उम्र थी, लेकिन उसके चेहरे पर पिछले 12 दिनों से...

कश्मीर में मजदूरों की हत्या: बेहतर जिंदगी, मकान का सपना रह गया अधूरा

महादलित समुदाय से आने वाले अररिया जिले के रानीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बौसी के रहने वाले राजा की सरकारी उम्र 14 साल ही थी, लेकिन उनके रिश्तेदार उसकी उम्र 18-19 साल बताते हैं। मगर उसकी समझदारी बताती है कि वह 18-19 का ही रहा होगा, तभी तो वह रोटी, कपड़ा और मकान की चिंता में घुलता रहता था। वह झोपड़ी में नहीं रहना चाहता था। वो एक ठोस मकान बनाना चाहता था, इसलिए अच्छी कमाई की चाहत उसे घर से 2000 किलोमीटर दूर कश्मीर ले गई थी। वहां 17 अक्टूबर को चरमपंथियों ने उसकी हत्या कर दी।

असमय आंधी और बारिश से सीमांचल में फसलों की तबाही

पूर्णिया जैसी ही स्थिति किशनगंज और अररिया के साथ-साथ समस्तीपुर, सुपौल और बेगूसराय के किसानों की भी है। बारिश के कारण इन जिलों की फसल भी ख़राब हो गई है।

अररिया का मज़दूर जम्मू से लापता, पुलिस का चक्कर लगा रहे पिता

अररिया जिले के नगर थाना क्षेत्र की कमलदाहा पंचायत का निवासी 23 वर्षीय मो. अब्बास अपने पिता और बड़े भाई के साथ दो महीने पहले कश्मीर गया था। 15 अक्टूबर को तीनों गांव लौट रहे थे, तभी जम्मू स्टेशन पर अब्बास लापता हो गया।

अररिया: मजदूरी करने गये थे जम्मू-कश्मीर, अब परिवार को लाश का इंतजार

पिछले 16 दिनों में गैर-कश्मीरी नागरिकों पर हमले की ये तीसरी वारदात थी। इससे पहले 5 अक्टूबर को बिहार के भागलपुर के रहने वाले एक व्यक्ति को गोली मार दी गई थी। वे श्रीनगर में गोलगप्पा बेचते थे। इसके बाद 16 अक्टूबर की शाम अलग-अगल जगहों पर आतंकियों ने बिहार के बांका और उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो व्यक्तियों की हत्या कर दी थी।

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