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पश्चिम बंगाल: ड्रैगन फ्रूट की खेती कर सफलता की कहानी लिखते चौघरिया गांव के पवित्र राय

पवित्र राय अपने गांव में ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआत करने वाले पहले किसान हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता को देख कर गांव और आसपास के और किसानों ने भी ड्रैगन फ्रूट उगाना शुरू किया है जिनकी वह मदद भी करते हैं।

isare jamil akhtar Reported By Isare Jamil Akhtar |
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dragon fruit farmer pavitra ray

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत चौघरिया गांव के रहने वाले पवित्र राय ने पारंपरिक खेती से हटकर अपना एक अलग रास्ता बनाया। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की और धीरे धीरे उससे अच्छा मुनाफा कमाना शुरू कर दिया। वह ड्रैगन फ्रूट तो उगाते ही हैं, साथ साथ ठंड के मौसम में बची हुई जगहों पर स्ट्रॉबेरी की भी खेती करते हैं।


पवित्र राय ने वर्ष 2015 में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। अब वह अपने तीन बगीचों में ड्रैगन फ्रूट की खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि धान की खेती के मुकाबले ड्रैगन फ्रूट उगाने में तूफ़ान और बारिश से नुकसान होने का डर कम रहता है और मुनाफा भी धान से काफी अधिक रहता है। हर सीज़न 1 बीघा ज़मीन में ड्रैगन फ्रूट उगाने से दो से ढाई लाख की कमाई हो जाती है।

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पवित्र राय अपने गांव में ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआत करने वाले पहले किसान हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता को देख कर गांव और आसपास के और किसानों ने भी ड्रैगन फ्रूट उगाना शुरू किया है जिनकी वह मदद भी करते हैं।


इन फलों की बेहतर ढंग से खेती करने के लिए वह नार्थ बंगाल यूनिवर्सिटी के फ्लोरीकल्चर डिपार्टमेंट से तकनीकी सहायता लेते रहते हैं। उन्होंन आगे कहा कि ड्रैगन फ्रूट से शरीर को आवश्यक तत्व मिलते हैं इसलिए डॉक्टर मरीज़ों और खासकर गर्भवती महिलाओं को इसे खाने की सलाह देते हैं।

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Isare Jamil Akhtar is a graduate from Samsi College under University of Gour Banga. He has two years of experience in doing ground reports from Uttar Dinajpur district of West Bengal.

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