Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

अररिया: टीका लगाने के बाद डेढ़ माह की बच्ची की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा

मृत बच्ची के पिता अमित कुमार झा मूल रूप से किशनगंज के रहनेवाले हैं। फिलहाल, वह अररिया जिले की खरैया बस्ती स्थित काली बाजार में रहते हैं। नवजात की दादी अनिता देवी ने बताया कि वो अपनी पोती को पहला टीका दिलाने सदर अस्पताल लेकर आयी थी।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :

बिहार के अररिया में टीका लगाने के बाद डेढ़ महीने की एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को सदर अस्पताल में पहला टीका दिया गया था। मौत के बाद टीकाकरण में लगी सभी नर्स ड्यूटी छोड़कर फरार हो गईं।

नवजात की मौत पर परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस के समझाने के बाद परिजन शांत हुए।

Also Read Story

किशनगंज में बग़ैर सीजर के महिला ने 5 बच्चों को दिया जन्म, मां और बच्चे स्वस्थ

सरकारी योजनाओं से क्यों वंचित हैं बिहार के कुष्ठ रोगी

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी को कैंसर, नहीं करेंगे चुनाव प्रचार

चाकुलिया में लगाया गया सैनेटरी नैपकिन यूनिट

अररिया: स्कूल में मध्याह्न भोजन खाने से 40 बच्चों की हालत बिगड़ी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना को लेकर की उच्चस्तरीय बैठक

बिहार में कोरोना के 2 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क

कटिहार: आशा दिवस पर बैठक बुलाकर खुद नहीं आए प्रबंधक, घंटों बैठी रहीं आशा कर्मियां

“अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ जल्द होगी कार्रवाई”, किशनगंज में बोले स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव

मृत बच्ची के पिता अमित कुमार झा मूल रूप से किशनगंज के रहनेवाले हैं। फिलहाल, वह अररिया जिले की खरैया बस्ती स्थित काली बाजार में रहते हैं। नवजात की दादी अनिता देवी ने बताया कि वो अपनी पोती को पहला टीका दिलाने सदर अस्पताल लेकर आयी थी।


नर्स ने 11 बजे के करीब कई टीके लगाये और पोलियो का ड्रॉप भी पिलाया। उसके बाद बच्ची को लेकर वे घर चले गए। घर पर आधे घंटे के बाद बच्ची की नाक से खून निकलने लगा। घरवाले आनन-फानन में बच्ची को सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसको मृत घोषित कर दिया।

बच्ची की मौत की ख़बर से उसकी मां वहीं पर बेहोश होकर गिर पड़ी। उसकी हालत को देखते हुए उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जांच के लिये बनी चार डॉक्टरों की टीम

टीके से बच्ची की मौत की जानकारी मिलते ही सीएस विधान चंद्र सिंह ने जांच के लिए चार चिकित्सकों की टीम बनाई, जिसमें प्रभारी अधीक्षक डा आकाश, डा राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. मोईज और डॉ. अली हसन शामिल हैं।

जांच टीम में शामिल चिकित्सकों का मानना है कि बच्ची की मौत अप्राकृतिक है, लेकिन जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि कौन सी दवा से बच्ची को रिएक्शन हुआ है।

“अप्राकृतिक मौत लग रही है”

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह शिशु रोग विषेशज्ञ डॉ मोईज ने बताया कि यह मौत अप्राकृतिक लग रही है, हालांकि विसरा रिपोर्ट के बाद ही सही कारणों का पता चल पायेगा।

“सिविल सर्जन के निर्देशानुसार पोस्टमार्टम का फैसला लिया गया। पोस्टमार्टम के लिये बच्ची के परिजन मान गये, पोस्टमार्टम किया गया। चार डॉक्टरों की मेडिकल टीम बनाई गई थी। उन्हीं की देखरेख में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में मैं भी शामिल था। पोस्टमार्टम के बाद उसका विसरा भी प्रिज़र्व किया गया है,” उन्होंने कहा।

डॉ. मोईज़ ने आगे कहा, “बच्ची को बाहरी कहीं कोई दिक़्क़त नहीं थी। बिल्कुल नॉर्मल था, कहीं कोई चोट नहीं है, कोई निशान नहीं है। जब अंदर का पार्ट्स देखा गया तो वहां भी सारा चीज नार्मल पाया गया। इससे प्रतीत होता है कि बच्ची का डेथ अननेचुरल है। कोई विशेष कारण अबतक सामने नहीं आया है। विसरा रिपोर्ट जब आयेगी तो उससे एग्ज़ैक्ट जानकारी मिल पायेगी कि मौत का क्या कारण था।”

डॉ. मोईज़ ने कहा कि उस इंजेक्शन की शीशी से पांच बच्चों को टीके दिये गये थे, पांचों बच्चों की जानकारी ली गई तो पता चला कि वो सभी स्वस्थ हैं।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

Related News

किशनगंज: कोरोना काल में बना सदर अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट महीनों से बंद

अररिया: थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए पर्याप्त खून उपलब्ध नहीं

पूर्णियाः नॉर्मल डिलीवरी के मांगे 20 हजार रुपये, नहीं देने पर अस्पताल ने बनाया प्रसूता को बंधक

पटना के IGIMS में मुफ्त दवाई और इलाज, बिहार सरकार का फैसला

दो डाक्टर के भरोसे चल रहा मनिहारी अनुमंडल अस्पताल

पूर्णिया में अपेंडिक्स के ऑपरेशन की जगह से निकलने लगा मल मूत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

सिग्नल तोड़ते हुए मालगाड़ी ने कंचनजंघा एक्सप्रेस को पीछे से मारी टक्कर, 8 लोगों की मौत, 47 घायल

किशनगंज के इस गांव में बढ़ रही दिव्यांग बच्चों की तादाद

बिहार-बंगाल सीमा पर वर्षों से पुल का इंतज़ार, चचरी भरोसे रायगंज-बारसोई

अररिया में पुल न बनने पर ग्रामीण बोले, “सांसद कहते हैं अल्पसंख्यकों के गांव का पुल नहीं बनाएंगे”

किशनगंज: दशकों से पुल के इंतज़ार में जन प्रतिनिधियों से मायूस ग्रामीण