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पूर्णिया में अपेंडिक्स के ऑपरेशन की जगह से निकलने लगा मल मूत्र

पूर्णिया के एक निजी नर्सिंग होम में डॉक्टर की लापरवाही का एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है। डॉक्टर ने अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया जिसके बाद मरीज को ऑपरेशन की जगह से ही शौच होने लगा। 

Syed Tahseen Ali is a reporter from Purnea district Reported By Syed Tahseen Ali |
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पूर्णिया के एक निजी नर्सिंग होम में डॉक्टर की लापरवाही का एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है। डॉक्टर ने अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया जिसके बाद मरीज को ऑपरेशन की जगह से ही शौच होने लगा।


मामला पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित सलोनी नर्सिंग होम का है, जहां इलाज के दौरान लापरवाही को लेकर फिलहाल हंगामा बरपा है।

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सुपौल ज़िले के छातापुर के चकला गांव के रहने वाले मोहम्मद इसराइल की 35 वर्षीय पत्नी बीबी आमना खातून के पेट में अचानक दर्द होने लगा। जिसके बाद उन्हें उसे 22 अगस्त को सलोनी नर्सिंग होम में डॉक्टर पीसी झा के पास दिखाने लाया गया।


डॉक्टर ने जायजा लेने के बाद उन्हें अपेंडिक्स बताया और जल्द से जल्द ऑपरेशन के लिए कहा। डॉक्टर के कहने पर अगले ही दिन यानी 23 अगस्त को आमना खातून का अपेंडिक्स का ऑपरेशन कर दिया गया।

पीड़ित के पति मोहम्मद इसराइल ने बताया कि एक सप्ताह बाद मरीज को डिस्चार्ज कर वह घर ले गए। लेकिन घर पहुंच कर मरीज को ऑपरेशन की जगह से पस और मल मूत्र निकलने लगा, इसी कारण तीन सितंबर को मरीज को दोबारा डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने तसल्ली देते हुए कह दिया की चिंता की कोई बात नहीं है सब ठीक हो जाएगा।

मोहम्मद इसराइल ने आगे बताया कि मरीज के घर जाने पर समस्या वैसी की वैसी बनी रही। गुरुवार को फिर से डॉक्टर के पास ले गए तो इस बार डॉक्टर ने मरीज की ड्रेसिंग कर दी। लेकिन कुछ देर बाद कंपाउंडर ने आकर कहा कि आपकी मैरिज का इलाज यहां नहीं हो सकता है इसलिए इनको रेफर कर दिया गया है, इसीलिए इनका हायर सेंटर में पटना या फिर कहीं और लेकर चले जाइए।

इस पूरे मामले के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा साथ ही नर्सिंग होम में लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। हालात को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को शांत कराया।

परिजनों का आरोप है कि बगैर निबंध के चल रहे इस अस्पताल में डॉक्टर द्वारा घोर लापरवाही की गई है। जिसके कारण उनके मरीज की हालत अब नाजुक हो गई है।

वहीं इस मामले में नर्सिंग होम के मैनेजर ललित कुमार का कहना है कि ऐसा डॉक्टर की गलती से हो ही नहीं सकता है, यह केवल एक संजोग है जो की बहुत ही कम लोगों के साथ होता है। वह कहते हैं कि यह घाव धीरे-धीरे खुद ही ठीक हो जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम मरीज को डेढ़ महीने बाद देख सकते हैं लेकिन इस डेढ़ महीने में जो भी हो उसकी जिम्मेदारी नहीं लेंगे। नर्सिंग होम के निबंधित ना होने के सवाल पर वह मीडिया से झुंझला कर सवाल करते हैं कि बिना निबंधित हुए इतना बड़ा नर्सिंग होम कैसे चल सकता है?

इस मामले में सिविल सर्जन अभय प्रकाश चौधरी ने कहा की डॉक्टर पीसी झा एक अच्छे डॉक्टर हैं, मरीज के साथ कोई कॉम्प्लिकेशंस हुई है जिसको जांच के बिना पूरी तरह से बता पाना असंभव है।

साथ ही सिविल सर्जन ने बताया डॉक्टर पीसी झा का ‘सलोनी नर्सिंग होम’ निबंधित नहीं है। उन्होंने कहा, “निबंध के लिए हम लोग कह रहे हैं और इस संबंध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा माननीय न्यायालय में एक वाद भी दायर किया गया है, और मामला अभी कोर्ट में लंबित है।”

स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर पीसी झा का सलोनी नर्सिंग होम निबाधित नहीं है । शहर के में रोड में इतना बड़ा नर्सिंग होम वर्षों से बिना निबंधन के चल रहा है और जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पता तक नहीं है ।

मरीज को हायर सेंटर जाना चाहिए इलाज के लिए और यह कोई बड़ी बात नहीं है, फिर से ऑपरेशन होगा और यह मामला ठीक हो जाएगा।

बता दें की पूर्णिया का मेडिकल हब कहा जाने वाला लाइन बाजार लगातार सुर्खियों में रहता है । डॉक्टर की लापरवाही, मरीज की मौत और हंगामा यहां आम सी बात हो गई । लेकिन शहर के में रोड पर इतना बड़ा नर्सिंग होम वर्षों से बिना निबंधन के चलना और जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा इस पर कोई कार्रवाई न करना कोई आम बात नहीं हो सकती।

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सैयद तहसीन अली को 10 साल की पत्रकारिता का अनुभव है। बीते 5 साल से पुर्णिया और आसपास के इलाकों की ख़बरें कर रहे हैं। तहसीन ने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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