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भाजपा नेताओं से बोले नीतीश, “हमरा से दोस्तिया कहीयो खत्म होगा?”

मंच के नीचे बैठे भाजपा के नेताओं की तरफ इशारा कर मुख्यमंत्री बोले, ''जितने लोग हमारे हैं सब साथी हैं। छोड़िये न भाई... हम अलग हैं आप अलग हैं.. यह सब छोड़िये। हमरा तो दोस्तिया कहीयो खत्म होगा? जब तक हम जीवित रहेंगे आप लोगों के साथ मेरा संबंध ही रहेगा। चिंता मत करिये। सब मिलकर इसको (विश्वविद्यालय के काम को) जल्दी से करवा दीजिये। ''

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
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bihar cm nitish kumar

पूर्वी चम्पारण में स्थापित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शिरकत की। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने समारोह में अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार को अपना दोस्त बताया और कहा कि यह दोस्ती जीवन भर चलेगी। उन्होंने मोतिहारी में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में छात्रों को बधाई दी और कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय की इमारतों का निर्माण करा लिया जाएगा।


”ज़मीन के साथ साथ विश्वविद्यालय के निर्माण में भी मदद करेंगे”

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए 300 एकड़ ज़मीन की आवश्यकता है जिसमें से राज्य सरकार 130 एकड़ की ज़मीन पहले ही दे चुकी है। बाकी ज़मीनों के लिए उन्होंने मंच से एलान किया कि अगले कुछ दिनों में ही निर्माण के लिए ज़मीन विश्वविद्यालय को दे दी जायेगी।

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”हम लोग 130 -135 एकड़ ज़मीन दे दिए हैं लेकिन आपको 300 एकड़ ज़मीन चाहिए। हमने तय कर दिया है कि राज्य सरकार की तरफ से हम उतना दे देंगे। यहां के अधिकारियों को हमने कह दिया है कि तत्काल कर दीजिये। एक महीने के अंदर यह काम कर दीजिये। और हम आग्रह करेंगे कि उसका काम (बिल्डिंग निर्माण कार्य) अब शुरू करा दीजिये,” नीतीश कुमार ने कहा।


उन्होंने आगे यह भी कहा कि ज़मीन देने के बाद अगर विश्वविद्यालय बनाने में ज़रूरत पड़ी तो राज्य सरकार भी इसमें मदद करेगी।

“हमरा से दोस्तिया कहीयो खत्म होगा?”

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे कहा कि मोतिहारी में स्थापित हुए महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के काम के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार को हर संभव मदद देगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के लोगों से उनकी दोस्ती पुरानी है और वह दोस्ती नहीं टूटेगी।

मंच के नीचे बैठे भाजपा के नेताओं की तरफ इशारा कर मुख्यमंत्री बोले, ”जितने लोग हमारे हैं सब साथी हैं। छोड़िये न भाई… हम अलग हैं आप अलग हैं.. यह सब छोड़िये। हमरा तो दोस्तिया कहीयो खत्म होगा? जब तक हम जीवित रहेंगे आप लोगों के साथ मेरा संबंध ही रहेगा। चिंता मत करिये। सब मिलकर इसको (विश्वविद्यालय के काम को) जल्दी से करवा दीजिये। ”

आगे उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कहा, ”आदरणीय राष्ट्रपति जी हम तो आपको बोलवे किये हैं कल भी। अब आप आई हैं तो बहुत ख़ुशी हैं हमें। हम तो चाहेंगे, आप कुछ कुछ समय पर आते रहिए तो हम आपको एक बार पूरे पूर्वी चम्पारण में राष्ट्रपिता की एक एक चीज़ दिखा देंगे।”

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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