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TRE-3 में STET अपीयरिंग अभ्यर्थियों को मौका देने की मांग, “मौका न देना सरासर अन्याय है”

बिहार लोक सेवा आयोग ने जो तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन निकाला है, उसमें साफ कर दिया गया है कि अपीयरिंग कैंडिडेट्स को इस में भाग नहीं लेने दिया जायेगा। यानी इन पदों के लिये वही अभ्यर्थी आवेदन दे सकते हैं, जिनके पास सभी योग्यता संबंधी प्रमाण-पत्र मौजूद हैं।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
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बिहार लोक सेवा आयोग के तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) के अभ्यर्थी अपीयरिंग उम्मीदवारों को भी मौका देने की मांग कर रहे हैं। इन अभ्यर्थियों का मानना है कि तीसरे चरण में अपीयरिंग उम्मीदवारों का मौक़ा न देना, सरासर नाइंसाफी है।

शिक्षक अभ्यर्थी लगातार सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट के माध्यम से शिक्षा विभाग को टैग कर इस ओर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।

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हालांकि, बिहार लोक सेवा आयोग ने जो तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन निकाला है, उसमें साफ कर दिया गया है कि अपीयरिंग कैंडिडेट्स को इस में भाग नहीं लेने दिया जायेगा। यानी इन पदों के लिये वही अभ्यर्थी आवेदन दे सकते हैं, जिनके पास सभी योग्यता संबंधी प्रमाण-पत्र मौजूद हैं।


बताते चलें कि बिहार लोक सेवा आयोग ने बुधवार को तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया है। अभ्यर्थी 10 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 23 फरवरी है। वहीं विलंब शुल्क के साथ 25 फरवरी तक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई जायेगी।

विज्ञापन जारी होने के बाद से STET शिक्षक अभ्यर्थी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसमें अपीयरिंग कैंडिडेट्स को मौका देने की मांग कर रहे हैं।

मालूम हो कि माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) का आयोजन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) करती है। परीक्षा में सम्मिलित होने के इच्छुक तथा पात्र अभ्यर्थियों ने 14 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच ऑनलाइन आवेदन किया था।

उल्लेखनीय है कि माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में पेपर-। माध्यमिक स्कूलों (वर्ग 9-10) के शिक्षकों के लिये तथा पेपर-।। उच्च माध्यमिक स्कूलों (वर्ग 11-12) के शिक्षकों के लिये होता है।

जो अभ्यर्थी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) में सफल होते हैं, वो ही बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में भाग ले सकते हैं।

सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी उठा रहे आवाज़

एसटीईटी अभ्यर्थी लगातार सोशल मीडिया साइट एक्स पर इसको लेकर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। एसटीईटी अभ्यर्थी बिहार के शिक्षा मंत्री वियज कुमार चौधरी, बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अतुल प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को टैग कर इस ओर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।

एक्स हैंडल राजेश आर्या ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टैग कर लिखा, “BPSC TRE-3 में STET-24 अपीयरिंग वालों को मौका मिलना चाहिए, क्योंकि सबने अगस्त में परीक्षा को ध्यान में रख कर ही STET-24 का फॉर्म भरा था।“

आईएम शाहरुख आजाद ने लिखा, “TRE-3 में STET 2024 वालो का हक बनता है। STET अपीयरिंग को मौका मिलना ही चाहिए।”

छात्रों के हित में मजबूती से आवाज उठाने वाले बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार ने लिखा, “STET का फॉर्म तो दिसंबर मे ही आ गया था तो पहले STET करवाते फिर TRE-3 निकालते, नही तो अपीयरिंग को मौका दीजिए, अन्याय नहीं सहेंगे।”

भाकपा माले के नेता और पालीगंज विधायक संदीप सौरव ने भी एक्स पर पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी को टैग करते हुए इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

उन्होंने लिखा, “बग़ैर STET की परीक्षा लिए TRE-3.0 की परीक्षा लेने का क्या औचित्य है! दिसंबर में बिहार सरकार ने STET का फॉर्म भरवाया, एडमिट कार्ड जारी हो गया, मार्च में परीक्षा लेने की बात हुई थी। तब कहा गया कि TRE-3.0 का आयोजन अगस्त में होगा। अभ्यर्थी खुश थे और तैयारी में लगे हुए थे। लेकिन नीतीश जी के पलटी मारने के बाद चुनाव को देखते हुए अचानक से अभी ही TRE-3 की परीक्षा का फॉर्म भरवाया जा रहा है।”

पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा, “जब योग्यता परीक्षा हुआ ही नहीं तो बहाली क्यों? क्या सिर्फ़ दिखावा के लिए। क्या पूर्व की महागठबंधन सरकार का नक़ल किया जा रहा है! लेकिन नक़ल के लिए भी अक़्ल चाहिए। अभी तक पूर्व की दो परीक्षाओं (TRE-1.0 और TRE-2.0) का पूरक परिणाम भी नहीं दिया गया है। इसलिए शिक्षा विभाग थोड़ा तर्क से काम ले। या तो पहले STET की परीक्षा आयोजित करवा ले, या फिर इसमें सभी एपियरिंग कैंडिडेट्स को शामिल होने की घोषणा करे।”

अभी तक शिक्षा विभाग या बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

“STET अभ्यर्थियों के साथ सरासर अन्याय है”

‘मैं मीडिया’ ने इसको लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों से बात की। शिक्षक अभ्यर्थी बिहार लोक सेवा आयोग और शिक्षा विभाग से काफी नाराज़ हैं। अभ्यर्थियों ने बातचीत के दौरान कहा कि STET अभ्यर्थियों को तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में भाग लेने का मौका ना देना सरासर अन्याय है।

शिक्षक अभ्यर्थी मतीउर्रहमान STET का फॉर्म भरकर परीक्षा की तैयारी में लगे हुए हैं। उन्होंने ‘मैं मीडिया’ को बताया कि आयोग अगर अपीयरिंग अभ्यर्थियों को भी मौका देती तो यह उनके लिये बहुत अच्छा होता।

“हमलोग STET परीक्षा का फॉर्म भर चुके हैं। हम उम्मीद कर रहे थे कि हम तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में बैठेंगे, लेकिन आयोग कह रही है कि इसमें अपीयरिंग को मौका नहीं मिलेगा। यह सरासर नाइंसाफी है। हमलोगों के साथ इंसाफ होना चाहिये,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आगे कहा, “अभी तक STET परीक्षा की तिथि की घोषणा नहीं हुई है। उम्मीद है कि मार्च में परीक्षा होगी। अभी तक तिथि फाइनल नहीं हुआ है, जबकि पहले एसटीईटी का ही फॉर्म भरा गया है। अतुल प्रसाद कह रहे हैं कि दूसरे चरण की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सप्लीमेंटरी रिजल्ट नहीं आया है, इसलिये यह चरण हो रहा है। जो भी हो, हमलोग चाह रहे थे कि इसमें भी मौका मिल जाता तो अच्छा होता।”

एक अन्य अभ्यर्थी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि विभाग और आयोग मनमाना फैसला करती है और शिक्षक अभ्यर्थियों के हित को ध्यान में रखकर कोई भी निर्णय नहीं करती है। उन्होंने ‘मैं मीडिया’ को बताया कि वह उम्मीद कर रहे थे कि तीसरे चरण में वह शिक्षक बन जायेंगे, लेकिन अपीयरिंग को मौका नहीं देने से उनका यह सपना पूरा नहीं हो पायेगा।

छात्र हितों की आवाज उठाने वाले बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार ने भी वही बात दोहराई कि एसटीईटी परीक्षा का फॉर्म पहले भरा गया है, तो कायदे से पहले एसटीईटी परीक्षा का आयोजन होना चाहिये था।

उन्होंने ‘मैं मीडिया’ को बताया कि अगर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पहले एसटीईटी परीक्षा नहीं ले रही है तो बिहार लोक सेवा आयोग को एसटीईटी उम्मीदवारों को तीसरे चरण की परीक्षा में बैठने का मौका देना चाहिये।

उन्होंने कहा कि दोनों ही परीक्षा शिक्षा विभाग से ही संबंधित है, इसलिये शिक्षा विभाग को बिहार बोर्ड और बीपीएससी में तालमेल बिठाकर इस पर ध्यान देते हुए इसे ठीक करवाना चाहिये।

“वैकेंसी भी शिक्षा विभाग निकाला है और एसटीईटी भी शिक्षा विभाग ही कंडक्ट करवा रहा है। भले वो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति उसका आयोजन कर रही है, लेकिन वो भी तो शिक्षा विभाग का ही (अंग) है। रिक्ति भी शिक्षा विभाग भेजा है बीपीएससी को यानी कि शिक्षा विभाग की बहाली है,” उन्होंने कहा।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने आगे कहा, “पहले एसटीईटी करवा लेते उसके बाद TRE-3 करवा लेते। 5-6 दिन का गैप देकर करते तो उनलोगों को भी मौका मिल जाता। या नहीं तो अपीयरिंग में मौका देना चाहिये। यह तो बिल्कुल न्यायोचित मांग है…ऐसा ना करना सरासर शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।”

हालांकि, दिलीप कुमार ने कहा कि इसमें बिहार लोक सेवा आयोग की गलती नहीं है, क्योंकि शिक्षा विभाग आयोग को जो निर्देश देगी आयोग उसी आधार पर काम करेगी।

ज्ञात है कि बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से कहा था कि तीसरे चरण में सिर्फ उन्हीं अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा, जो आवेदन की अंतिम तिथि तक सभी पात्रता रखते हैं।

अतुल प्रसाद के बयान से साफ हो गया था कि CTET या STET परीक्षा के अपीयरिंग अभ्यर्थियों को तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में भाग लेने का मौका नहीं मिलेगा।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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