पीएम मोदी के 7 जून को सभी 18 साल से ऊपर वालों को फ्री वैक्सीन देने के ऐलान के बाद से राजनीति रुकने का नाम नहीं ले रही है। वैक्सीन Vaccine पर हो रही राजनीति पर मंगलवार 8 जून को अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का एक नया ही रंग देखने को मिला। अखिलेश यादव ने कहा कि वो वैक्सीन लगवाएंगे और लोगों से अपील भी करेंगे लेकिन उनके ऐसा बोलते ही वो विरोधियों के निशाने पर आ गए। क्योंकि अखिलेश ने जनवरी में कहा था कि ‘मैं तो नहीं लगवाऊंगा वैक्सीन और वो भी बीजेपी लगाएगी, उसका भरोसा करूंगा मैं, अरे जाओ भई’।

मुलायम ने वैक्सीन लगवाई तो अखिलेश फंस गए

असल में अखिलेश ने जब जनवरी में कहा था कि ‘मैं तो नहीं लगवाऊंगा वैक्सीन और वो भी बीजेपी लगाएगी, उसका भरोसा करूंगा मैं, अरे जाओ भई’ तब से अखिलेश पर वैक्सीन को लेकर राजनीति करने के आरोप लगते आ रहे है। लेकिन सोमवार को कुछ ऐसा हुआ था कि पीएम के भाषण देने के बाद अखिलेश का अपने पुराने वाले बयान से पलटना जरूरी हो गया। क्योंकि सोमवार को अखिलेश के पिता मुलायम सिंह ने वैक्सीन लगवाई और इसकी खबर समाजवादी पार्टी ने बकायदा अपने ट्वीटर एकाउंट पर शेयर भी करी। इस तरह से अखिलेश के परिवार में ही वैक्सीन लगवाए जाने से वो खुद अपने बयान के खिलाफ जाते दिखे और फंस गए।

अखिलेश के युटर्न मारने पर एक ट्वीटर यूजर ने उनको रिप्लाई किया कि कल मुलायम सिंह यादव जी ने टीका लगवा लिया तो अब अखिलेश यादव के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा था।

वहीं एक दूसरे ट्वीटर यूजर ने लिखा कि मुलायम सिंह ने वैक्सीन लगवा ली। अब वो भाजपा का प्रचार कर रहे हैं या अपने पुत्र द्वारा फैलाए गए भम्र को तोड़ रहे है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और अखिलेश आए आमने-सामने

अखिलेश यादव ने वैसे तो लिखा कि ‘हम भाजपा के टीके के खिलाफ़ थे पर भारत सरकार के टीके का स्वागत करते हुए हम भी टीका लगवाएंगे व टीके की कमी से जो लोग लगवा नहीं सके थे उनसे भी लगवाने की अपील करते है’। अखिलेश के इस बयान पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले कि अखिलेश यादव जी आपने देश के वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों की तपस्या का अपमान किया है। वैक्सीन लगावायें स्वागत है परंतु जब तक माफ़ी नहीं मांगेंगे तब तक आप अपमान के लिए दोषी है।

अखिलेश के भाजपा और भारत सरकार के मुद्दे पर एक यूजर ने लिखा कि तर्क में कोई दम नहीं है! यह पहले भी भारत सरकार की ही वैक्सीन थी और अब भी वही है, सिर्फ इसपर राजनीति करने वालों का रंग समय समय पर बदला है!