विपक्ष की ओर से सरकार पर लगातार वैक्सीन पॉलिसी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बीच 7 जून सोमवार को शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में कई बड़ी बाते कही जिसमें 21 जून से देश में सभी 18 साल से ऊपर वाले लोगों को फ्री में वैक्सीन देने की लिए केंद्र सरकार के द्वारा राज्यों को फ्री में वैक्सीन देना शामिल है। इसका मतलब कि केंद्र सरकार वैक्सीन बनाने वालों से 75 प्रतिशत हिस्सा खरीदेगी और राज्यों को वैक्सीन पर खर्च नहीं करना पड़ेगा। लेकिन यहां मजेदार बात ये है कि पीएम मोदी का ये फैसला शायद विपक्ष को रास नहीं आया, पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने बोला कि लंबे समय से पीएम को लिख रही हूं लेकिन उन्हें ये बात सुनने में 4 महीनें लग गए।

75 प्रतिशत केंद्र सरकार लेगी तो 25 प्रतिशत प्राइवेट वाले खरीदेंगे

पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए ये पक्का कर दिया कि केंद्र वैक्सीन बनाने वालों से 75 प्रतिशत हिस्सा खरीदेगी जिससे अब राज्यों को वैक्सीन पर खर्च नहीं करना होगा। वैक्सीन की पॉलिसी में कुछ और बदलाव किया गया है जिसके लिए राज्यों को दो सप्ताह का समय दिया गया। इसलिए 21 जून से केंद्र राज्यों को वैक्सीन देने की शुरुआत करेगी जिससे 18 साल से ऊपर सभी लोगों को राज्यों के द्वारा फ्री में वैक्सीन दी जा सके।

पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा कि प्राइवेट हॉस्पिटल बाकी की 25 प्रतिशत वैक्सीन खरीदना जारी रख सकते है। लेकिन उन्होंने ये क्लियर कर दिया है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में एक डोज के लिए सर्विस चार्ज 150 रुपए से ज्यादा नहीं लिए जा सकते है। इसके अलावा एक बड़ा ऐलान ये भी था कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ गरीब परिवारों को अब फ्री में राशन दिवाली तक दिया जाएगा।

विपक्ष में पीएम मोदी की घोषणा कही भी नहीं टिक सकी

पीएम मोदी के फ्री में वैक्सीन का ऐलान करने के बाद विपक्ष ने उनको घेरने में देर नहीं लगाई। बंगाल से ममता बनर्जी ने बोला कि 21 फरवरी और उसके बाद से कई बार मैंने पीएम को लिखा कि सभी को फ्री में वैक्सीन दी जाए। बहुत दबाव के बाद उन्हें 4 महीनें लग गए, आखिरकार उन्होंने हमारी बात सुनकर उसे लागू किया।

बिहार में तेजस्वी यादव भी पीछे नहीं रहे उन्होंने 2 मई की एक प्रेस रिलीज पर ध्यान आकर्षित करते हुए ट्वीटर पर लिखा कि पीएम को 13 विपक्षी पार्टियों की ‘Free Vaccine For All’ की बेसिक डिमांड को समझने में 36 दिन लगते है।

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने बोला कि जब सुप्रीम कोर्ट से फटकार लगी, 35 हजार करोड़ का हिसाब मांगा तो मजबूरी में प्रधानमंत्री जी ने फ्री वैक्सीन देने का वादा किया। इधर पप्पू यादव ने लगातार कई ट्वीटर किए इनमें से एक में उन्होंने लिखा कि ‘मोदी जी देश को इनती उंचाई पर ले गए कि ऑक्सीजन की कमी हो गई। बस यही एक तर्क बचा है। संबोधन में यही कह देते’।

बच्चों को कोविड से खतरा और नेज़ल स्प्रे वैक्सीन का किया जिक्र

देश में बच्चों में कोविड का खतरा तेजी से बढ़ रहा जिस पर मोदी जी ने चिंता जताई। उन्होंने बोला कि इसके लिए दो वैक्सीन का ट्रायल जारी है। प्रधानमंत्री के ऐलान से उम्मीद की जा सकती है कि बच्चों के लिए भी जल्द ही वैक्सीन लांच होगी। लेकिन उन्होंने नेज़ल स्प्रे वैक्सीन का जिक्र भी अपने संबोधन में किया है।

नेज़ल स्प्रे वैक्सीन के बारे में जानिए

नेज़ल स्प्रे वैक्सीन का मतलब है कि वैक्सीन जो नाक के रास्ते से ली जाती हो। जोकि सामन्य तौर पर सुई के जरिए ली जाने वाले वैक्सीन जैसी नहीं होती है। इस वैक्सीन का फायदा बताया जाता है कि इसमें सुई कि जरुरत नहीं है जिससे दर्द कि कोई परेशानी नहीं रहती है। इसके साथ ही इसे लगाने के लिए किसी हेल्थ वर्कर की जरूरत भी नहीं होती है। एक फायदा इस स्प्रे वाली वैक्सीन का और बताया जाता है कि इसे नाक के जरिए दिया जाता है तो नाक के आस-पास इसका प्रभाव अच्छा होता है। जिससे वायरस के इंट्री करने की जगह नाक से अच्छा बचाव मिलता है और वायरस फेफड़ों तक इतनी आसानी से नहीं पहुंच सकता है। लेकिन पीएम मोदी ने बोला है कि नेज़ल स्प्रे वैक्सीन पर रिसर्च चल रहीं है और अगर सफल रहती है तो इससे वैक्सीन अभियान में बहुत मदद मिलेगी।