आमतौर आपने घूमने के लिए टूर पैकेज, छुट्टियां बिताने के लिए हॉलिडे पैकेज सुन रखा होगा लेकिन 29 मई को खबर आई कि अब वैक्सीनेशन पैकेज आ गया है। इस पैकेज को देश के 5 सितारों होटलों ने शुरु किया, ये ऑफर हर किसी को पता चलता कि आम आदमी पार्टी ने इसे वैक्सीनेशन घोटाला बताकर सरकार को घेर लिया। सरकार की ओर केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन सामने आए और साफ किया कि ये नियमों का उल्लंघन है इसे रोका जाए। इसके साथ ही आदेश दिया कि राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे होटलों या संस्थाओं पर कार्रवाई करें।

क्यों बताया गया वैक्सीनेशन पैकेज को घोटला

ट्वीटर पर आदमी पार्टी के नेताओं ने हैशटैग #VaccinatonGhotala चला दिया और देखते ही देखते ये ट्रैंड करने लगा। इन हैशटैग में पांच सितारा होटल रेडीसन (हैदराबाद) और होटल द ललित (मुंम्बई) के वैक्सीनेशन पैकेज दिख रहे है। रेडीसन ने 2,999 रुपए में वैक्सीनेशन पैकेज निकाला और द ललित कि ओर से 3,500 तथा 5,000 रुपए के दो अलग-अलग ऑफर थे।

आम आदमी पार्टी के राघव चढ्ढा ने आरोप लगाया कि ‘केंद्र सरकार ने आलीशान होटलों में वैक्सीन पैकेज ला कर यह पक्का कर दिया है कि प्राइवेट सेक्टर में वैक्सीन की कोई कमी न हो। दूसरी तरफ राज्य सरकार द्वारा संचालित वैक्सीन सेंटर जो लोगों को फ्री में वैक्सीन मुहिया करवाते है वो वैक्सीन न होने के कारण बंद पड़े है #VaccinatonGhotala’

सरकार बोली ऐसे पैकेज देने पर होगी कार्रवाई

सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने ट्वीटर पर साफ लिखा कि ऐसे होटल जो कोविड 19 वैक्सीन पैकेज दे रहे है उन पर कार्रवाई होगी। इस तरह कि गतिविधियां नियमों का उल्लंघन है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एक पत्र भी लिखा और बताया कि कोविड वैक्सीनेशन के लिए क्या गाइड लाइन है।

तो नियम क्या कहते है

कोविड 19 वैक्सीनेशन कहां किया जा सकता है इसके लिए चार नियम है:
-पहला सरकारी कोविड वैक्सीनेशन सेंटर पर।
-दूसरा प्राइवेट कोविड वैक्सीनेशन सेंटर जिसका संचालन प्राइवेट अस्पताल के अंडर है।
-तीसरा सरकारी कार्यालयों में कार्यस्थल जिनको सरकारी अस्पताल चला रहे हो, प्राइवेट कंपनियों के पास जो प्राइवेट अस्पताल चला रहे हो।
-और चौथा जो भी सेंटर विशेष तौर बनाए गए हो जैसे स्कलू-कॉलेज, पंचायत भवन, वृद्ध आवास जैसी जगहो पर
इनकों जगहों को छोड़कर कहीं भी कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम के तहत वैक्सीनेशन नहीं किया जा रहा है।

कार्रवाई के डर से होटलों ने झाड़ लिया पल्ला

कोरोना की वजह से होटल व्यवसाय को बहुत बुरी तरह से नुकसान पहुंचा है। पहली बार जब लॉकडाउन लगा था तो होटल व्यवसाय कई महीनों तक ठप्प पड़ा रहा फिर अब दोबारा कोरोना की दूसरी लहर आई तो सरकार ने फिर नियमों में सख्ती कर दी है। ऐसे में बड़े-बड़े होटल किसी तरह से ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए-नए तरीके निकाल रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि रेडिसन होटल ग्रुप ने कहा कि ग्रुप लेवल पर ऐसा कोई ऑफर नहीं चलाया जा रहा है। इस होटल का प्रबंधन करने वाले सरोवर होटल्स ने भी साफ किया है कि वे वैक्सीनेशन से जुड़ा किसी तरह का पैकेज पेश नहीं कर रहे हैं।