Main Media

Seemanchal News, Kishanganj News, Katihar News, Araria News, Purnea News in Hindi

Support Us

बिहार में 7,279 विशेष शिक्षक पदों के लिये होगी STET परीक्षा, 22 दिसंबर तक ऐसे करें आवेदन

बिहार विशेष विद्यालय अध्यापक पात्रता परीक्षा-2023 में दो पेपर होंगे। पहला पेपर वर्ग 1-5 विद्यालय शिक्षक पदों तथा दूसरा पेपर वर्ग 6-8 विद्यालय शिक्षक पदों के लिये। पेपर-। तथा पेपर-।। में उत्तीर्ण सभी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णता प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा। बिहार विशेष विद्यालय अध्यापक पात्रता परीक्षा- 2023 के उत्तीर्णता प्रमाण-पत्र की वैधता जीवनपर्यन्त (Lifetime) होगी।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने बिहार विशेष विद्यालय अध्यापक पात्रता परीक्षा (BSSTET)-2023 के लिये ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया है। सामान्य विद्यालयों में अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक अनुसमर्थन प्रदान कराने के उद्देश्य से कक्षा 1-5 के लिए 5,534 व कक्षा 6-8 के लिए 1,745 विभिन्न दिव्यांगता के प्रशिक्षित विशेष अध्यापकों के लिये यह परीक्षा होगी।

समिति के मुताबिक, परीक्षा में अहर्ता प्राप्त करना किसी भी आवेदक को रोजगार का अधिकार नहीं देगा, क्योंकि यह परीक्षा नियुक्ति के लिए केवल एक पात्रता मापदंड है। परीक्षा में सम्मिलित होने के इच्छुक तथा पात्र अभ्यर्थी समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर 2 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसंबर निर्धारित है।

BSSTET-2023 परीक्षा की रूपरेखा

बिहार विशेष विद्यालय अध्यापक पात्रता परीक्षा-2023 में दो पेपर होंगे। पहला पेपर वर्ग 1-5 विद्यालय शिक्षक पदों तथा दूसरा पेपर वर्ग 6-8 विद्यालय शिक्षक पदों के लिये। पेपर-। तथा पेपर-।। में उत्तीर्ण सभी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णता प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा। बिहार विशेष विद्यालय अध्यापक पात्रता परीक्षा- 2023 के उत्तीर्णता प्रमाण-पत्र की वैधता जीवनपर्यन्त (Lifetime) होगी।


परीक्षा 150 अंकों की होगी। पेपर-। में 5 विषयों से प्रश्न पूछा जायेगा। बाल विकास व शिक्षा शास्त्र (विशेष व समावेशी शिक्षा के संदर्भ) से 30 अंक, हिंदी, उर्दू तथा बांग्ला में से किसी एक विषय से 30 अंक, अंग्रेजी विषय से 30 अंक, गणित से 30 अंक और पर्यावरण अध्ययन विषय से 30 अंकों के प्रश्न पूछे जायेंगे।

पेपर-।। (वर्ग 6-8 के लिये) में चार विषयों से प्रश्न पूछा जायेगा। बाल विकास व शिक्षा शास्त्र (विशेष व समावेशी शिक्षा के संदर्भ) से 30 अंक, भाषा से 60 अंक तथा गणित व विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से 60 अंकों के सवाल पूछे जायेंगे।

बिहार विशेष विद्यालय अध्यापक पात्रता परीक्षा (BSSTET)-2023 कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) माध्यम में आयोजित की जाएगी। इसके सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (Multiple Choice Questions) होंगे तथा प्रत्येक प्रश्न का मान 1 अंक होगा। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा की अवधि 150 मिनट अर्थात 2:30 घंटे (दो घंटा तीस मिनट) की होगी।

परीक्षा का सिलेबस

पेपर-। के प्रश्न राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कक्षा 1-5 तक के पाठ्यक्रम के आधार पर होंगे, परन्तु प्रश्नों का कठिनाई स्तर व लगाव माध्यमिक स्तर का हो सकता है। इसी प्रकार पेपर-।। के प्रश्न राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कक्षा 6-8 तक के पाठ्यक्रम के आधार पर होंगे, परन्तु प्रश्नों का कठिनाई स्तर व लगाव उच्चत्तर माध्यमिक स्तर का हो सकता है।

परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण होने के लिये 50%, पिछड़ा वर्ग के लिए 45.5%, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 42.5%, अनुसुचित जाति/जनजाति, महिलाओं तथा निःशक्तता से ग्रस्त(दिव्यांग) के लिए 40% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

ऐसे करें BSSTET-2023 के लिये आवेदन

अभ्यर्थी को समिति की वेबसाइट https://www.bsebstet.com/ विजिट करनी होगी। होम पेज पर Bihar Special School Teacher Eligibility Test (BSST Test (BSSTET)-2023 से संबंधित लिंक मौजूद रहेगा। इसी लिंक पर अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाईन आवेदन भरने के पूर्व आवेदक सुनिश्चित हो लें कि उनके पास उनका अपना एक्टिव ई-मेल आईडी तथा मोबाईल नम्बर मौजूद है। समिति ने अभ्यर्थियों को अपना ई-मेल आईडी और मोबाइल नम्बर अन्तिम परीक्षाफल प्रकाशित होने तक सुरक्षित रखने की सलाह दी है।

अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भरे गए आवेदन पत्र में दिए गए विवरण युक्त प्रवेश पत्र ही निर्गत किये जाएंगे। मूल प्रवेश पत्र निर्गत होने के उपरांत किसी भी विवरण में किसी भी संशोधन का अनुरोध कदापि मान्य नहीं होगा।

होम पेज पर पंजीकरण के लिये Register New Candidate पर क्लिक करें। उसके बाद अपना नाम, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर डालकर Sign Up पर क्लिक करना होगा। अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल व अन्य विवरणों को अत्यंत सावधानी पूर्वक भरें। समिति के अनुसार, भविष्य में परिवर्तन/संशोधन का कोई भी अनुरोध विचारणीय नहीं होगा।

इसके बाद आप रजिस्टर्ड अभ्यर्थी हो जायेंगे और आपको यूज़र नाम और पासवर्ड आपके मोबाइल नंबर तथा ई-मेल एड्रेस पर भेज दिया जायेगा। यूजर नाम और पासवर्ड की सहायता से लॉग-इन करते हुए अपना पूरा फार्म भरने के बाद परीक्षा शुल्क का भुगतान करें।

BSSTET-2023 परीक्षा शुल्क और आयु-सीमा

सामान्य वर्ग, ईडब्ल्यूएस, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के सभी अभ्यर्थियों के लिये किसी एक पेपर का परीक्षा शुल्क 960 रुपये है। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी अभ्यर्थियों के लिये किसी एक पेपर का परीक्षा शुल्क 760 रुपये है।

Also Read Story

बिहार के दर्जन भर से अधिक डीईओ का तबादला, मोतिउर रहमान बने किशनगंज के डीईओ

स्कूल की टाइमिंग और केके पाठक को लेकर विधानसभा में गुरूवार को भी विपक्ष का हंगामा

बिहार के कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद, सिर्फ प्लस टू स्कूलों में होगी इंटर की पढ़ाई

BPSC द्वारा बहाल होंगे प्रारंभिक स्कूलों के हेडमास्टर, विभाग ने बनायी नई नियमावली

शिक्षकों को बच्चों से 15 मिनट पहले स्कूल आना पड़ेगा: नीतीश कुमार

बिहार में सरकारी स्कूलों का समय बदला, अब 10-4 होगी पढ़ाई

डोमिसाइल के लिये मुख्यमंत्री के पास कई बार गये, लेकिन उन्होंने डोमिसाइल नीति को निरस्त कर दिया: पूर्व शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर

9 से 5 बजे तक स्कूल ठीक नहीं है, आज ही सुधार करवाते हैं: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

केके पाठक का नया आदेश, स्कूलों में 31 मार्च तक सभी छुट्टियां रद्द

सामान्य वर्ग, ईडब्ल्यूएस, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के सभी अभ्यर्थियों के लिये दोनों पेपर का परीक्षा शुल्क 1,440 रुपये तथा अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी अभ्यर्थियों के लिये दोनों पेपर का परीक्षा शुल्क 1,140 रुपये निर्धारित है।

इन पदों पर आवेदन के लिए आवेदकों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष होनी चाहिए। एससी/एसटी अभ्यर्थियों की आयु सीमा में 5 वर्ष, पिछड़ा, अत्यंत पिछड़ा को 3 वर्ष और दिव्यांग अभ्यर्थियों की 10 वर्ष की छूट मिलेगी।

रिजल्ट में नाॅर्मलाइजेशन विधि लागू

समिति के अनुसार, इस परीक्षा में नाॅर्मलाइजेशन (Normalization) विधि अपना कर परीक्षाफल प्रकाशित किया जायेगा। नाॅर्मलाइजेशन प्रक्रिया के उपरान्त अभ्यर्थी का जो भी नार्मलाइज्ड प्राप्तांक होगा, वही अभ्यर्थी का प्राप्तांक होगा। अभ्यर्थियों की उत्तीर्णता अथवा अनुत्तीर्णता का निर्धारण इसी प्राप्तांक के आधार पर होगा।

बताते चलें कि कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) विधि से आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिता परीक्षाएँ, (जिनमें अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा होती है) का आयोजन एक से अधिक पालियों तथा तिथियों में किया जाता है।

ऐसी परीक्षाओं में सामान्यता अलग-अलग पालियों में प्रश्न पत्रों के अलग-अलग कठिनाई स्तर होने के कारण इन परीक्षाओं का परीक्षाफल तैयार करने के पूर्व नाॅर्मलाइजेशन (Normalization) विधि अपनाई जाती है, ताकि किसी विशेष पाली के अभ्यर्थियों को कोई लाभ या हानि नहीं हो।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

Related News

केके पाठक का सख़्त आदेश, लंबे समय से स्कूल नहीं आने वाले शिक्षक होंगे नौकरी से बर्ख़ास्त

CTET परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें अपना रिजल्ट

सक्षमता परीक्षा में पास करने के लिये नियोजित शिक्षकों को मिलेंगे पांच मौक़े

सक्षमता परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

BSEB ने जारी किया सक्षमता परीक्षा का एडमिट कार्ड, ऐसे करें डाउनलोड

बिहार में मैट्रिक परीक्षा गुरुवार से, छात्र जूते-मोजे पहन कर नहीं जा सकेंगे परीक्षा केंद्र

IIT JEE Main परीक्षा में किशनगंज के अबु बकर सिद्दीकी बने बिहार टॉपर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

क़र्ज़, जुआ या गरीबी: कटिहार में एक पिता ने अपने तीनों बच्चों को क्यों जला कर मार डाला

त्रिपुरा से सिलीगुड़ी आये शेर ‘अकबर’ और शेरनी ‘सीता’ की ‘जोड़ी’ पर विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा विश्व हिंदू परिषद

फूस के कमरे, ज़मीन पर बच्चे, कोई शिक्षक नहीं – बिहार के सरकारी मदरसे क्यों हैं बदहाल?

आपके कपड़े रंगने वाले रंगरेज़ कैसे काम करते हैं?

‘हमारा बच्चा लोग ये नहीं करेगा’ – बिहार में भेड़ पालने वाले पाल समुदाय की कहानी