बिहार के किशनगंज निवासी मुफ़्ती मोहम्मद तौसीफ रज़ा की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 अप्रैल को बरेली में रेलवे ट्रैक किनारे उनकी लाश मिली। तौसीफ हाल ही में…
मखाना को लेकर असर और रिजेनरेटिव बिहार द्वारा हाल ही में किये गये एक शोध में ये बात सामने आई है कि मखाना पर बीमारियों का प्रकोप विध्वंसकारी है। क्लाइमेट चेंज एंड मखाना…
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य में दलहनों का उत्पादन कम रहा है और मुख्य रूप से घरेलू खपत के लिए ही किया जाता है।
बिहार के अररिया ज़िले के फारबिसगंज क्षेत्र में भूजल अब पीने योग्य नहीं रह गया है। दूषित हवा में बदबू और बीमारी के सूक्ष्मजीव मौजूद होने से ग्रामीणों ने अपनी और मवेशियों की…
बिहार में हीट वेव या लू से होने वाली मौतों के आंकड़े अलग-अलग सरकारी दस्तावेज़ों में अलग-अलग नजर आते हैं, जिससे वास्तविक स्थिति को समझना मुश्किल हो जाता है।
चुनाव में जहां एक वोट किसी उम्मीदवार की क़िस्मत पलट सकता है, 27.16 लाख वोटरों का नाम कटना बहुत बड़ा आँकड़ा है और ये चुनाव परिणाम में बड़ा फेरबदल कर सकता है।
तृणमूल के विधायक और मुर्शिदाबाद के पुराने मुस्लिम नेता हुमायूँ कबीर की बग़ावत और बीते 6 दिसंबर को ज़िले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के नाम से एक मस्जिद की नींव डालने से…
1990 के दशक के बाद से परिस्थितियां बदलने लगीं। इसके दो कारण बताए जाते हैं। पहला कारण है जलवायु परिवर्तन यानी कि मौसम की अनियमितता और दूसरा कारण है चीनी मिलों का बंद…
जूट एक आर्द्र उष्णकटिबंधीय फसल है, जिसे लगभग 2500 मिलीमीटर समान रूप से वितरित वर्षा, 34°C अधिकतम व 15°C न्यूनतम तापमान और लगभग 65% आर्द्रता की आवश्यकता होती है। 15°C से कम या…
मनरेगा, जिसने दो दशकों तक ग्रामीण गरीबों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी, अब एक नए कानून से बदला जा रहा है। विकसित भारत–जी राम जी विधेयक 2025 के लागू होने…
रेयाजुल जैसे हज़ारो लोग बिहार में वार्षिक बाढ़ विभीषिका का शिकार होते हैं और दशकों के इंतज़ार के बाद भी उनका पुनर्वास नहीं हो पाता है। सहरसा जिले में कोसी नदी हर साल…
बिहार के अरवल ज़िले में जहां कभी बुद्ध के शिष्य मूँग-दाल और मरुआ खाकर उनकी वाणी लोगों तक ले जाते थे और जहां कभी आर्यभट्ट ने दाल-रोटी खाई थी - क्या है वहाँ…
दशकों से मुज़फ्फरपुर भारत की लीची राजधानी के तौर पर जाना जाता रहा है। यहां के कांटी गांव का भी लीची उत्पादन में अहम योगदान रहा है। लेकिन अब यहां के किसान दो…
“मकई काफी पौष्टिक होती है। हमारे लिए यह एक फसल है, लेकिन हाथियों के लिए यह भोजन है। वह यह नहीं देखते कि यह जंगल में उगा है या इंसानों द्वारा — उनके…
वेटलैंड पोर्टल पर बिहार के 71 हेल्थ कार्ड अपलोड किए गए हैं। बिहार में मौजूद छह रामसर स्थलों में से, पोर्टल पर केवल दो स्थलों कबरताल और गोगाबिल के हेल्थ कार्ड उपलब्ध हैं।
बिहार में खुले वन (लगभग 4.1 प्रतिशत) सबसे अधिक हैं, इसके बाद मध्यम घने वन (करीब 3.5 प्रतिशत) आते हैं, जबकि अत्यंत सघन वन केवल लगभग 0.4 प्रतिशत ही हैं। यानी राज्य में…
बेलागोठ के नवदम्पत्ति ओमप्रकाश और रिंकू देवी ने दो मौकों पर, जब कोसी में पानी का स्तर ऊपर था, तब नाव के अस्पताल पहुंचने में विलम्ब की वजह से अपने दो अजन्मे बच्चों…
यूनिसेफ़ की रिपोर्ट द स्टेट ऑफ वर्ल्ड चिल्ड्रेन 2024 कहती है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बच्चों के सामने गंभीर जोखिम पैदा हो रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनसांख्यिकीय बदलाव,…