
बिहार के नवादा में हुई बर्बर मॉब लिंचिंग को डेढ़ महीना बीत गया, लेकिन पीड़ित परिवार के हिस्से आज भी सिर्फ़ इंतज़ार है। पुलिस अब तक अतहर हुसैन की साइकिल और फेरी का सामान बरामद नहीं कर सकी है। मंत्री ने 3 लाख रुपये मुआवज़ा और एक सरकारी नौकरी का भरोसा दिया था, लेकिन हकीकत में अब तक कुछ भी नहीं बदला।

पटना हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस रितेश कुमार ने अपने आदेश में पुलिस की कार्रवाई को नाबालिग की आज़ादी में कटौती करार देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों ने उसके जीवन और आज़ादी के अधिकार का हनन किया है।

जिस केस में उनसे पूछताछ करने की बात पुलिस ने कही, वो बक्सर का ही है। विगत 17-18 अगस्त की दरम्यानी रात मठिला गांव में स्थित गहने की एक दुकान में चोरी की वारदात हुई थी। पीड़ित की तरफ से दिये गये आवेदन के मुताबिक दुकान से करीब 15 लाख रुपये के गहनों की चोरी हुई थी। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी, लेकिन डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी इस केस में पुलिस के हाथ खाली हैं।

मुनव्वर ने बताया, "मैं असदुद्दीन ओवैसी साहब के प्रोग्राम के बाद करीब 8:15 बजे रात को अररिया से निकला। 8:55 के करीब मटियारी के पास पहुंचा, तभी तीन लोग आये। मेरी गाड़ी स्पीड में थी, अचनाक तीन लोग मेरे सामने आते हैं। पहले मेरा गर्दन पकड़ने की कोशिश कर रहे थे।"

बीते रविवार 10 अगस्त की सुबह, बजरंग दल से जुड़े 40-45 लोग ईसाई आदिवासी समुदाय की प्रार्थना सभा में घुस आए। म्यूज़िक सिस्टम, मोबाइल, पैसे और खाने का सामान लूट लिया, साथ ही महिलाओं से मारपीट और छेड़छाड़ की गई। हमले में 10 से अधिक लोग घायल हुए।

अंतरजातीय विवाहों में ऑनर किलिंग की घटनाओं को देखें, तो वर्ष 2022 में देशभर में ऑनर किलिंग के कुल 18 मामले सामने आये थे, जिसमें बिहार भी शामिल था, हालांकि यहां उस साल ऑनर किलिंग का सिर्फ एक मामला दर्ज हुआ था।

मृतक बाबू लाल उरांव और सीता देवी के बेटे ललित कुमार ने बताया कि उसकी मां को डायन बताकर तीन गांव के लोगों ने मार दिया।

मृतक के परिजन और सामाजिक संगठन इस मौत को संदिग्ध बताकर जेल पदाधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ न्यायिक जांच की मांग कर रहे है।

अगस्त 2021 में तत्कालीन चीफ जस्टिस एन रमना ने इस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि भारत के पुलिस स्टेशन मानवाधिकार के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा था कि हिरासत में पुलिस अत्याचार वे समस्याएं हैं, जो अब भी हमारे समाज में मौजूद हैं।

मृतका के दादा कहते हैं, “हमलोग छटपटाते रहे कि बच्ची को भर्ती कर लें। हमलोग पढ़े लिखे नहीं हैं और दलित परिवार से हैं। हमलोग अस्पताल में बिलखते रहे, लेकिन कोई मदद करने वाला नहीं था।”

दरअसल, इस मामले में कुल 9 गवाह हैं, इनमें से 8 गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है और सिर्फ इस मामले के आईओ यानी अजय कुमार की गवाही होनी बाकी है।

हरियाणा में बिहार के फिरदौस आलम की नमाज़ वाली टोपी को सुसु लाला ने छीनकर पहन लिया और फिर नीचे फेंक दिया, विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने हालांकि इसे हेट क्राइम मानने से इनकार किया है।