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पूर्णिया में राजद-कांग्रेस घमासान के बीच उदय सिंह से मिले पप्पू यादव और बीमा भारती

पूर्णिया के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने हाल ही में अपने दल जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) का कांग्रेस में विलय किया, लेकिन पूर्णिया सीट राजद कोटे में चली गई। राजद ने जदयू की बागी विधायक बीमा भारती को पूर्णिया से प्रत्याशी बनाया है, लेकिन पप्पू यादव भी चुनाव लड़ने पर अड़े हैं।

Syed Tahseen Ali is a reporter from Purnea district Reported By Syed Tahseen Ali |
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बिहार के पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक घमासान के बीच पप्पू यादव और बीमा भारती ने मंगलवार को उदय सिंह से उनके आवास पर मुलाक़ात की।

पूर्णिया के पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ़ पप्पू सिंह ने सोमवार को ही इस बार चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। उदय सिंह 2004 और 2009 में भाजपा टिकट पर पूर्णिया से चुनाव जीते थे। 2014 में जदयू के संतोष कुशवाहा से हारने के बाद 2019 चुनाव में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। लेकिन सोमवार को उन्होंने ये कहते हुए कांग्रेस से दूरी बना ली कि जिस पार्टी में पप्पू यादव रहेंगे, वो वहां नहीं रह सकते हैं।

पूर्णिया के पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने हाल ही में अपने दल जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) का कांग्रेस में विलय किया, लेकिन पूर्णिया सीट राजद कोटे में चली गई। राजद ने जदयू की बागी विधायक बीमा भारती को पूर्णिया से प्रत्याशी बनाया है, लेकिन पप्पू यादव भी चुनाव लड़ने पर अड़े हैं।


उदय सिंह से मिलने गए पप्पू यादव ने उनका पैर छू कर आशीर्वाद लिया। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बड़े भाई तुल्य श्री पप्पू सिंह जी से अभी उनके आवास पर आत्मीय मुलाकात हुई। उनसे हमारा पारिवारिक संबंध हमेशा से प्रगाढ़ रहा है। आज भी उनसे बड़े भाई रूप में उनका सान्निध्य मिला और इस दौरान सामाजिक, पारिवारिक व पूर्णिया के मुद्दे पर विस्तृत बातचीत हुई। पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र की बदहाली को दूर करने के लिए पूर्णिया का हर एक नागरिक सजग है।”

दूसरी तरफ बीमा भारती ने उदय सिंह से मिलने के बाद मीडिया से बात करते कहा, “मेरे अभिभावक हैं, यहाँ मेरा घर है। उनका स्नेह-प्यार लेने हम यहाँ आये थे। उन्होंने आश्वासन भी दिया है की साथ रहेंगे। बड़े का आशीर्वाद बहुत महत्वपूर्ण रहता है।”

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वहीं, पप्पू यादव के उदय सिंह से मुलाक़ात पर बीमा ने कहा, “आना ही चाहिए।”

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सैयद तहसीन अली को 10 साल की पत्रकारिता का अनुभव है। बीते 5 साल से पुर्णिया और आसपास के इलाकों की ख़बरें कर रहे हैं। तहसीन ने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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