Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

पूर्णिया जिप अध्यक्ष वहीदा सरवर पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज, कुर्सी पर बनी रहेंगी

5 जनवरी को कुल 9 जिला परिषद सदस्यों का हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जिला परिषद अध्यक्ष को सौंप कर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। पूर्णिया जिला परिषद में कुल 34 सदस्य हैं। विपक्ष ने तब 25 सदस्यों के समर्थन का दावा किया था। मगर आज 16 सदस्य का ही आंकड़ा जुट पाया।

Syed Tahseen Ali is a reporter from Purnea district Reported By Syed Tahseen Ali |
Published On :
no confidence motion rejected against purnia zip president waheeda sarwar

पूर्णिया के जिला परिषद में चल रही उठापटक के बाद शुक्रवार को वहीदा सरवर के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है। 18 पार्षदों की उपस्थित नहीं दर्ज होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया और वहीदा सरवर पुनः जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हो गई हैं। बीते दो सप्ताह से लगातार जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद से ही गहमागहमी जारी थी। दोनों ही गुट के पार्षद अपने-अपने खेमे में जमकर बैठे थे।


क्यों खारिज हुआ प्रस्ताव?

अब वहीदा सरवर अपने बाकी के कार्यकाल तक जिला परिषद अध्यक्ष बनी रहेंगी। पिछले दिनों सदस्यों द्वारा अविश्वास लगाया गया था, जिसके बाद डीडीसी साहिला ने अविश्वास को लेकर शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में विशेष बैठक आमंत्रित की थी। इस संबंध में डीडीसी साहिला ने बताया कि जिला परिषद उपाध्यक्ष नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में विशेष बैठक बुलाई गई थी। वोटिंग के लिए कम से कम 18 सदस्यों की उपस्तिथि चाहिए थी, वो पूरा नहीं हो पाया, इसलिए प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है।

Also Read Story

अररिया में पत्रकार मुनव्वर से बंदूक के बल पर लूटपाट, दांत तोड़ा, तीन गिरफ्तार

बिहार सरकार में IAS अधिकारियों के तबादले, कई प्रमंडलीय आयुक्त और डीएम बदले

किशनगंज: 11 केवी तार गिरने से मवेशी की मौत, लोगों ने मुआवजे और लाइन शिफ्टिंग की मांग की

पूर्णिया में पुलिस की गाड़ी में सवार तीन पुलिसवालों ने युवक से लुटे ₹1.10 लाख

भारत-पाक तनाव के बीच पूर्णिया में मुख्यमंत्री की सुरक्षा बलों के साथ बैठक

अररिया सदर अस्पताल में लगी भीषण आग, तीन जिलों से मंगाई गईं 13 दमकल गाड़ियां

अररिया: पुलिस मुठभेड़ में तनिष्क लूटकांड का आरोपी चुनमुन झा की मौत

किशनगंज में कनकई और महानंदा नदी पर दो पुलों के निर्माण के लिए टेंडर जारी

अररिया में अपराधी को गिरफ्तार करने गए ASI की मौत, ‘पीट-पीटकर हत्या नहीं’

आपको बता दें कि 5 जनवरी को कुल 9 जिला परिषद सदस्यों का हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जिला परिषद अध्यक्ष को सौंप कर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। पूर्णिया जिला परिषद में कुल 34 सदस्य हैं। विपक्ष ने तब 25 सदस्यों के समर्थन का दावा किया था। मगर आज 16 सदस्य का ही आंकड़ा जुट पाया।


क्या बोले उपाध्यक्ष व अध्यक्ष?

इस संबंध में जिला परिषद उपाध्यक्ष नीरज कुमार उर्फ छोटू सिंह ने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष हर जाति समुदाय को साथ लेकर सभी का विकास कर रहा है। उनपर जो आरोप लगाया गया था, वह बेबुनियाद है। उन्होंने आशा जतायी कि आगे अब त्वरित गति से काम होगा और सभी सदस्य उनका साथ भी देंगे।

जिला परिषद अध्यक्ष वहीदा सरवर ने कहा की आगे वह अब मजबूती से काम करेंगी।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

सैयद तहसीन अली को 10 साल की पत्रकारिता का अनुभव है। बीते 5 साल से पुर्णिया और आसपास के इलाकों की ख़बरें कर रहे हैं। तहसीन ने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

Related News

स्लोवेनिया जाने की फिराक में दो बांग्लादेशी नागरिक किशनगंज से गिरफ्तार

पूर्णिया एयरपोर्ट बाउंड्री वॉल की निविदा प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण

पूर्णिया में महानंदा बेसिन प्रोजेक्ट के खिलाफ विशाल आमसभा, लाखों की आबादी प्रभावित होने का खतरा

किशनगंज: दो सप्ताह से गायब ट्रेक्टर चालक का मिला शव, 5 गिरफ्तार

बिहार के लाल शम्स आलम ने स्विमिंग में बनाया रिकॉर्ड, अंतरराष्ट्रीय खेल में जीते 6 मैडल

किशनगंज में एनएच 27 पर तेज़ रफ़्तार बाइक पर सवार 3 छात्रों की मौत

पूर्णिया में डीजे वाहन की चपेट में आने से महिला की मौत, दर्जन भर लोग घायल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क

बिहार SIR नोटिस से डर के साय में हैं 1902 में भारत आये ईरानी मुसलमान

ईसाई आदिवासियों पर बजरंग दल का हमला, कटिहार से Ground Report