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पहले जेल भेजिए, फिर कानून संशोधन कर बाहर निकालिए – आनंद मोहन की रिहाई पर मांझी का तंज

नीतीश सरकार ने इसी साल अप्रेल में बिहार प्रिजन मैनुअल में संशोधन कर बाहुबली नेता आनंद मोहन की रिहाई करवाई है। उनपर गोपालगंज के तत्कालीन जिला पदाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या का इल्ज़ाम था।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
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बाहुबली नेता आनंद मोहन की रिहाई को लेकर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा है।

मांझी ने नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले वह जेल भेजते हैं और फिर कानून में संशोधन कर बाहर निकलवा लेते हैं। हालांकि, मांझी ने सीधे-सीधे आनंद मोहन और नीतीश कुमार का नाम नहीं लिया, बल्कि इशारों-इशारों में ही दोनों पर निशाना साधा।

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जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “साहब आपके खेल निराले, पहले किसी को जेल भेजिए, फिर कानून संशोधन करा बाहर निकलवाइए, और “आनंद”मय माहौल में प्रतिमा का अनावरण कर खीर”मोहन” खाइए। यही काम जब हम CM रहते कर रहे थे, तो कह दिए कि कानून में संशोधन मत किजिए, बड़ा बदमाश आदमी है, अब ई अच्छे कैसे लगने लगे जी?”


बताते चलें कि नीतीश सरकार ने इसी साल अप्रेल में बिहार प्रिजन मैनुअल में संशोधन कर बाहुबली नेता आनंद मोहन की रिहाई करवाई है। उनपर गोपालगंज के तत्कालीन जिला पदाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या का इल्ज़ाम था।

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2007 को अदालत ने साल 1994 में गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की हत्या के मामले में बाहुबली नेता आनंद मोहन सिंह को फांसी की सजा सुनाई थी,जिसे एक साल बाद अदालत ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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