Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

BPSC TRE परिणाम के खिलाफ बोलना पड़ा महंगा, आयोग ने अभ्यर्थियों को भेजा नोटिस

आयोग ने चार अभ्यर्थियों की सूची अपने वेबसाइट पर प्रकाशित की है। आयोग ने जिन अभ्यर्थियों से स्पष्टीकरण मांगा है, उनमें किशोर कुमार, मो. मामून रशीद, मो. सरफराज़ आलम और पिंकी कुमारी शामिल हैं।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :
commission sent notice to the candidates for speaking against bpsc tre result

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मीडिया में आयोग की “छवि को धूमिल” करने के आरोप में चार अभ्यर्थियों से स्पष्टीकरण मांगा है। BPSC की मानें, तो इन अभ्यर्थियों ने आयोग के ऊपर मीडिया के समक्ष फर्जी शिक्षक अभ्यर्थियों का परीक्षाफल प्रकाशित करने का आरोप लगाया है।


आयोग ने इन चार अभ्यर्थियों की सूची अपने वेबसाइट पर प्रकाशित की है। आयोग ने जिन अभ्यर्थियों से स्पष्टीकरण मांगा है, उनमें किशोर कुमार, मो. मामून रशीद, मो. सरफराज़ आलम और पिंकी कुमारी शामिल हैं।

Also Read Story

सेना भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद ‘बेरोज़गार’ युवाओं का दर्द

BPSC TRE-3 में भाग लेने से पहले पढ़ लें ये निर्देश, वरना परीक्षा में बैठने से हो जायेंगे वंचित

BPSC TRE-3 के लिये 17 जुलाई से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे अभ्यर्थी

BPSC TRE-3: 19-21 जुलाई को एक पाली और 22 जुलाई को दो पाली में होगी परीक्षा

BPSC TRE-3 परीक्षा 19-22 जुलाई को, 28 जून को हेडमास्टर पदों के लिये परीक्षा

BPSC TRE-2 में बहाल बिहार से बाहर के डेढ़ दर्जन शिक्षकों की गई नौकरी, CTET-STET में नहीं थे उत्तीर्ण

नीट रिजल्ट विवाद: कांग्रेस ने की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

NEET UG परीक्षा का रिज़ल्ट जारी, बिहार के 7 छात्र टॉप-100 में

BPSC TRE-3: गेस्ट टीचर के लिया दोबारा खुला पोर्टल, 10 जून तक कर सकेंगे आवेदन

आयोग का मानना है कि तथ्य सत्यापन के बिना यह आरोप बिल्कुल निराधार है, साथ ही यह आरोप आयोग की छवि को धूमिल करता है। इसी को देखते हुए आयोग ने अभ्यर्थियों से स्पष्टीकरण मांगा है।


आयोग ने इन अभ्यर्थियों को सूचना प्रकाशन के एक सप्ताह के अन्दर आयोग के ई-मेल पर अपना स्पष्टीकरण समर्पित करने की सलाह दी है। ऐसा नहीं करने पर आयोग अभ्यर्थियों के विरूद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करेगा और अभ्यर्थियों को आयोग के आगामी परीक्षाओं में भाग लेने से वंचित कर दिया जायेगा।

आयोग के अनुसार, निर्धारित अवधि तक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने की स्थिति में माना जायेगा कि इस संबंध में अभ्यर्थियों को कुछ नहीं कहना है और आयोग उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई के लिये स्वतंत्र होगा।

बताते चलें कि शिक्षक अभ्यर्थियों द्वारा BPSC द्वारा की जा रही शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया पर लगातार सवाल खड़े किये जा रहे हैं। इस संबंध में बहुत सारे अभ्यर्थियों ने मीडिया चैनलों पर जाकर अपनी समस्याओं को रखा है। हालांकि, आयोग भी लगातार अपनी ओर से अभ्यर्थियों के आरोप के जवाब दे रहा है।

उल्लेखनीय है कि बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने बार-बार अभ्यर्थियों को चेताया है कि आयोग के खिलाफ निराधार आरोप न लगायें, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जीयेगी। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट के माध्यम से भी अभ्यर्थियों को इस संबंध में आगाह किया था।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

Related News

पटना हाइकोर्ट ने BPSC के तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगाई रोक

BPSC के ‘बिहार कृषि सेवा’ परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का 5 जून से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

BPSC ब्लॉक हॉर्टिकल्चर ऑफिसर पदों के लिये 29 मई तक आवेदन, हाइकोर्ट के आदेश के बाद दोबारा खुला पोर्टल

15 मई तक आयेगा बिहार कृषि सेवा और BPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का रिज़ल्ट

BPSC द्वारा आयोजित ‘बिहार कृषि सेवा’ के विभिन्न पदों के लिये हुई परीक्षा का फाइनल उत्तर जारी

BPSC TRE समेत अन्य परीक्षा के लिये दो बार करना पड़ा है पेमेंट, तो ऐसे मिलेगा पैसा वापस

BPSC TRE-3: इस तारीख को होगी रद्द हुई परीक्षा, BPSC ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क

बिहार SIR नोटिस से डर के साय में हैं 1902 में भारत आये ईरानी मुसलमान