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कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिलवाने के लिये हर साल केंद्र सरकार को बोलते थे: नीतीश कुमार

पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर के पुत्र व राज्यसभा सांसद राम नाथ ठाकुर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबोधन के दौरान कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने हमेशा गरीबों और वंचितों के लिये काम किया और कभी भी अपने परिवार के लोगों को राजनीति में नहीं आने दिया।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :
nitish kumar

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकूर को भारत रत्न दिलवाने के लिये वह हर साल केंद्र सरकार को पत्र लिखते थे। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि केंद्र सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न प्रदान किया है और वह इसके लिये केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हैं।


पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में जदयू द्वारा आयोजित जननायक कर्पूरी ठाकूर के जन्म शताब्दी समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ये बातें कहीं।

बताते चलें कि केंद्र की मोदी सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को उनके 100वें जन्मदिवस पर ‘भारत रत्न’ देने का ऐलान किया है। भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की घोषणा की है।


कर्पूरी ठाकुर का जन्म 24 जनवरी 1924 को हुआ था। वह राज्य में दलितों और पिछड़ों के हितों में कदम उठाने वाले बड़े नेता माने जाते हैं। उन्हें जननायक कहा जाता है।

पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर के पुत्र व राज्यसभा सांसद राम नाथ ठाकुर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संबोधन के दौरान कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने हमेशा गरीबों और वंचितों के लिये काम किया और कभी भी अपने परिवार के लोगों को राजनीति में नहीं आने दिया।

“जननायक कर्पूरी जी अपने किसी परिवार के लिये कुछ करते थे? आजकल के लोग अपने परिवार के लोगों के लिये कितना कुछ करता है। नेता बनाता है। उतने बड़े नेता थे वो अपने किसी लड़के को राजनीति नहीं करने दिया। जब वो चले गये तब हम उनके बेटे रामनाथ ठाकुर जी को आगे बढ़ाये,” उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आजकल तो बहुत लोग अपने परिवार को ही आगे बढ़ाते रहता है। लेकिन आप समझ लीजिये कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी कभी भी अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ाये। एक बात और जान लीजिये कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी से सीख कर ही हमने भी अपने किसी परिवार को आजतक आगे नहीं बढ़ाया है। हम और लोगों को बढ़ावा देते हैं।”

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समारोह में बड़ी संख्या में पहुंचने पर नीतीश ने लोगों को धन्यवाद भी दिया। नीतीश कुमार ने कहा कि पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण दिलवाने में कर्पूरी ठाकूर का सराहनीय योगदान रहा है और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी काम किया है।

संबोधन के दौरान नीतीश ने अपने सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों की लंबी सूची गिनाकर अपने सरकार की पीठ थपथपाई।

“घर-घर बिजली पहुंचा दिया गया है…उसके बाद हर घर जल का नल। आप लोग जान ही रहे हैं। जहां भी कमी है, उसको ठीक करने के लिये भी हमलोगों ने जिम्मेवारी दे दिया है। ये सब काम लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को दे दिया है,” उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हर घर तक पक्की गली और नाली का हर गांव में… इसका भी इंतजाम कर दिया गया। शौचालय निर्माण भी कर दिया गया। हम तो शुरू से बोलते आ रहे हैं कि अगर खुले में शौच से मुक्ति और शुद्ध पीने का पानी मिल जाये तो 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है।”

जाति आधारित गणना पर बोलते हुए नीतीश ने कहा कि सरकार ने न सिर्फ गणना की बल्कि एक-एक परिवार की आर्थिक स्थिति का भी जायज़ा लिया और इसमें जिन जातियों की आबादी बढ़ी है, उसका आरक्षण भी बढ़ाया गया है।

संबोधन के दौरान नीतीश ने लोगों को आपस में मिलजुल कर रहने और राज्य में शांति बनाये रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिंदू हो मुस्लिम हो या किसी भी जाति का हो सबको एकजुट होकर शिक्षा के लिये काम करना चाहिये।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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