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मांझी का नीतीश पर तंज, कहा- आपसे अच्छे तो बड़े भाई थे, जमीन लेकर ही सही पर नौकरी तो बिहारियों को दी

बिहार की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में डोमिसाइल लागू करने को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि राज्य में डोमिसाइल लागू होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि “वोट दे बिहारी और नौकरी पाए बाहरी” यह नहीं चलेगा।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
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बिहार में दो नवंबर को एक तरफ बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक नियुक्ति में डोमिसाइल नीति लागू करने को लेकर बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है।

शिक्षक नियुक्ति में अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के चयन को लेकर मंगलवार को हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा (हम) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा तंज कसा, वहीं इशारों-इशारों में लालू प्रसाद पर भी निशाना साधा।

बताते चलें कि बिहार में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में डोमिसाइल को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसको लेकर अभ्यर्थियों ने पटना में आन्दोलन भी किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के दरमियान झड़प भी हुई।


“वोट दे बिहारी और नौकरी पाए बाहरी”, यह नहीं चलेगाः मांझी

बिहार की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में डोमिसाइल लागू करने को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि राज्य में डोमिसाइल लागू होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि “वोट दे बिहारी और नौकरी पाए बाहरी” यह नहीं चलेगा।

मांझी ने मंगलवार को अपने एक्स हैंडल से एक सूची जारी की, जिसमे चयनित अभ्यर्थियों के नाम हैं। इनमें अधिकांश नाम उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के हैं।

इस सूची को पोस्ट करते हुए मांझी ने लिखा कि दुनिया को ज्ञान का प्रकाश देने वाले “गया” जिले फतेहपुर में सरकार को बिहारी अभ्यर्थी ही नहीं मिले, इसलिए यहां के बच्चों को पढाने के लिए शिक्षक ‘इम्पोर्ट’ करके लाए गए हैं।

उन्होंने लालू यादव पर तंज कसते हुए आगे लिखा कि “आपसे अच्छे तो बडे भाई (लालू यादव) थे, जमीन लेकर ही सही पर नौकरी तो बिहारियों को दी, आप भी नौकरी यहीं के लोगों को ‘बेच’ देते।”

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मांझी ने नियुक्ति प्रक्रिया पर पहले भी उठाए सवाल

हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा सुप्रीमो जीतन राम मांझी पहले भी बीपीएससी द्वारा की जा रही शिक्षक नियुक्ति में धांधली का आरोप लगा चुके हैं। मांझी ने एक हफ्ते पहले शिक्षक नियुक्ति की तुलना कथित लैंड फॉर जॉब घोटाले से कर दी थी।

मांझी ने ट्वीट किया था, “BPSC शिक्षक नियुक्ति मामले की उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है। आरक्षण की अनदेखी कर यह नियुक्ति रेलवे के “लैंड फॉर जॉब” के तर्ज पर “मनी फॉर जॉब” स्कीम के तहत की गई है। “पैसा दो सरकारी नौकरी लो” घोटाले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। बिहार सरकार ने युवाओं का बेड़ा गर्क कर दिया है।”

बताते चलें कि कथित लैंड फॉर जॉब घोटाले में बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आरोपी हैं।

घोटाले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में लोगों को नौकरी दिलवाने के बदले उनकी जमीन अपने नाम लिखवा ली थी।

उल्लेखनीय है कि बिहार शिक्षक भर्ती में बिहार के अलावा अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को भी मौका मिला है। यूपी, झारखंड, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल हुए हैं। सफल अभ्यर्थियों को 2 नवंबर को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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