Main Media

Get Latest Hindi News (हिंदी न्यूज़), Hindi Samachar

Support Us

कटिहार के बारसोई में महिला पुलिस कर्मी ने की खुदकुशी, पंखा से लटका मिला शव

घटना को लेकर बारसोई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनवर जावेद अंसारी ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।

Md Minarul Reported By Md Minarul |
Published On :
female police personnel committed suicide in barsoi

बिहार के कटिहार स्थित राजकीय रेल थाना बारसोई में कार्यरत महिला पुलिस कर्मी ने अपने किराये के मकान में खुदकुशी कर ली। मृतका की पहचान 30 वर्षीय ज्योति कुमारी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बेगुसराय ज़िले के शाहपुर कमाल थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं।


घटना की जानकारी मिलते ही बारसोई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सीडीपीओ) जावेद अनवर अंसारी तथा बारसोई थाना अध्यक्ष दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तथा रेल पुलिस के डीएसपी की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला।

Also Read Story

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार: मुस्लिम नाबालिग को बालिग बताकर ढाई महीने जेल में रखा

“चोरी की घटना कबूलो, नहीं तो मारकर नपुंसक बना देंगे” – दो भाइयों ने बताई पुलिसिया अत्याचार की कहानी

अररिया में पत्रकार मुनव्वर से बंदूक के बल पर लूटपाट, दांत तोड़ा, तीन गिरफ्तार

ईसाई आदिवासियों पर बजरंग दल का हमला, कटिहार से Ground Report

बिहार में ऑनर किलिंग के बाद हत्यारे पिता के समर्थन में क्यों उतरे लोग?

पूर्णिया: डायन बताकर आदिवासी परिवार के 5 लोगों की हत्या, 3 गिरफ्तार

हिरासत में मौतों का केंद्र अररिया! फिर एक मौत, उठने लगे सवाल

बहादुरगंज का ‘साइको पुलिसवाला’, क्रूरता के कई मामले आये सामने

बताया जा रहा है कि ज्योति कुमारी पिछले दो दिनों से ड्यूटी पर नहीं आई थीं। ड्यूटी पर नहीं आने के कारण पता लगाने के लिए एक साथी उनके आवास पर गये, तो पाया कि ज्योति के कमरे का दरवाज़ा अन्दर से बंद था।


काफी आवाज़ लगाने के बाद भी जब अन्दर से आवाज़ नहीं आई, तो उनके साथी ने खिड़की से कमरे के अन्दर झांका, तो ज्योति कुमारी का लटकता हुआ पैर दिखाई दिया।

उसने तुरंत इसकी सूचना रेल पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सीढ़ी के माध्यम से खिड़की के अंदर देखा तो पता चला की ज्योति कुमारी ने पंखे से फंदा लगाकर आत्माहत्या कर ली है। आत्महत्या की सूचना इलाके में फैली तो रेल महकमे में सन्नाटा पसर गया।

बताया जा रहा है कि ज्योति के पति भी रेलवे पुलिस में कार्यरत थे, मगर कुछ साल पहले उनका निधन हो गया था। परिवार की सारी जिम्मेदारियां ज्योति कुमारी के कंधे पर ही थी।

इस संबंध में कटिहार रेलवे पुलिस के डीएसपी गौरव पांडे ने बताया कि ज्योति कुमारी वर्ष 2018 में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुई थी और वह वर्ष 2023 के अगस्त महीने से बारसोई रेल पुलिस में पदस्थापित थी।

शव को पोस्टमार्टम के लिए कटिहार सदर अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल, घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम सबूत को इकट्ठा करने में जुटी हुई है।

घटना को लेकर बारसोई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनवर जावेद अंसारी ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।

सीमांचल की ज़मीनी ख़बरें सामने लाने में सहभागी बनें। ‘मैं मीडिया’ की सदस्यता लेने के लिए Support Us बटन पर क्लिक करें।

Support Us

मो. मिनारूल कटिहार के रहने वाले हैं। बारसोई की सभी ख़बरों पर नजर रखते हैं।

Related News

‘4 घंटे PMCH में भटके, ऑक्सीजन के लिए पैसा मांगा’ – मृत दलित रेप पीड़िता के परिजन

गवाही के लिए 22 बार तारीख मिलने पर भी नहीं पहुंचे आईओ, गिरफ्तारी का आदेश

मुस्लिम युवक की टोपी उछाली, हत्या की, पुलिस ने कहा – मामला हेट क्राइम का नहीं

दिल्ली पुलिस ने किशनगंज के युवक को बांग्लादेशी होने के शक में हिरासत में लिया

बिहार के औरंगाबाद में बेटे की चाहत में बुजुर्ग की नरबलि!

अररिया: पुलिस मुठभेड़ में तनिष्क लूटकांड का आरोपी चुनमुन झा की मौत

अररिया में अपराधी को गिरफ्तार करने गए ASI की मौत, ‘पीट-पीटकर हत्या नहीं’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest Posts

Ground Report

बिहार के नवादा में अतहर की मॉब लिंचिंग के डेढ़ महीने बाद भी न मुआवज़ा मिला, न सबूत जुटे

बिहार चुनाव के बीच कोसी की बाढ़ से बेबस सहरसा के गाँव

किशनगंज शहर की सड़कों पर गड्ढों से बढ़ रही दुर्घटनाएं

किशनगंज विधायक के घर से सटे इस गांव में अब तक नहीं बनी सड़क

बिहार SIR नोटिस से डर के साय में हैं 1902 में भारत आये ईरानी मुसलमान