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स्कूल में फंदे से लटका मिला शिक्षक का शव

अररिया जिले के सिकटी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय पोखरिया आमगाछी से गुरुवार को एक शिक्षक का शव बरामद हुआ।

ved prakash Reported By Ved Prakash |
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अररिया जिले के सिकटी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय पोखरिया आमगाछी से गुरुवार को एक शिक्षक का शव बरामद हुआ। मामले की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने सिकटी थाना पुलिस को इसकी सूचना दी।


मृतक की पहचान गोपालजी केसरी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गोपालगंज जिले के रहने वाले थे। वह साल 2014 में प्रखंड शिक्षक के पद पर बहाल हुए थे और तभी से मध्य विद्यालय पोखरिया आमगाछी में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी भी उसी पंचायत में शिक्षक के पद पर बहाल थी। दोनों साथ में किराए के मकान में रहते थे। मृतक को 3 साल का एक बेटा भी है।

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घटना की सूचना पाकर अररिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार ने सदर अस्पताल पहुंच कर वहां मौजूद शिक्षकों से मुलाकात की और गहरी संवेदना और दुःख व्यक्त किया।


मृतक की पत्नी ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन का शिकार थे और उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि सिकटी में एक जमीन खरीदने को लेकर विवाद हुआ था। वहीं 8 साल से वह जिले में कार्यरत थे, लेकिन अपने गृह जिला ट्रांसफर नहीं होने की वजह से काफी टेंशन में रहा करते थे। अपने परिवार से दूर रहने के कारण वह डिप्रेशन का शिकार हो गए थे।

मध्य विद्यालय पोखरिया आमगाछी से आए एक शिक्षक ने बताया कि मृतक गोपालजी बहुत ही शांत स्वभाव के थे। वह प्रतिदिन की तरह गुरुवार को भी स्कूल पहुंचे थे। गुरुवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुछ कार्य से बाहर गए थे और उन्होंने विद्यालय का प्रभार गोपालजी केसरी को सौंपा था।

विद्यालय में शिक्षक की कमी रहने के कारण कक्षा 7 और 8 के बच्चों को एक साथ बैठाया गया था, जिस कारण पहली मंजिल पर कक्षा आठ का कमरा खाली था। उसी कमरे से केसरी का शव बरामद हुआ।

पुलिस इस मामले में सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

इधर, टीईटी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आफताब फिरोज ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के कमरे में शिक्षक ने किस परिस्थिति में आत्महत्या की है, इसकी जांच होनी चाहिए।

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अररिया में जन्मे वेद प्रकाश ने सर्वप्रथम दैनिक हिंदुस्तान कार्यालय में 2008 में फोटो भेजने का काम किया हालांकि उस वक्त पत्रकारिता से नहीं जुड़े थे। 2016 में डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। सीमांचल में आने वाली बाढ़ की समस्या को लेकर मुखर रहे हैं।

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