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मैट्रिक-इंटर परीक्षा के दौरान नहीं होगी स्कूलों की पढ़ाई बाधित, इस साल विभाग की ये है तैयारी

जिन विद्यालयों में परीक्षा केन्द्र होंगे, वहां भी कक्षा-9 व कक्षा-11 के बच्चों की पढ़ाई बदस्तूर चलती रहेगी। जिन स्कूलों में मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं होंगी, वहां के छात्रों को निकटतम उच्च माध्यमिक विद्यालय (जो परीक्षा केन्द्र नहीं हैं) से टैग किया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई जारी रहे।

Nawazish Purnea Reported By Nawazish Alam |
Published On :
school education will not be disrupted during matric inter examination

बिहार में फरवरी महीने में आयोजित होने वाली मैट्रिक और इंटर परीक्षा के लिये जो स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं होंगे, वहां पढ़ाई जारी रहेगी। दरअसल, जिन स्कूलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाये जाते हैं, वहां के शिक्षकों को भी परीक्षा के समय इनविजिलेटर की ड्यूटी देनी पड़ती है, जिससे उन स्कूलों में भी पढ़ाई बाधित हो जाती है।


शिक्षा विभाग के सचिव बैधनाथ यादव ने इस संबंध में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष और सभी ज़िला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखा है।

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जिन विद्यालयों में परीक्षा केन्द्र होंगे, वहां भी कक्षा-9 व कक्षा-11 के बच्चों की पढ़ाई बदस्तूर चलती रहेगी। जिन स्कूलों में मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं होंगी, वहां के छात्रों को निकटतम उच्च माध्यमिक विद्यालय (जो परीक्षा केन्द्र नहीं हैं) से टैग किया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई जारी रहे।


अक्सर यह देखा गया है कि मैट्रिक और इंटर जैसी बोर्ड परीक्षा के दौरान राज्य के सभी स्कूलों में सभी कक्षाओं की पढ़ाई बाधित हो जाती है।

पत्र के अनुसार, पिछले सालों में परीक्षा केन्द्र के चलते तथा इन केन्द्रों में इनविजिलेटर के कार्य के लिये शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के चलते सभी 75 हजार स्कूलों में अध्यापन कार्य बाधित हो जाता है। इस पर विभाग द्वारा काफी सोच-विचार किया गया और सभी पदाधिकारियों व बोर्ड के पदाधिकारियों से भी चर्चा की गई।

बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष से परीक्षा के दौरान स्कूलों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जायेगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी इनविजिलेटर की ड्यूटी के लिये रैंडम प्रक्रिया से शिक्षकों का चयन करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी स्कूलों से बराबर संख्या में शिक्षक परीक्षा की ड्यूटी में भाग लें।

बताते चलें कि प्रत्येक वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति मैट्रिक और इंटर की बोर्ड परीक्षा का आयोजन फरवरी माह में करती है।

बोर्ड परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान भी कक्षा 9 तथा 11 की पढ़ाई बाधित न हो, जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इसका भी ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।

पत्र के मुताबिक़, बिहार के लगभग 300 विद्यालयों में बोर्ड की परीक्षा की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। ऐसे विद्यालयों में कक्षा 9 व 11 के बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिये जिला शिक्षा पदाधिकारी उन स्कूलों का चयन करेंगे जिन स्कूलों में पर्याप्त कमरे होंगे।

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नवाजिश आलम को बिहार की राजनीति, शिक्षा जगत और इतिहास से संबधित खबरों में गहरी रूचि है। वह बिहार के रहने वाले हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मास कम्यूनिकेशन तथा रिसर्च सेंटर से मास्टर्स इन कंवर्ज़ेन्ट जर्नलिज़्म और जामिया मिल्लिया से ही बैचलर इन मास मीडिया की पढ़ाई की है।

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