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लगातार 29 सालों से विधायक हैं बिहार विधानसभा के नए स्पीकर नंदकिशोर यादव

नंदकिशोर यादव को बिहार भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक गिना जाता है। कहा जाता है कि वह स्कूली दिनों से ही आरएसएस से जुड़ गए थे। 1970 के दशक में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और छात्र नेता के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की।

syed jaffer imam Reported By Syed Jaffer Imam |
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पटना साहिब से भाजपा विधायक नंद किशोर यादव बिहार विधानसभा के नए स्पीकर बनाए गए। गुरुवार को सदन में सर्वसम्मति से नंदकिशोर विधानसभा के सभापति चुने गए। वरिष्ठ भाजपा नेता नंदकिशोर यादव के स्पीकर बनने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें बधाई दी और दोनों उन्हें कुर्सी तक साथ लेकर गए।

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सदन का नेता चुना गया, वहीं तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष बनाए गए। इसकी घोषणा उप सभापति महेश्वर हजारी ने की। नंदकिशोर यादव को सभापति बनाने के बाद विधानसभा को 19 फरवरी तक स्थगित कर दिया गया।

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बता दें कि बीते 12 फरवरी को सदन में तत्कालीन स्पीकर और राजद नेता अवध बिहारी चौधरी को विधानसभा के सभापति पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। एनडीए सरकार बहुमत परीक्षण में सफल हुई थी और अगले दिन नंदकिशोर यादव ने विधानसभा स्पीकर के लिए नामांकन किया था।


1978 में बने पटना नगर निगम में वार्ड मेंबर

नंदकिशोर यादव को बिहार भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक गिना जाता है। कहा जाता है कि वह स्कूली दिनों से ही आरएसएस से जुड़ गए थे। 1970 के दशक में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और छात्र नेता के तौर पर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। नंदकिशोर 1978 में पटना नगर निगम के पार्षद बने और फिर नगर निगम के उप महापौर बने। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष भी रहे।

1995 में नंदकिशोर यादव पूर्वी पटना के विधायक चुने गए और 2005 तक वह उस सीट पर जीत कर आते रहे। 2010 में पूर्वी पटना को पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र बना दिया गया। नंदकिशोर यादव 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में पटना साहिब के विधायक चुने गए।

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सैयद जाफ़र इमाम किशनगंज से तालुक़ रखते हैं। इन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी से जन संचार एवं पत्रकारिता में ग्रैजूएशन करने के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता (पीजी) की पढ़ाई की। 'मैं मीडिया' के लिए सीमांचल के खेल-कूद और ऐतिहासिक इतिवृत्त पर खबरें लिख रहे हैं। इससे पहले इन्होंने Opoyi, Scribblers India, Swantree Foundation, Public Vichar जैसे संस्थानों में काम किया है। इनकी पुस्तक "A Panic Attack on The Subway" जुलाई 2021 में प्रकाशित हुई थी। यह जाफ़र के तखल्लूस के साथ 'हिंदुस्तानी' भाषा में ग़ज़ल कहते हैं और समय मिलने पर इंटरनेट पर शॉर्ट फिल्में बनाना पसंद करते हैं।

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